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नेपाल में प्रचंड सरकार को छोड़ने वाले कौन हैं रवि लामिछाने और उनकी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी?
नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' के नेतृत्व वाली सरकार को छोड़ने का फैसला किया है.
हालांकि गठबंधन सरकार में शामिल पार्टी फिलहाल सरकार से समर्थन वापस नहीं ले रही है.
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने सरकार छोड़ने का फैसला अपने अध्यक्ष रवि लामिछाने को मंत्री पद न दिए जाने के बाद लिया है.
कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री प्रचंड उन्हें दोबारा गृह मंत्री के तौर पर बहाल करने से इनकार कर रहे हैं.
पार्टी की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लामिछाने ने कहा कि उनकी पार्टी के मंत्री रविवार को इस्तीफा दे देंगे.
फिलहाल प्रचंड सरकार में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के तीन मंत्री हैं. इन सभी ने कैबिनेट से इस्तीफा देने का फैसला किया है.
लामिछाने की पार्टी के नेपाली संसद में 19 सांसद हैं और यह चौथी सबसे बड़ी पार्टी है.
लेकिन नागरिकता के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद लामिछाने का सांसद का दर्जा छिन गया था.
इसके बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष और मंत्री बने रहने के लिए उनका नेपाली नागरिक होना ज़रूरी है.
पार्टी क्यों छोड़ रही है सरकार का साथ?
काठमांडू पोस्ट की एक ख़बर के मुताबिक 29 जनवरी को उन्होंने नेपाली नागिरकता दोबारा हासिल कर ली थी, जो 2014 में अमेरिकी नागरिकता लेने के बाद अपने आप रद्द हो गई थी.
लेकिन दोबारा नेपाली नागरिकता लेने के बावजूद प्रचंड ने उन्हें मंत्री नहीं बनाया. इसके बाद ही पार्टी ने सरकार से बाहर रहने का फैसला किया.
इसके पहले राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने कहा था कि उन्होंने पहले ही सरकार छोड़ने का फैसला कर लिया था लेकिन प्रचंड और गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी सीपीएन-यूएमएल के प्रमुख ओली के अनुरोध पर दो दिनों तक इंतज़ार करने के लिए तैयार हो गए थे.
रविवार को पार्टी की बैठक से रवि लाछिमाने ने प्रचंड से उनके घर पर मुलाकात की थी. गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद लामिछाने ने प्रचंड से ओली से मशविरा किया था.
लामिछाने के बाहर जाने से प्रचंड सरकार पर क्या असर?
बीबीसी नेपाली सेवा की ख़बर के मुताबिक़ टीवी पत्रकार से नेता बने लामिछाने ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका से नेपाल लौटने की कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे लंबे तक इंटरव्यू करने का रिकॉर्ड बनाया है. दुनिया के मीडिया में उन्हें जगह दी गई लेकिन नेपाली मीडिया ने उन्हें नज़रअंदाज़ किया. नेपाली मीडिया ने उन्हें नागरिकता और पासपोर्ट के सवाल पर भी घेरा.
उन्होंने कहा, ''क्या आपने कभी मुझे यह कहते सुना है कि मैं खुद गृह मंत्री बनूंगा? हमारी एकमात्र बात यह है कि हमें गृह मंत्रालय मिलना चाहिए जो हमारा है."
लामिछाने ने कहा कि उन्होंने अपनी अमेरिकी नागरिकता वापस करने के बाद ही नेपाली पासपोर्ट का इस्तेमाल किया और कहा कि वह इस मुद्दे का सामना करेंगे.
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेपाल के संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में 19 सांसद हैं. प्रतिनिधि सभा में प्रचंड सरकार को बहुमत के लिए 138 सांसदों के समर्थन की ज़रूरत है. ऐसे में स्वतंत्र पार्टी समर्थन वापस भी लेती है तो भी प्रचंड सरकार बहुमत में रहेगी. प्रचंड के पास 268 सदस्यों का समर्थन है.
सरकार में शामिल नहीं हुई नेपाली कांग्रेस ने भी प्रचंड के पक्ष में वोट दिया था. निचले सदन के 12 दलों में से दस दल और सभी निर्दलीय प्रचंड के पक्ष में हैं.
लामिछाने के पक्ष में ओली
रविवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष केपी ओली ने रवि लामिछाने की नागरिकता मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की.
ओली, जो पूर्व प्रधान मंत्री भी हैं, उन्होंने टिप्पणी की कि अदालत के फैसले से किसी को लाभ नहीं होगा.
"अदालत का काम न्याय देना है. मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस फैसले से किसे न्याय मिला है.''
ओली ने कहा कि "नागरिकता का मुद्दा केवल एक 'प्रक्रियात्मक त्रुटि' थी, लेकिन इसके कारण कई लोगों को नुकसान हुआ है. उसमें सांसद गए, पार्टी प्रमुख गए, गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री गए. अगर रवि लमिछाने को न्याय नहीं मिला तो किसे न्याय मिलेगा?"
उन्होंने दावा किया कि लामिछाने मामले में फैसला भविष्य में विदेश में रहने वाले नेपालियों के लिए मतदान के अधिकार के मुद्दे को भी प्रभावित कर सकता है.
संसदीय राजनीति में नए हैं लामिछाने
लंबे समय तक मीडिया क्षेत्र में काम कर चुके स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने चुनाव से कुछ महीने पहले ही पार्टी की शुरुआत की थी.
इस पार्टी ने पहले चुनाव में 20 सीटों पर जीत हासिल की थी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा नागरिकता विवाद पर फैसला सुनाते हुए लामिछाने के सांसद पद को खारिज करने के बाद इस पार्टी के पास 19 सांसद हैं.
रवि लामिछाने के सांसद पद को रद्द किए जाने के बाद खाली हुई चितवन निर्वाचन क्षेत्र संख्या 2 में होने वाले उपचुनाव पर अभी फैसला होना बाकी है.
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