पांच लाख टिकट मुफ़्त देने की योजना से हॉन्ग कॉन्ग खिंचे चले आएंगे लोग?

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कोविड महामारी की मार झेल चुके हॉन्ग कॉन्ग ने यात्रियों को वापस रिझाने के अपने प्लान के तहत पांच लाख हवाई टिकट फ़्री देने का फ़ैसला किया है.

लेकिन इससे क्या टूरिज़्म इंडस्ट्री को फ़ायदा होगा? इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की राय मिली जुली है. एक ऐसे समय में जब यहां कोविड के सख्त नियम अभी तक लागू हैं, तो 255 मिलियन अमेरिकी डॉलर के इस प्लान से क्या फ़ायदा होगा?

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'सिर्फ़ फ़्री टिकट से नहीं चलेगा काम'

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पॉल कहते हैं, "टूरिस्ट को लुभाने के लिए मुफ़्त टिकट देना अच्छा फ़ैसला है, लेकिन मैं इस बारे में और जानना चाहता हूं कि टिकट किसे दिए जा रहे हैं, क्या एयरलाइन इसे लागू कर सकती हैं, और या वो भाग्यशाली लोग जो वहां जाएंगे, वो ज़्यादा दिन तक वहां रहेंगे."

जिन जानकारियों की पॉल बात कर रहे हैं, वो अभी नहीं बताई गई हैं.

हॉन्ग कॉन्ग के एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि टिकट "होम बेस्ड" यानी वहीं के एयरलाइन के होंगे. इनमें हॉन्ग कॉन्ग एक्सप्रेस और हॉन्ग कॉन्ग एयरलाइन शामिल है - जो कि आमतौर पर मेनलैंड चाइना, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया में ऑपरेट करती हैं. इनमें कैथी पैसिफ़िक एयरलाइन भी हैं, जो कि दुनियाभर में उड़ान भरती हैं.

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एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक महामारी की शरुआत में ही प्लान किया गया था कि जब महामारी ख़त्म होगी, तो दूसरे देशों के यात्रियों को मुफ़्त में टिकट दिए जाएंगे.

पॉल 'वॉक इन हॉन्ग कॉन्ग' के को-फ़ाउंडर है. उनके टूर गाइड लोगों को इतिहास और सभ्यता से जुड़ी वैसी जगहें घूमाते हैं, जहां आमतौर पर लोग नहीं जाते.

महामारी से पहले उनके पास आने वालों में देश के और विदेश दोनों के यात्री शामिल थे, जो कि ऐसी जगहों में दिलचस्पी रखते थे.

वो कहते हैं, "हमने 2013 मे बिज़नेस शुरू किया था, कोविड के आने के बाद स्थिति ख़राब हो गई, फिर जो भी यात्री आने लगे, उनके हिसाब से हमें काम करना शुरू करना पड़ा."

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उन्होने अपना ध्यान लोकल लोगों पर शिफ़्ट किया, इसके अलावा वर्चुअल टूर भी कराने लगे.

वो कहते हैं, "हमारी खुशकिस्मती है कि हम अभी तक कंपनी चला पा रहे हैं. इसलिए मुझे लगता है कि फ़्री टिकट लोगों को यहां पर लेकर आएंगे, और वो यहां आकर पहले की तरह ही ख़र्च करेंगे." उन्हें लगता है कि विमान के टिकट उनके लिए बहुत मायने नहीं रखते क्योंकि जो यात्री उनके पास आते हैं, वो पैसे वाले होते हैं.

"महामारी से पहले आने वाले हमारे क्लाइंट पैसे वाले थे, इसलिए सिर्फ प्लेन टिकट से कुछ नहीं होगा, हमें कुछ और कदम उठाने होंगे."

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क्वारंटीन का अंत

कोरोना वायरस

हॉन्ग कॉन्ग में दो साल से कड़े कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है, लेकिन अब शहर धीरे धीरे खुलने लगा है. 23 सितंबर को उन लोगों के लिए अनिवार्य क्वारंटीन के नियम को ख़त्म कर दिया गया, जिनका टेस्ट निगेटिव हो. इसके नतीजे दिखने लगे हैं.

