आप कितने सहज होते हैं लिफ़्ट में?

ऐसा अक्सर देखा जाता है कि लिफ्ट में घुसते ही हमारा व्यवहार असामान्य हो जाता है.
हम में से शायद ही किसी ने इस बात को ज्यादा तवज्जो दी हो, लेकिन शैरलोट के नार्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉक्टर ली ग्रे ने हमारे इस व्यवहार की पड़ताल की और उन्होंने कई बिंदुओं को रेखांकित किया.
डॉ. ग्रे का कहना है, “हम में से ज्यादातर लोग लिफ्ट में घुसते ही अटपटा महसूस करने लगते हैं, अधिकांश लोग एक दूसरे से नजर मिलाने से भी बचते हैं.”
डॉ. ली का कहना है कि ज्यादातर लोगों की कोशिश ये होती है कि वो अपने मोबाइल में गुम हो जाते हैं.
ली कहते हैं कि, “आमतौर पर लिफ्ट में ज्यादातर लोग एक ही मुद्रा में खड़े हो जाते हैं, जबकि आप यहां बहुत सहज तरीके से खड़े रह सकते हैं. लिफ्ट में घुसने वाले नए लोगों के साथ भी सहजता से पेश आ सकते हैं”
बर्लिन के फ्री विश्विद्यालय के मनौवैज्ञानिक प्रो. बबेटे रेनेबर्ग का कहना है कि, “जब हम लिफ्ट में यात्रा कर रहे होते हैं तो वहां काफी संकरी जगह होती है और ये स्थिति बहुत ही असुविधाजनक होती है.”
लिफ्ट में 41 घंटे
वहीं 41 घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने वाले न्यूयार्क के एक कर्मचारी निक व्हाइट का कहना है कि, “लिफ्ट को लेकर हमारे दिमाग में कई तरह की आशंकाएं रहती हैं.”
निक कहते हैं,” हम किसी जगह बंद होने के आदि नहीं होते हैं और लिफ्ट में घुसते ही बंध जाने का अहसास होने लगता है, हम जल्दी से जल्दी इससे बाहर निकल आना चाहते हैं.”
लिफ्ट के इस तनावपूर्ण माहौल पर डॉक्टर ली भी मुहर लगाते हैं.
उनका कहना है कि, “ दरअसल, आप एक ऐसी मशीन में बंद रहते हैं जिसमें आप घुसते तो हैं लेकिन उसके काम करने के तरीके को देख नहीं पाते और ये अंधेरे में कुछ ढूंढने जैसा है.”
लिफ्ट है सबसे सुरक्षित
हालांकि डॉ. ली लिफ्ट को सबसे बेहतर सुविधआओं वाला ट्रांसपोर्ट मानते हैं.
ली कहते हैं, “लिफ्ट दूसरे तमाम ट्रांसपोर्ट सर्विस के मुकाबले काफी सुरक्षित है.”
“इसमें कम हादसे होते हैं.लिफ्ट से दुनिया भर में हर रोज कई मील यात्राएं होती है लेकिन उसके मुकाबले हादसे बहुत कम होते हैं.”
ली कहते हैं कि, ”हमें इस सोच के साथ लिफ्ट का प्रयोग करना चाहिए ताकि हमारे भीतर लिफ्ट को लेकर जो अवधारणाएं बन गई हैं वो खत्म हो सके.”












