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सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले हादी मतर के बारे में अब तक क्या पता है
जानलेवा हमले के बाद प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी की हालत नाज़ुक बनी हुई है. वो वेंटिलेटर पर हैं और उनकी एक आंख जाने का ख़तरा बना हुआ है.
अमेरिका के न्यूयॉर्क में शुक्रवार को ब्रिटिश लेखक पर चाकू से हमला हुआ था. हमले के कारण सलमान रुश्दी के लिवर को नुक़सान पहुँचा है. हमला उस समय हुआ जब वह न्यूयॉर्क के चौटाउक्वा संस्थान के एक कार्यक्रम में बोलने जा रहे थे.
आइए बताते हैं कि रुश्दी पर हुए हमले के बाद से अब तक क्या-क्या हुआ और अब उनकी हालत कैसी है:
- सलमान रुश्दी के एजेंट एंड्रयू वायली ने बताया कि सलमान रुश्दी के स्वास्थ्य को लेकर जो जानकारी फ़िलहाल आ रही है, वो बहुत अच्छी नहीं है. वायली ने बताया, "सलमान की एक आंख खोने की भी आशंका है, उनकी बांह की कुछ नसें कट गई हैं और उनके लिवर पर भी चाकू के वार किए गए हैं."
- उन्होंने बताया कि फ़िलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं और बोल नहीं पा रहे हैं. उन्होंने बीबीसी के सहयोगी चैनल सीबीएस न्यूज़ को बताया कि सलमान की सर्जरी हुई है.
- ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोग मंच पर भागते हुए नज़र आ रहे हैं. इसके बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने हमलावर को मौके पर ही पकड़ लिया.
- न्यूयॉर्क पुलिस ने हमलावर की पहचान 24 वर्षीय हादी मतर के तौर पर की है, जिसे हिरासत में ले लिया गया है. हमलावर न्यू जर्सी का रहने वाला है. हमले के पीछे क्या मक़सद था, इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.
- क़ानूनी एजेंसियां मतर की राष्ट्रीयता और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं.
- मंच पर जाते समय रुश्दी पर हादी मतर ने एक के बाद एक कई वार किए. इसकी वजह से वहाँ साक्षात्कार ले रहे हेनरी रीज़ के सिर में भी चोट आई है.
- न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस ने बताया है कि हमले के बाद रुश्दी को हेलीकॉप्टर से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था. रुश्दी पर हमले के समय वहाँ क़रीब ढाई हज़ार लोग मौजूद थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित बाहर निकाला गया.
- न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने इस हमले की निंदा की है और रुश्दी को एक ऐसा शख्स बताया है जो दशकों से सच के साथ खड़े हैं. होचुल ने कहा, "हम हर तरह की हिंसा की निंदा करते हैं और चाहते हैं कि लोग लिखने-बोलने के लिए आज़ाद रहें."
सलमान रुश्दी को उनकी किताब सैटेनिक वर्सेज़ के लिए पिछले कई सालों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं.
क्या हुआ था जब 'द सैटेनिक वर्सेज़' प्रकाशित हुई
- भारतीय मूल के उपन्यासकार को 1981 में 'मिडनाइट चिल्ड्रन' के साथ प्रसिद्धि मिली. अकेले ब्रिटेन में इसकी दस लाख से अधिक प्रतियां बिकीं.
- 1988 में रुश्दी की चौथी किताब द सैटेनिक वर्सेज़ प्रकाशित हुई. इस उपन्यास से कुछ मुसलमानों में आक्रोश फैल गया, उन्होंने इसकी सामग्री को ईशनिंदा क़रार दिया.
- पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन होने लगे और इस किताब पर प्रतिबंध लगाने की मांग होने लगी.
- सेंसरशिप और किताब जलाने के विरोध में भी कई विरोध प्रदर्शन हुए.
- पुस्तक के प्रकाशन के एक साल बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने रुश्दी के ख़िलाफ़ मौत का फ़तवा जारी किया.
- खुमैनी के फ़तवे के बाद दुनिया में कूटनीतिक संकट पैदा हो गया.
- इस किताब के प्रकाशन के बाद हुए विरोध प्रदर्शन में पूरी दुनिया में 59 लोग मारे गए. मृतकों की इस संख्या में उपन्यास के अनुवादकों की संख्या भी शामिल हैं.
- जान से मारे जाने की धमकियों की वजह से ख़ुद सलमान रुश्दी 9 साल तक छिपे रहे.
