पीएम मोदी का पुराना वीडियो शेयर कर पाकिस्तानी इमरान ख़ान को दे रहे नसीहत

पाकिस्तान में सोशल मीडिया यूज़र्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो क्लिप ख़ूब शेयर कर रहे हैं.

इस वीडियो में पीएम मोदी बता रहे हैं कि कैसे वो उन्हें मिलने वाले तोहफ़ों को नेक काम के लिए दे देते हैं.

हालांकि, पाकिस्तानी यूज़र्स इस वीडियो का इस्तेमाल अपने पूर्व पीएम इमरान ख़ान को नसीहत देने के लिए कर रहे हैं.

इसकी शुरुआत हुई इमरान ख़ान के उस बयान से जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी बुशरा बीबी की ख़ास दोस्त फराह ख़ान का बचाव करते हुए उन्हें 'बेकसूर' बताया है.

रविवार को इमरान ख़ान ने कहा कि बुशरा बीबी की क़रीबी बेकसूर हैं और उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार की जाँच "राजनीतिक प्रतिशोध" की वजह से शुरू हुआ है.

इमरान ख़ान के इस बयान से एक दिन पहले नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने फ़राह ख़ान के ख़िलाफ़ आय का स्रोत ज़ाहिर किए बिना अवैध संपत्ति अर्जित करने, मनी लॉन्ड्रिंग और कारोबार के नाम पर कई खाते रखने के आरोप में जांच शुरू की थी.

एनएबी का कहना है कि बीते तीन सालों में फराह ख़ान के खातों में 84.7 करोड़ डॉलर का टर्नओवर दिखा है.

मोदी का कौन सा वीडियो शेयर कर रहे हैं पाकिस्तानी?

पाकिस्तानी जिस वीडियो को शेयर कर रहे हैं वो साल 2018 का है, जब पीएम मोदी ने 'भारत की बात' कार्यक्रम के दौरान भारतीयों से बातचीत की थी. ये कार्यक्रम लंदन के वेस्टमिंस्टर सेंट्रल हॉल में हुआ था.

इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने गीतकार प्रसून जोशी के साथ सवाल-जवाब के सत्र में कहा कि वो जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो कई सार्वजनिक समारोहों में उन्हें क़ीमती तोहफ़े मिला करते थे.

मोदी कह रहे हैं कि वो ये सारी चीज़ें सरकार की ट्रेज़री में डाल देते थे और बाद में उसकी नीलामी करवाने लगे और उससे मिलने वाला पैसा लड़कियों की शिक्षा के लिए दान कर देते थे.

उन्होंने बताया कि ऐसा कर के क़रीब 100 करोड़ रुपए उन्होंने बच्चियों की शिक्षा के लिए दान किए.

क्या कह रहे हैं पाकिस्तानी?

सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहने वाली पाकिस्तान की पत्रकार नायला इनायत ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, "इमरान ख़ान की तरह मोदी क्यों नहीं 'मेरा तोहफ़ा मेरी मर्ज़ी' कह रहे? भारतीय पीएम बता रहे हैं कि कैसे उन्होंने सरकारी तोहफ़ों की नीलामी कर के उससे मिलने वाले पैसों को बच्चियों की शिक्षा के लिए दिया."

पाकिस्तान के एक पत्रकार नसरुल्लाह मलिक ने भी ये वीडियो शेयर किया है.

इसके साथ उन्होंने उर्दू में लिखा है, "इमरान ख़ान, मोदी ट्रेज़री से एक रुपया नहीं लेते. मोदी का ये वीडियो आपका सिर शर्म से झुका देगा."

पाकिस्तान के सिंध प्रांत से संबंध रखने वाली एक पत्रकार लिखती हैं, "इमरान ख़ान का ये वीडियो ज़रूर देखना चाहिए, इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि जब उन्हें तोहफ़े मिलते हैं तो वो उसे अपने पास नहीं रखते बल्कि उसकी नीलामी कर के बच्चियों की शिक्षा के लिए वो पैसे दे देते हैं."

पेशावर हाई कोर्ट में वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता तारिक़ अफ़गान वीडियो शेयर करते हुए लिखते हैं, "नरेंद्र मोदी ट्रेज़री के साथ क्या करते हैं. मुझे भरोसा है कि इमरान ख़ान उनकी तारीफ़ करेंगे."

