ब्रिटेन: प्रधानमंत्री ऋषि सुनक पर पुलिस ने लगाया जुर्माना, सीट बेल्ट न लगाने का मामला

इमेज स्रोत, rishisunakmp/Instagram/PA Wire
चलती कार में सीट बेल्ट न लगाने के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक पर पुलिस ने जुर्माना लगाया है. ऋषि सुनक चलती कार में सोशल मडिया के लिए वीडियो बना रहे थे.
लैंकाशर पुलिस ने कहा है कि उन्होंने लंदन में 42 साल के एक व्यक्ति पर जुर्माना देने की शर्त पर फिक्स्ड पेनल्टी लगाई है.
इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने एक छोटा वीडियो बनाने के लिए सीट बेल्ट खोल ली थी जो एक ग़लती थी.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया, "पीएम अपनी ग़लती स्वीकार करते हैं और उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी मांग ली है. वो मानते हैं कि सभी को सीट बेल्ट लगानी चाहिए."
ब्रिटेन में कार में सीट बेल्ट होते हुए इसका इस्तेमाल न करने पर 100 पाउंड (क़रीब 10 हज़ार रुपये) का जुर्माना लगाया जाता है. अगर व्यक्ति जुर्माना देने से इनकार करे और मामला कोर्ट तक पहुंचे तो इसे बढ़ाकर 500 पाउंड तक किया जा सकता है.
जिस वक्त ये वीडियो बनाया जा रहा था उस वक्त प्रधानमंत्री सुनक इंग्लैंड के उत्तरी हिस्से के दौरे पर थे और लैंकाशर पहुंचे थे.
वीडियो में ऋषि सुनक ये बता रह थे कि अर्थव्यवस्था में विकास के लिए उनकी सरकार किस तरह स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ाकर नई नौकरियां पैदा करने की कोशिश कर रही है.
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दूसरी बार लगा जुर्माना
सुनक ने ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया था.
ये दूसरी बार है जब सरकार में रहते हुए सुनक पर जुर्माना लगाया गया है.
बीते साल अप्रैल में उन पर कोविड के मद्देनज़र लगाए गए लॉकडाउन के नियम तोड़ने का आरोप लगा था. उनके साथ-साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और उनकी पत्नी कैरी पर जून 2020 में एक जन्मदिन की एक पार्टी में शिरकत करने का आरोप था.
ब्रिटेन में क़ानून तोड़ने के आरोप में जुर्माना लगाया जाता है जिसे फिक्स्ड पेनल्डी कहते हैं. व्यक्ति को 28 दिनों के भीतर या तो ये जुर्माना देना होता है या फिर कोर्ट में इसे चुनौती देनी होती है.
अगर व्यक्ति मामले को कोर्ट में चुनौती देना चाहता है तो पुलिस मामले की एक बार फिर जांच करती है और इस बात का फ़ैसला करती है कि वो व्यक्ति पर लगा जुर्माना हटाए या फिर कोर्ट में केस लड़े.
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विपक्ष कर रहा आलोचना
सुनक पर जुर्माना लगाए जाने के बाद से विपक्ष उनकी कड़ी आलोचना कर रहा है. लेबर पार्टी की डिप्टी प्रमुख एंगेला रेनर ने एक ट्वीट कर कहा कि ऋषि सुनक सरकार की "ज़िम्मेदारी बन गए हैं".
वहीं लेबर पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, "बदकिस्मत ऋषि सुनक अर्थव्यवस्था के विकास की बात करने का दिखावा कर रहे थे लेकिन ये पूरी तरह उल्टा पड़ गया और वो खुद हंसी का पात्र बन गए."
लिबरल डेमोक्रेट्स ने कहा है कि ऋषि सुनक दूसरे प्रधानमंत्री हैं जिन पर पद पर रहते हुए जुर्माना लगाया गया है. उन्होंने कहा, "बोरिस जॉनसन की तरह उन्होंने भी ये दिखा दिया है कि उन्हें नियमों की कद्र नहीं है."
लिबरल डेमोक्रेट्स नेता डेज़ी कूपर ने कहा, "पार्टीगेट से लेकर सीट बेल्ट गेट तक, कंज़र्वेटिव पार्टी के इन नेताओं को लगता है कि ब्रितानी नागरिक बेवकूफ़ हैं वो इस तरह बर्ताव कर रहे हैं जैसे उनके लिए एक तरह के नियम हों और बाकियों के लिए अलग तरह के. ये जुर्माना इन कंज़र्वेटिव नेताओं के लिए एक फटकार की तरह है."
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कंज़र्वेटिव पार्टी के नेताओं ने ऋषि सुनक का बचाव किया है. ब्लैकपूल से नेता स्कॉट बेनटन ने कहा है, "ग़लती हर किसी से हो जाती है".
उन्होंने कहा कि पुलिस को "हमारे समुदाय में गंभीर अपराध रोकने पर ध्यान लगाना चाहिए. इस मामले को बढ़ाचढ़ा कर न देखें. हर साल हज़ारों लोगों पर इस तरह की फिक्स्ड पेनल्डी लगाई जाती है."
ब्रिटेन में 14 या 14 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए कार, वैन और दूसरी गाड़ियों में सफर करते वक्त सीट बेल्ट लगाना बाध्यकारी है. 14 साल से कम उम्र के बच्चों के मामले में गाड़ीचालक को ज़िम्मेदार माना जाता है.
जिन गाड़ियों में सीट बेल्ट नहीं लगी उनमें यात्री इससे बच सकते हैं. मेडिकल कारणों से (डॉक्टर द्वारा दिए गए मेडिकल सर्टिफ़िकेट के आधार पर) या पुलिस की गाड़ियों, अग्निशमन गाड़ियों और बचाव के लिए इस्तेमाल हो रही गाड़ियों में सीट बेल्ट बिना लगाए सफर करने पर जुर्माना नहीं लगता.
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