सऊदी अरब ने भारतीयों के लिए वीज़ा नियमों में दी ये अहम छूट

सऊदी अरब ने फ़ैसला किया है कि अब भारतीय नागरिकों को वहां का वीज़ा हासिल करने के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट यानी पीसीसी जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी.

इसकी जानकारी दिल्ली स्थित सऊदी दूतावास ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए दी.

सऊदी दूतावास ने ट्वीट किया, "सऊदी अरब और भारत के बीच मज़बूतों रिश्तों और रणनीतिक साझेदारी को देखते हुए भारतीयों को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जमा करने से छूट दी गई है."

दूतावास ने कहा, "यह फ़ैसला दोनों देशों के रिश्तों को और मज़बूत बनाने की प्रयासों की कड़ी के तहत किया गया है."

इस निर्णय के बाद सऊदी अरब के लिए वीज़ा हासिल करने आसान हो जाएगा यानी वीज़ा लेने के इच्छुक भारतीयों को अब एक दस्तावेज़ कम बनाना पड़ेगा.

सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान इसी महीने भारत की यात्रा पर आने वाले थे. अपनी प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान मोहम्मद बिन सलमान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात भी होनी थी. लेकिन पीएम मोदी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण इस यात्रा को फ़िलहाल टाल दिया गया है.

पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट क्या है?

ये ऐसा दस्तावेज़ है जो पासपोर्टधारक को जारी किया जाता है. ये सर्टिफिकेट बताता है कि पासपोर्टधारक किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, मारपीट, मर्डर आदि किसी आपराधिक मामलों में शामिल नहीं है और उसके ख़िलाफ़ पुलिस थाने में केस दर्ज नहीं है.

पीसीसी की आवश्यकता तब पड़ती है जब कोई व्यक्ति विदेश जाने के लिए रेसिडेंशियल वीज़ा, एम्प्लॉयमेंट वीज़ा या फिर लॉन्ग टर्म वीज़ा के लिए आवेदन करता है. अगर कोई व्यक्ति बस घूमने (के लिए ही सऊदी अरब जा रहा है तो ऐसी स्थिति में उसे ये सर्टिफिकेट बनवाने की ज़रूरत नहीं होती है.

खाड़ी देशों में भारतीय बड़ी तादाद में

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार लगभग सवा करोड़ एनआरआई यानी अनिवासी भारतीय हैं जो 200 से ज़्यादा देशों में फैले हैं. ये वो लोग हैं जिनके पास भारतीय पासपोर्ट है, लेकिन ये आमतौर पर देश के बाहर रहते हैं.

इन सवा करोड़ लोगों में से क़रीब 87 लाख लोग ऐसे हैं जो खाड़ी अरब क्षेत्र में रहते हैं, वहाँ श्रम करते हैं और अपने काम-धंधे करते हैं.

भारत के लगभग 34 लाख लोग अकेले संयुक्त अरब अमीरात में हैं. क़रीब 26 लाख लोग सऊदी अरब में मौजूद हैं.

भारत-सऊदी संबंधों की अहमियत

भारत और सऊदी अरब के संबंध मज़बूत रहे हैं और समय-समय पर दोनों देश इन्हें और मजबूत करने के लिए पहल करते आए हैं.

अक्टूबर, 2019 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौर पर गए थे. इसी दौरे में उन्होंने अरब न्यूज़ को 29 अक्टूबर को इंटरव्यू दिया था.

इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा था, ''लगभग 26 लाख भारतीयों ने सऊदी अरब को अपना दूसरा घर बनाया है. यहाँ की प्रगति में ये भी अपना योगदान दे रहे हैं. बड़ी संख्या में भारतीय हर साल हज यात्रा पर और कारोबार को लेकर यहाँ आते हैं. मेरा इनके लिए संदेश है कि आपने सऊदी में जो जगह बनाई है, उस पर भारत को गर्व है.

इनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण सऊदी में भारत का सम्मान बढ़ा है और इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मज़बूत होने में मदद मिली है. हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि सऊदी से आपका संबंध इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा.''

पीएम मोदी ने कहा था कि इस क्षेत्र में भारत के 80 लाख लोग रहते हैं. ये लाखों भारतीय यहाँ से अरबों डॉलर कमाकर भारत भेजते हैं. वर्ल्ड बैंक के अनुसार, पिछले साल विदेशों में बसे भारतीयों ने 87 अरब डॉलर भारत भेजा और इसमें खाड़ी के देशों में काम कर रहे भारतीयों का योगदान 45 फ़ीसदी से ज़्यादा था.

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