इस्लामाबाद में रहने वाले पत्रकार राउफ़ लासरा ने भी इस वीडियो को शेयर किया है. हालांकि, उन्होंने इस ट्वीट में नरेंद्र मोदी को टैग करके सिर्फ़ दो हैशटैग #toshakhana #ImranKhan लगाए हैं.

पाकिस्तानी कॉलमिस्ट कमर चीमा ने वीडियो के साथ लिखा, "मोदी ने सबकुछ तोषाखाना में छोड़ दिया और महान इमरान ख़ान सब कुछ अपने साथ ले गए."

क्यों चर्चा में आईं बुशरा बीबी की दोस्त?

बीते माह पाकिस्तानी मीडिया की कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि इमरान ख़ान की पत्नी बुशरा बीबी की दोस्त फ़राह ख़ान की संपत्ति इमरान ख़ान सरकार के दौरान कई गुना बढ़ गई.

फ़राह ख़ान को फ़रहत शहज़ादी और फ़राह गुज्जर के नाम से भी जाना जाता है.

इमरान ख़ान के क़रीबी रहे अलीम ख़ान ने ही फ़राह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि फ़राह ख़ान को पंजाब प्रांत में हर नियुक्ति और तबादले के लिए लाख़ों रुपये मिलते थे.

उन्होंने ये भी दावा किया कि फ़राह ख़ान ने कई शहरों में संपत्तियां ख़रीदी हैं और कई व्यवसायों में लाखों-करोड़ों रुपए निवेश किए हैं.

पाकिस्तान के मीडिया में ये भी दावा किया गया कि फ़राह ख़ान दुबई जा चुकी हैं. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ की नेता रोमिना ख़ुर्शीद ने फ़राह ख़ान की एक फ़ोटो शेयर की थी. फ़ोटो में फ़राह ख़ान के बगल में एक बैग था. दावा था कि ये बैग करीब 68 लाख़ रुपये का था.

बुशरा बीबी की दोस्त के बचाव में क्या बोले इमरान ख़ान?

डॉन न्यूज़ की ख़बर के अनुसार, इमरान ख़ान ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा, "मैं एनएबी से कहना चाहता हूँ कि जो केस फ़राह ख़ान के ख़िलाफ़ शुरू किया गया है, उसे सार्वजनिक करें. क्या ये केस बनने लायक है? पहले एनएबी ने कहा कि ख़ान के पास गुमनाम स्रोतों से पैसा आया है. ये सिर्फ़ सरकारी पदों पर बैठे लोगों पर लागू होता है."

"क्या वो कभी नेशनल असेंबली की सदस्य थीं या किसी सरकारी पद पर थीं? वो बीते 20 सालों से रीयल एस्टेट क्षेत्र में काम कर रही हैं."

इमरान ख़ान ने कहा कि एनएबी ने बताया है कि फ़राह ख़ान की संपत्ति बीते तीन सालों में बहुत तेज़ी से बढ़ी है. उन्होंने कहा, "जांच कीजिए और देखिए कि रीयल एस्टेट ने जनता से कितना पैसा बनाया है. रीयल एस्टेट में काम करने वालों से पूछिए कि उन्होंने कितना पैसा कमाया है. लेकिन ये कोई अपराध नहीं है."

इमरान ख़ान ने इस दौरान अपनी पहली पत्नी का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "ये वैसा ही केस है, जैसा जेमिमा पर टाइलों की तस्करी के आरोप में दर्ज हुआ था. उनका कसूर सिर्फ़ ये था कि वो मेरी पत्नी थीं."

उन्होंने कहा, "वो (फ़राह) एकदम बेकसूर हैं. मैं चाहता हूँ कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौक़ा मिले. इस मामले में नियमों के अनुसार सुनवाई होनी चाहिए."

बता दें कि प्रधानमंत्री रहते हुए जब इमरान ख़ान से तोशाखाना से उपहारों की बिक्री पर सवाल किए गए तो उन्होंने कहा था कि वो उनके तोहफ़े थे, इसलिए ये उनकी मर्ज़ी है कि उन्हें रखना है या नहीं.

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