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रूस-यूक्रेन संकट: कीएव में कैसी गुज़री क़हर की रात
रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीएव पर ज़बरदस्त हमला किया है लेकिन उसे वहां भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि उसने रूसी सेना के कई हमलों को नाकाम किया है.
यूक्रेन की सेना ने शनिवार सुबह किए एक फ़ेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि उसने शहर के एक मुख्य मार्ग पर रूस की सेना को आगे बढ़ने से रोक दिया.
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक दिन पहले ही कहा था कि रूस राजधानी कीएव पर बड़ा हमला करने की कोशिश करेगा.
कीएव प्रशासन ने भी शहर की सड़कों पर लड़ाई छिड़ने की पुष्टि की है और लोगों को घरों के भीतर ही रहने की सलाह दी है. इंटरफेक्स यूक्रेन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वो बंकरों में शरण लिए रहें और घरों की खिड़कियों और बालकनी से दूर रहें.
वहीं नेशनल सिक्योरिटी एंड डिफेंस काउंसिल के सेक्रेटरी ओलेक्सी दानिलोव ने कहा है कि स्थिति यूक्रेन की सेना के नियंत्रण में है.
दानिलोव ने कहा, "हम अपने पास मौजूद सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं और हमले को रोक रहे हैं. कीएव का नियंत्रण सेना और शहर के नागरिकों के पास है."
यूक्रेन की एयरफ़ोर्स कमांड ने शनिवार सुबह वासिलकीव एयरबेस पर भीषण लड़ाई छिड़ने की जानकारी दी. एयरफ़ोर्स के मुताबिक़ रूस के पैराट्रूपर सैनिकों ने इस बेस पर हमला किया था.
एयरफ़ोर्स ने दावा किया कि उसके एक लड़ाकू विमान ने रूस के एक ट्रांसपोर्ट विमान को गिरा दिया है. हालांकि बीबीसी इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है.
'हमें हर हाल में लड़ना है'
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार रात को कहा था कि रूस कीएव पर बड़ा हमला करने जा रहा है.
ज़ेलेंस्की ने कहा, "आज की रात दुश्मन हर संभव तरीके का इस्तेमाल करके हमारे प्रतिरोध को तोड़ने की कोशिश करेगा. आज रात वो बड़ा हमला करेंगे. आज की रात हमें सुरक्षित रहना है. अब यूक्रेन के भविष्य का फ़ैसला हो रहा है. हमारा मुख्य मक़सद इस ख़ूनख़राबे को समाप्त करना है."
ज़ेलेंस्की ने ये स्वीकार किया कि रूसी सेना ने यूक्रेन को जान-माल का भारी नुक़सान पहुंचाया है लेकिन उन्होंने ये दावा भी किया कि दुश्मन को भी बहुत भारी नुक़सान हुआ है. हालांकि बीबीसी उनके दावे की पुष्टि नहीं कर सका है.
इससे पहले शुक्रवार को ही राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के एक सलाहकार ने कहा था कि उनका देश रूस के साथ संघर्षविराम और शांति वार्ता के लिए तैयार है. वार्ता के समय और जगह को लेकर चर्चा चल रही है.
जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बारबोक ने घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि रूस के राष्ट्रपति और उनके शीर्ष राजनयिक यूक्रेन में मासूम लोगों की मौत के ज़िम्मेदार हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को रौंद दिया है.
रूस की सेना कीएव की घेराबंदी कर रही है. इस बीच यूक्रेन पश्चिमी देशों से रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील कर रहा है.
ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से गुहार लगाई है कि वो रूस पर और अधिक प्रतिबंध लगाएं. वो चाहते हैं कि यूरोपीय देश रूस को बैंकिंग सिस्टम स्विफ्ट से अलग कर दें. दुनियाभर में वित्तीय लेनदेन के लिए इसी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है.
ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी कहा है कि रूस को इस बैकिंग सिस्टम से अलग कर दिया जाना चाहिए. जॉनसन ने कहा कि इससे राष्ट्रपति पुतिन और उनकी सत्ता को बड़ा धक्का लगेगा.
लेकिन यूरीपय संघ ने अभी तक रूस को स्विफ्ट सिस्टम से अलग नहीं किया है. माना जा रहा है कि जर्मनी और इटली समेत कुछ सदस्य देशों ने इसका विरोध किया है. हालांकि इतालवी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा था कि यदि रूस को स्विफ्ट सिस्टम से हटाने का प्रस्ताव लाया जाएगा तो इटली उसका विरोध नहीं करेगा.
बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता पॉल एडम्स का विश्लेषण
कीएव ने एक और बेचैन रात गुज़ारी है. जो लोग सड़क मार्ग या रेल मार्ग से शहर छोड़कर नहीं जा सके हैं वो बेसमेंट, बंकर और अंडरग्राउंड मेट्रो में रात गुज़ार रहे हैं.
बीती रात रह-रहकर तेज़ धमाकों की आवाज़ आ रही थी. भारी तोपखानों से गोलीबारी की जा रही थी. रूस की सेना शहर के रक्षाकवच को कमज़ोर करने की कोशिशें कर रहीं थीं.
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने देर रात कीएव पर बड़े हमले की आशंका ज़ाहिर की थी. ये हमला हुआ भी लेकिन बहुत असरदार नहीं रहा. कम से कम अब तक जितना पता है, ये कहा जा सकता है.
आज सुबह जब रोशनी हुई तो शहर अधिकतर शांत नज़र आया. कहीं-कहीं से ज़रूर गोलीबारी की आवाज़ें आ रही हैं जो बताती हैं कि एक से अधिक दिशाओं में युद्ध छिड़ा हुआ है.
सब जानते हैं कि हालात बहुत तेज़ी से बदल सकते हैं. कुछ लोगों को ये भी उम्मीद है कि बीती रात वार्ता की जो बात चली है वो सफल रहे और किसी तरह ख़ूनख़राबा रोक दे. चाहे जो भी हो, कीएव नाज़ुक स्थिति में ही रहेगा.
पश्चिमी देशों के अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन की सेना रूसी हमले की रफ़्तार को धीमा करने में कामयाब रही है. लेकिन उन्हें चिंता है कि जीत के लिए बेसब्र हो रहा रूस कहीं भयानक तरीकों का इस्तेमाल न करने लगे.
एक पश्चिमी अधिकारी ने कहा, "मुझे डर है कि यदि उन्होंने अपनी समयसीमा के भीतर तय लक्ष्य हासिल नहीं किए तो फिर वो अंधाधुंध हमला करेंगे. अब समस्या ये है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने अपने कटम को सही ठहराया है और कहा है कि ये युद्ध उनकी पसंद नहीं बल्कि ज़रूरत बन गया है."
ब्रसेल्स में यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात के बाद जर्मन विदेश मंत्री ने कहा, "हम यूरोपीय हैं और हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं."
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