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सऊदी अरब में हुए योगा फ़ेस्टिवल की भारत में क्यों हो रही है चर्चा
सऊदी अरब में किंग अब्दुल्ला इकोनॉमिक सिटी के जुमन पार्क में देश के पहले योगा फ़ेस्टिवल का आयोजन किया गया.
शनिवार को हुए इस फ़ेस्टिवल में क़रीब 1000 लोगों ने हिस्सा लिया और योग किया.
समाचार एजेंसी एएनाई ने अरब न्यूज़ के हवाले से ये ख़बर दी है.
इस आयोजन में 10 से 60 साल तक के लोगों ने योग की अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लिया.
इसकी शुरुआत लॉन में योग करने से हुई और इसमें भाग लेने वालों ने योग किया, कई परफॉर्मेंस देखीं और योगा स्टूडियो की सेवाओं के बारे में जाना.
इस कार्यक्रम का आयोजन सऊदी योगा कमेटी की अध्यक्ष नौफ़ मारवाई ने किया था. उन्होंने कहा कि वो भाग लेने वाले लोगों की संख्या, उनका उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखकर हैरान थीं.
उन्होंने लोगों से कहा कि सऊदी अरब सभी क्षेत्रों में और सरकार के सहयोग से जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय विकास कर रहा है.
उन्होंने अरब न्यूज़ से कहा, ''ये फ़ेस्टिवल पूरी तरह सफल रहा और मैं ख़ुश हूं कि सऊदी के लोगों ने ना सिर्फ़ इसका स्वागत किया बल्कि योगा को लेकर हमारे विचारों को भी अपनाया जो इस आयोजन का उद्देश्य था.''
उन्होंने कहा, ''हम लोगों तक योगा पहुंचाना चाहते हैं और देश में इसे बढ़ावा देना चाहते हैं. हम चाहते हैं सऊदी के लोग योगा से अपने दिन की शुरुआ करें जिसमें 20 मिनट से ज़्यादा नहीं लगते हैं.''
भारत में चर्चा
सऊदी अरब के इस योगा फ़ेस्टिवल की चर्चा भारत में भी हो रही है. इसकी वजह नौफ़ मारवाई भी हैं. उन्हें साल 2018 में पद्मश्री से नवाज़ा गया था.
नौफ़ मारवाई सऊदी अरब में पहली सर्टिफ़ाइड योगा प्रशिक्षक हैं. उन्होंने सऊदी अरब में योगा को वैध बनाने में अहम भूमिका निभाई है. वो ख़ुद एक प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी बीमारी से पीड़ित थीं जिसे उन्होंने योगा और आयुर्वेद से ठीक कर लिया.
भारत के लोग भी इसे लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और भारत में होने वाले योग पर टिप्पणी कर रहे हैं.
लोगों ने क्या कहा
विन नायर नाम के यूज़र ने लिखा है, ''यह असाधारण है. सऊदी अरब में #Yoga को जीवंत होते देखने के लिए. किसने कभी सोचा होगा! विश्वास जताने के लिए आयोजकों और लोगों को सलाम!''
एक भाजपा कार्यकर्ता ने ट्वीट किया है, ''अरब दुनिया को योग की प्राचीन हिंदू पद्धति को अपनाते हुए देखकर बहुत खुशी हुई! सऊदी अरब के पहले योग महोत्सव में 1000 से अधिक लोगों ने भाग लिया.''
एक यूज़र @biscuit_rotti ने लिखा, ''हैरानी की बात है कि सऊदी अरब में योगा फ़ेस्टिवल का किसी ने विरोध नहीं किया. फिर नौफ़ मारवाई और सऊदी के लोगों को बधाई.''
यूज़र @MehrotraRP ने ट्वीट किया, ''भारत में मौलवी सऊदी अरब को तुरंत ही ग़ैर-इस्लामिक देश घोषित कर देंगे. फ़तवा जारी हो सकता है.''
यूज़र आनंद कुमार ने लिखा, ''ये देखकर ख़ुशी हो रही है कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान को छोड़कर हर कोई आधुनिक और लोकतांत्रिक बन रहा है.''
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