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पाकिस्तान के बन्नू में इतनी विस्फोटक स्थिति बनी कैसे
- Author, शुमाएला जाफ़री
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद
रविवार (18 दिसंबर) को दोपहर के क़रीब पाकिस्तान में ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह के बन्नू ज़िले में हुई एक चरमपंथी घटना ट्विटर पर ट्रेंड करने लगी. ट्विटर पर लोग लिख रहे थे कि स्थिति बहुत विस्फोटक है और पास के ही एक सैनिक छावनी से गोलीबारी की आवाज़ सुनी जा रही है.
कुछ स्थानीय नागरिक और कुछ पत्रकार यह ख़बर दे रहे थे कि सैनिक छावनी की घेराबंदी कर दी गई है और सुरक्षाकर्मी हमले की जगह पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
सुरक्षा के एतबार से बन्नू एक संवेदनशील इलाक़ा है क्योंकि वहां कई चरमपंथी संगठन सक्रिय हैं और ख़ासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का वो गढ़ माना जाता है. ट्विटर पर लोग यही लिख रहे थे कि सैनिक छावनी पर हमला हुआ है.
ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह सरकार के प्रवक्ता बैरिस्टर सैफ़ ने शाम को इस बात की पुष्टि कर दी कि बन्नू कैंट के अंदर स्थित आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी) के एक इन्टेरोगेशन सेंटर पर चरमपंथियों ने घेराबंदी कर रखी है लेकिन उन्होंने आश्वस्त किया कि स्थिति नियंत्रण में है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस केंद्र पर बाहर से कोई हमला नहीं हुआ था, बल्कि अंदर के ही एक आदमी ने आतंकवाद निरोधी विभाग के एक अधिकारी को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है और उससे उसकी बंदूक़ छीन ली है.
प्रवक्ता ने बताया कि उस व्यक्ति ने सीटीडी के अधिकारियों को बंदी बनाकर उस केंद्र में क़ैद कई संदिग्ध चरमपंथियों को छुड़ा लिया है. उन्होंने कहा कि बंधक बनाने वाले चरमपंथी अफ़ग़ानिस्तान जाने के लिए सेफ़ पैसेज यानी सुरक्षित रास्ते की माँग कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल
बाद में सोशल मीडिया पर बंधक बनाने वाले लोगों का एक वीडिया भी वायरल हुआ. सिविल ड्रेस में बैठे हुए एक सीटीडी अधिकारी के इर्द-गिर्द तीन चरमपंथी वीडियो में साफ़ दिख रहे थे.
सीटीडी अधिकारी के सिर पर घाव दिख रहा था जिस पर पट्टी बंधी हुई थी. एक चरमपंथी जिसका चेहरा ढका हुआ था उसने कहा कि उन लोगों ने सूबेदार मेजर ख़ुर्शीद अनवर समेत आठ से 10 अधिकारियों को बंधक बना लिया है.
उन्होंने यह भी कहा कि उन लोगों ने अपने 35 साथियों को भी छुड़ा लिया है. उन्होंने धमकी दी कि अगर उन्हें अफ़ग़ानिस्तान जाने के लिए सेफ़ पैसेज (सुरक्षित रास्ता) नहीं दिया गया तो वो लोग सूबेदार मेजर और सीटीडी के बाक़ी अधिकारियों को मार देंगे.
उन्होंने छावनी में मौजूद आम नागरिकों को भी मारने की धमकी दी.
चरमपंथियों ने सूबेदार मेजर को मजबूर किया कि वो वीडियो के ज़रिए अपील करें कि चरमपंथियों की मांग मान ली जाए लेकिन ख़ुर्शीद अनवर ने उनकी बता नहीं मानी. हालांकि वीडियो में अनवर बहुत ही तनाव और ग़ुस्से में देखे जा सकते थे.
उस वीडियो ने पाकिस्तान में लोगों को ख़ौफ़ज़दा कर दिया था. बन्नू इलाक़े में इमररजेंसी लागू कर दी गई. सरकार ने स्कूल बंद करने की घोषणा कर दी. ऑफ़िस, कारोबार और बाज़ार को भी बंद कर दिया गया. बन्नू की मुख्य सड़क मिरानशाह रोड को भी ट्रैफ़िक के लिए बंद कर दी गई.
सभी अस्पतालों में इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं. जब रात हो गई तो लोगों को लगा कि बंधक बनाए गए लोगों को सुबह तक छुड़वा लिया जाएगा लेकिन उस इलाक़े में पूरी शांति थी. सेना तथा सरकार की तरफ़ से भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी.
सोमवार को प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने एक बयान जारी किया और इस बात की ज़िम्मेदारी ली कि बंधक बनाने वाले लोग उसके लड़ाके हैं. टीटीपी ने कहा कि उनकी मांगों के बारे में पाकिस्तान के उच्च अधिकारियों को बता दिया गया है लेकिन सरकार की तरफ़ से कोई 'सकारात्मक' जवाब उन्हें नहीं मिला है.