मून सुई कॉर्पोरेट कॉन्फ्रेंस और अंतरराष्ट्रीय खेलों के इवेंट का आयोजन करती हैं. वो लोगों को वापस लाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. वो कहती हैं, "पिछले दो साल मेरे लिए बहुत शांत रहे हैं, ख़ासतौर पर नौकरी के मौकों को लेकर. लेकिन जून से मेरे पास फ़ोन आने लगे, ये फ़ोन आमतौर पर कंफर्म डेट और जानकारियों से जुड़े थे, इसलिए मुझे लगने लगा था कि हालात सुधर रहे हैं."

"मुझे भरोसा है कि फ़्री टिकट अधिक लोगों को खींचने में मदद करेगा."

मून कोविड नियमों में छूट से खुश हैं. वो कहती हैं, "सबसे ज़रूरी है कि क्वारंटीन पॉलिसी में बदलाव, हाल में हुए बदलावों से पहले, यात्रियों को एक हफ़्ते होटल में गुज़ारना पड़ता था. कोई भी इतना समय नहीं निकाल पाता था."

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ट्रैवल इंडस्ट्री का क्या कहना है?

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पांच लाख टिकट मुफ़्त में देने के बारे में ट्रैवल इंडस्ट्री के लोग क्या सोचते हैं. हॉन्ग कॉन्ग टूरिज़्म बोर्ड के मुताबिक साल 2013 से 2019 के बीच, हॉन्ग कॉन्ग में 5 करोड़ 80 लाख यात्री आए थे. वहीं इस साल पहले नौ महीने में केवल 2,49,699 यात्री पहुंचे.

हॉन्ग कॉन्ग ट्रैवल एजेंट ओनर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट फ़्रेडी यिप ने सरकारी ब्रॉडकॉस्टर आरटीएचके से कहा कि ये एक अच्छा संकेत है लेकिन साथ ही वो और सब्सिडी और छूट की मांग भी कर रहे हैं.

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बाहर खाना-पीना

कोरोना वायरस

निकोलस इलालोफ़ जो कि एक रेस्त्रां चलाते हैं, उनका कहना है शुक्रवार को लोगों की भीड़ दिखी. हालांकि उनका कहना है कि पहले ज़्यादातर संख्या विदेशी यात्रियों की होती थी. लेकिन उनका कहना है कि सिर्फ़ विमान के टिकट से समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि कोविड को लेकर अभी भी भ्रम है.

वो कहते हैं, "अगर फिर से कोविड तेज़ी से फैलने लगा, और कड़े नियम वापस आ गए, तो क्या होगा? लोग मुफ़्त टिकट के लिए आ जाएं, और क्वारंटीन होना पड़े, तो इससे कोई फ़ायदा नहीं होगा."

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'सही कदम'

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म्यूज़िक बार के मालिक जॉन पीमर कहते हैं कि कोविड नियमों के कारण उन्हें म्यूज़िक परफ़ॉरमेंस पर रोक लगानी पड़ी. उनका कहना है कि टिकट देने भर से समस्या नहीं सुलझेगी, लेकिन इसे वो एक अच्छा कदम मानते हैं.

वो कहते हैं कि एक बार लोग आ जाएं तो फिर वापस जाकर यहां की तारीफ़ करेंगे, लेकिन आते ही निगेटिव टेस्ट की अनिवार्यता लोगों का मूड ख़राब कर सकती है.

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पीसीआर टेस्ट

बीबीसी के ग्रेस सोई कहते हैं कि हॉन्ग कॉन्ग में अभी भी कोविड के कड़े नियम हैं.

"यात्रियों को आने के बाद दूसरे, चौथे और छठे दिन पीसीआर टेस्ट कराना पड़ता है. इससे बहुत दिक्कतें होती हैं. अगर लोग घूमने आ रहे हैं, तो इन नियमों से जूझना मुश्किल है."

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