हमलावर के बारे में अब तक क्या-क्या पता है?
- पुलिस ने बताया कि सलमान रुश्दी की गर्दन पर चाकू से वार किया गया है. और हमलावर अब पुलिस हिरासत में है.
- पुलिस के मुताबिक हमलावर का नाम हादी मतर है और वो 24 साल का है. हमलावर न्यू जर्सी के फ़ेयरव्यू का रहने वाला है.
- पुलिस का कहना है कि अभी हमलावर की मंशा का पता नहीं चला है और हमले का कारण जानने के लिए एफ़बीआई की मदद भी ली जा रही है.
- संदिग्ध हादी मतर के पास कार्यक्रम का पास था और वो अकेले ही आया था. अभी पुलिस ने मतर के ख़िलाफ़ आरोप तय नहीं किए हैं.
- संदिग्ध हादी मतर कूदकर मंच पर गया था और उसने सलमान रुश्दी के गले पर कम से कम एक वार किया और पेट पर भी कम से कम एक वार किया.
प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों-देखी
एक स्थानीय पत्रकार मार्क सोमर ने कई चश्मदीदों से बातचीत की है. उन्होंने बीबीसी को बताया कि हमलावर दर्शकों के बीच काला मास्क पहने हुए बैठा था.
काला मास्क पहना व्यक्ति छलांग लगाकर स्टेज पर चढ़ा और रुश्दी पर हमला कर दिया. इसके बाद सलमान रुश्दी को सुनने आए 10-15 लोग स्टेज पर पहुँच गये और उन्होंने हमलावर को क़ाबू में कर लिया.
रुश्दी कोई पाँच मिनट तक ज़मीन पर पड़े रहे. उसके बाद उन्हें उठाया गया और स्टेज से बाहर ले जाया गया.
बाद में उन्हें हेलीकॉप्टर के ज़रिए अस्पताल पहुंचाया गया. सोमर ने बताया कि रुश्दी आमतौर पर बहुत सारी सिक्योरिटी के साथ चलते थे.
सोमर ने बीबीसी को बताया, "ये यक़ीन करना मुश्किल है कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी. शायद हमला कार्यक्रम शुरू होने के कुछ सेकंड के भीतर ही हो गया था."
हमले के एक चश्मदीद ने बीबीसी न्यूज़ चैनल को बताया कि जो लोग वहां मौजूद थे वो सकते में थे.
कार्ल लेवन ने बीबीसी से कहा, "देखने वालों के लिए ये घटना बेहद भयानक थी. जब हमला हुआ तब वह एम्फीथिएटर में 14 या 15 वीं कतार में पीछे बैठे थे."
लेवन का कहना है कि हमलावर ने रुश्दी को बार-बार छुरा घोंपा.
न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस के कमांडर मेजर यूजीन जे स्टेनिस्ज़ेवस्की ने इस घटना पर पुलिस का विस्तृत बयान जारी किया है.
डॉक्टर ने क्या देखा
सलमान रुश्दी पर हमले के बाद घटनास्थल पर उनकी मदद करने वाली एक डॉक्टर रीता लैंडमैन ने अंग्रेजी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि रुश्दी इस हमले में कितने जख़्मी हुए हैं.
रीता लैंडमैन ने कहा कि रुश्दी को कई जगह चाकू घोंपा गया है जिसमें गर्दन के दाईं ओर का हिस्सा भी शामिल है.
उन्होंने कहा कि रुश्दी जहां गिरे हुए थे वहां काफ़ी खून जमा हो गया था और रुश्दी को उस समय सीपीआर नहीं दिया जा रहा था. वो ज़िंदा दिख रहे थे.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि "लोग चिल्ला रहे थे कि उनकी नब्ज़ चल रही है..."
कौन थेरुश्दी का इंटरव्यू लेने वाले?
इस कार्यक्रम के ब्यौरे के अनुसार, सलमान रुश्दी का इंटरव्यू लेने वाले शख़्स हेनरी रीज़ हैं. वे पिट्सबर्ग की एक एनजीओ 'सिटी ऑफ़ एसाइलम' के सह-संस्थापक और अध्यक्ष हैं.
इस संस्था की स्थापना 2004 में हुई थी. इस संस्था का काम 'जान के ख़तरे से जूझ रहे लेखकों को पीट्सबर्ग में संरक्षण देना है.'
संस्था की वेबसाइट पर बताया गया है कि सलमान रुश्दी को 1997 में सुनने के बाद इसे शुरू किया गया था.
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