लेकिन उस बयान से ऐसा लग रहा था कि चरमपंथी हमले की ज़िम्मेदारी लेने से ज़्यादा टीटीपी इसके ज़रिए अफ़ग़ान तालिबान की इस मामले में स्थिति स्पष्ट करना चाह रही थी.
पाकिस्तान की कोशिश
पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार से लगातार कहता रहा है कि वो वहां पनाह लिए हुए टीटीपी के चरमपंथियों पर लगाम लगाएं जो कि पाकिस्तान में चरमपंथी गतिविधियों में लगातार शामिल रहे हैं.
टीटीपी ने अपने बयान में कहा कि बंधक बनाने वालों को उत्तर या दक्षिण वज़ीरिस्तान तक का सेफ़ पैसेज दिया जाए और पहले उन लोगों ने ग़लती से अफ़ग़ानिस्तान तक सुरक्षित रास्ता देने की मांग कर दी थी.
ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में इमरान ख़ान की पार्टी की सरकार है. इमरान ख़ान ने ट्विटर पर शहबाज़ शरीफ़ की सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद का ख़तरा बढ़ता जा रहा है और शहबाज़ शरीफ़ की सरकार उसे रोकने में नाकाम रही है.
इमरान ख़ान ने कहा कि अर्थव्यवस्था को ज़मीन पर लाने के साथ-साथ यह 'आयातित' सरकार चमन से स्वात, लक्की मारवत और बन्नू तक हो रही चरमपंथी घटनाओं पर क़ाबू पाने में नाकाम रही है.
उनके मुताबिक़ पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में 50 फ़ीसद का इज़ाफ़ा हुआ है.
चरमपंथियों से बात की कोशिश
ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह की प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि कर दी कि सरकार चरमपंथियों से बातचीत कर रही है.
लेकिन इसी बीच अंतिम ऑपरेशन के लिए पाकिस्तानी सेना के कमांडो और अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात कर दिया गया.
पाकिस्तानी सेना के संपर्क विभाग के महानिदेशक मेजर जनरल अहमद शरीफ़ चौधरी ने बाद में मीडिया से कहा कि सेना चाहती थी कि इस ऑपरेशन में कम से कम ख़ून-ख़राबा हो, इसलिए स्थानीय बुज़ुर्गों की मदद से सेना ने बंधक बनाने वालों से बातचीत की और उन्हें बिना शर्त सरेंडर करने के लिए कहा.
लेकिन चरमपंथियों ने सरेंडर नहीं किया.
उन्होंने कहा कि चरमपंथियों की मांग पूरी तरह अनुचित थी और इसी कारण उन्हें सिरे से ख़ारिज कर दी गई थी.
मंगलवार (20 दिसंबर) को दोपहर क़रीब 12:30 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ. पाकिस्तानी सेना के कमांडो ने परिसर को चारों तरफ़ से घेर लिया. सोशल मीडिया पर कई स्थानीय लोग वीडियो शेयर करने लगे जिसमें धमाकों और दोनों तरफ़ से गोलीबारी की आवाज़ सुनी जा सकती थी. इस दौरान सीटीडी परिसर से धुएं को निलकते हुए भी देखा जा सकता था.
ऑपरेशन पर सरकार और सेना का बयान
कई घंटों तक चली गोलीबारी के बाद रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने संसद को बताया कि 2:30 बजे तक पूरे परिसर को ख़ाली करा लिया गया था. हालांकि पूरे परिसर की छानबीन देर शाम तक चलती रही.
रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन में सारे चरमपंथी मारे गए हैं. उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में तीन सैनिकों की भी जान गई जबकि एक अधिकारी समेत 10 सैनिक घायल हुए हैं.
मेजर जनरल अहमद शरीफ़ चौधरी ने एक स्थानीय न्यूज़ चैनल को बताया कि सूबेदार मेजर ख़ुर्शीद अनवर ने इस ऑपरेशन में अपनी जान गंवा दी. उनके मुताबिक़ उनको बंधक बनाए जाने के बावजूद उन्होंने बहादुरी से लड़ाई की.
उनके मुताबिक़ इस ऑपरेशन में कुल 25 चरमपंथी मारे गए, सात ने सरेंडर कर दिया और तीन लोग गिरफ़्तार हुए हैं.
पाकिस्तान में टीटीपी साल 2007 से हथियारबंद अभियान चला रही है. कुछ हफ़्ते पहले टीटीपी ने घोषणा की थी कि उसने सीज़फ़ायर को समाप्त कर दिया है और पाकिस्तानी सरकार से चल रही बातचीत से उन्होंने ख़ुद को अलग कर लिया था.
उसके बाद से सुरक्षाकर्मियों पर उनके हमलों में इज़ाफ़ा देखा जा रहा है.
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