You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कौन थे डॉ. धर्मदेव राठी जिनका पाकिस्तान में हुआ मर्डर
- Author, शुमाइला ख़ान
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, कराची से
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के हैदराबाद शहर में मारे गए डॉक्टर धर्मदेव राठी का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया. होली के त्यौहार से एक दिन पहले डॉ. राठी की गला काटकर हत्या कर दी गई थी.
डॉ. धर्मदेव राठी का परिवार सिंध प्रांत के थार रेगिस्तान इलाक़े के छछरों तहसील क्षेत्र से है. उनके पिता हैदराबाद में रहने आए थे जहां वो सरकारी नौकरी में थे.
धर्मदेव राठी ने साल 1984 में जमशोरो मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी. वो कॉलेज के दिनों के दौरान बहसों में भी हिस्सा लिया करते थे.
कराची के सिंध प्रांत की राजधानी बनने से पहले हैदराबाद ही पाकिस्तान के इस प्रांत की राजधानी थी. ये सिंध का दूसरा सबसे बड़ा शहर भी है. यहां के सदर इलाक़े में एक डॉक्टर स्ट्रीट है.
इस गली में हर मर्ज़ की दवा करने वाले डॉक्टरों के क्लिनिक हैं और दूर-दूर से लोग यहां इलाज कराने आते हैं.
डॉ. राठी पिछले चार दशक से इसी इलाक़े में अपना क्लिनिक चलाते थे. उन्हें हैदराबाद के शीर्ष त्वचा रोग विशेषज्ञों में शुमार किया जाता था.
धर्मदेव की हत्या के आरोप में उनके ड्राइवर हनीफ़ लाघारी और खानशामे दिलीप को गिरफ़्तार कर लिया है.
एसएसपी हैदराबाद अमजद शेख ने बीबीसी को बताया है कि अभियुक्तों को हत्या के चौबीस घंटे के भीतर ही गिरफ़्तार कर लिया गया था और हत्या में इस्तेमाल चाकू को बरामद कर लिया गया है.
पुलिस के मुताबिक, "ड्राइवर का कहना है कि डॉक्टर उस पर गाड़ी से पेट्रोल चुराने का आरोप लगाते थे, हत्या के दिन भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी. डॉक्टर अकेले रहते थे और उनका परिवार अमेरिका में रहता है. ड्राइवर और बावर्ची ने डॉक्टर को लूटने की योजना बनाई. उस दिन दोनों ने डॉक्टर को लूटने की कोशिश की लेकिन जब उन्होंने विरोध किया और आगे देख लेने की धमकी दी तो डॉक्टर की हत्या कर दी गई."
डॉ. धर्मदेव राठी के भाई अशोक कुमार राठी ने हैदराबाद के भटाई नगर थाने में उनकी हत्या का मुक़दमा दर्ज करवाया है. अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि 8 मार्च को रात 11 बजे जब वो अपने भाई के घर आए तो बंगले का दरवाज़ा खुला था, घर में ख़ून फैला हुआ था और बावर्ची दिलीप वहीं बैठा.
अशोक कुमार के मुताबिक वो आनन-फानन में अपने भाई के घर के भीतर गए तो टीवी लॉन्ज के पास सीढ़ियों के नीचे उनकी लाश पड़ी थी.
अशोक कुमार के मुताबिक उन्होंने दिलीप से ड्राइवर मोहम्मद हनीफ़ और अपने भाई की कार के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कार और ड्राइवर यहां नहीं हैं. इसी दौरान उनके बड़े भाई ओम प्रकाश भी वहां पहुंच गए और दोनों अपने भाई के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल लेकर गए.
डॉ. राठी की पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा अमेरिका में रहते हैं.
उनके पाकिस्तान पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार किया गया है. पीड़ित परिवार गुरुवार देर रात पाकिस्तान पहुंचा और शुक्रवार सुबह उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.
सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों में कहा गया था कि ड्राइवर होली को लेकर ग़ुस्सा था और उसने डॉक्टर की हत्या कर दी.
लेकिन पुलिस अधीक्षक अमजद शेख़ का कहना है कि अभी तक की जांच में धर्म से जुड़ा कोई तथ्य सामने नहीं आया है.
बीबीसी से बात करते हुए डॉ. राठी के भाई अशोक कुमार ने कहा है कि उन्हें हैदराबाद पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा है.
अशोक कुमार कहते हैं कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया था, हत्या के कारणों के बारे में पुलिस ही अधिक बता सकती है.
पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. राठी के गले पर काटे जाने के तीन निशान थे. गहरे कट की वजह से सांस की नली कट गई थी. पुलिस को शक है कि हत्या कार में की गई और फिर लाश को घर में लाया गया.
राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ज्ञानचंद इसरानी का कहना है कि एक देवता जैसे व्यक्ति की ज़िंदगी का हिंसक अंत कर दिया गया.
उन्होंने कहा है कि सिंध सरकार पीड़ित परिवार को क़ानूनी मदद देगी ताकि हत्यारों को सज़ा दिलाई जा सके.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)