इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष - पाकिस्तान उर्दू प्रेस रिव्यू

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियों ने इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने का फ़ैसला किया है.

अख़बार दुनिया के अनुसार विपक्षी पार्टियों के समूह पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की.

पीडीएम के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने कहा कि संसद में नेता प्रतिपक्ष मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) के शहबाज़ शरीफ़ के घर पर बैठक हुई.

उन्होंने कहा कि यह बैठक आपात स्थिति में बुलाई गई थी, इसलिए कई दलों के प्रमुख वीडियो लिंक के ज़रिए मीटिंग में शामिल हुए.

पत्रकारों से बात करते हुए मौलाना ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले विपक्ष पर्याप्त नंबर जुटा लेगा. उन्होंने कहा कि वो सरकार में शामिल छोटी पार्टियों से भी बात करेंगे.

इस अवसर पर शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि वो लोग जनता की इच्छाओं के अनुसार इमरान सरकार को ज़ल्द से ज़ल्द घर भेजने की तैयारी कर रहे हैं.

मौलाना फ़जलुर्रहमान ने सरकार में शामिल सहयोगी पार्टियों से कहा कि इमरान सरकार अब एक डूबती कश्ती है, जिससे वो उतर जाएं और जनता के हित में विपक्ष का साथ दें.

इस सिलसिले में मौलाना ने शनिवार को इमरान सरकार में शामिल मुस्लिम लीग (क़ाफ़) के नेताओं से मुलाक़ात की और उनसे मदद की अपील की.

मंत्री फ़व्वाद चौधरी ने दी चुनौती

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो ने कहा कि सरकार के ख़िलाफ़ विपक्षी पार्टियों का अविश्वास प्रस्ताव लाने का फ़ैसला लोकतंत्र की जीत है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पत्रकारों से बात करते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा, "प्रधानमंत्री जनता का विश्वास खो चुके हैं, अब सदन का विश्वास खोने का समय आ गया है. पीडीएम में मतभेद अपनी जगह है लेकिन इमरान ख़ान के जाने पर सब सहमत हैं."

अविश्वास प्रस्ताव लाने के विपक्ष के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान सरकार ने कहा कि विपक्षी दल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी ने विपक्ष को कल ही अविश्वास प्रस्ताव लाने की चुनौती देते हुए कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के साथ-साथ ख़ुद विपक्षी दल उन्हें चौंका देंगे.

फ़व्वाद चौधरी ने कहा कि मौलाना फ़ज़लुर्रहमान पहले दिन से ही सरकार को घर भेजने की कोशिश में लगे हैं.

केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद ने कहा कि विपक्षी दल ना तो अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे और ना ही 23 मार्च को लॉन्ग मार्च करेंगे.

टॉप-10 में शामिल नहीं किए जाने पर क़ुरैशी नाराज़

पाकिस्तान में इमरान सरकार ने प्रदर्शन के आधार पर अपने दस सबसे बेहतरीन मंत्रियों की एक लिस्ट जारी की है. गुरुवार को जारी इस लिस्ट में विदेश मंत्रालय को शामिल नहीं किया गया है.

इस लिस्ट में संचार मंत्रालय पहले, योजना दूसरे और ग़रीबी उन्मूलन मंत्रालय तीसरे नंबर पर है.

विदेश मंत्रालय रैकिंग के अनुसार 11वें नंबर पर था. केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद ने टॉप-10 में जगह तो बना ली लेकिन वो 9वें नंबर पर रहे.

विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने नाराज़गी जताते हुए इमरान ख़ान के विशेष सलाहकार को एक ख़त लिखा है.

क़ुरैशी ने ख़त में लिखा है कि उनके मंत्रालय को जो भी लक्ष्य दिया गया था, उसे पूरा कर लिया गया है फिर भी उनके मंत्रालय को टॉप-10 में जगह नहीं मिल सकी है.

लिस्ट जारी होने के बाद विपक्ष ने इसकी जमकर आलोचना की. पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो ने कहा कि इमरान ने अपने दस चहेते मंत्रियों को तो सर्टिफ़िकेट बांट दिया लेकिन इसका मतलब साफ़ है कि बाक़ी मंत्रियों पर उन्हें विश्वास नहीं है.

पीडीएम प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने भी इमरान सरकार पर हमला किया.

मौलाना ने कहा, "इमरान ख़ान कहते रहते हैं कि देश सुरक्षित हाथों में है, तो फिर रक्षा मंत्री का नाम इस लिस्ट में क्यों नहीं है?"

इस लिस्ट में रक्षा मंत्रालय 13वें नंबर पर है.

उन्होंने आगे कहा कि इमरान ख़ान दावा करते रहते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है और दुनिया ने अफ़ग़ानिस्तान के मामले में पाकिस्तान के योगदान को सराहा है. उन्होंने सवाल किया कि अगर वाक़ई ऐसा है तो फिर वित्त् मंत्री और विदेश मंत्री टॉप-10 में क्यों नहीं हैं?

मौलाना ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी पर भी हमला किया. उनका कहना था, "फ़व्वाद चौधरी सरकार का बचाव करते-करते कुछ ग़ैर-ज़रूरी बात भी कर जाते हैं. कई बार अदब के दायरे से भी बाहर चले जाते हैं, फिर भी उन्हें टॉप-10 में शामिल नहीं किया गया है."

मौलान फ़ज़लुर्रहमान ने कहा कि किसी को भी ईनाम तब दिया जाता है जब खेल ख़त्म हो जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि इमरान ख़ान ने भी मान लिया है कि अब उनका खेल ख़त्म होने वाला है.

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की: जनरल बाजवा

पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा का कहना है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की है. शुक्रवार को उन्होंने हिंदू बहुल इलाक़े नगरपारकर का दौरा किया. वहां हिंदू समुदाय के लोगों से सेना प्रमुख ने मुलाक़ात की.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार सेना प्रमुख ने हिंदू समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समाज के लोग बराबरी के नागरिक हैं और उनको सुरक्षित रखना सरकार की ज़िम्मेदारी है."

अख़बार के अनुसार वहां मौजूद लोगों ने इस बात को स्वीकार किया कि हिंदुओं के लिए सुरक्षित माहौल पैदा करने के लिए सरकार प्रयासरत है. इसके लिए अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने सरकार का शुक्रिया अदा किया. वहां मौजूद लोगों ने सेना प्रमुख को विश्वास दिलाया कि पाकिस्तान के आर्थिक विकास में हिंदू समाज के लोग अपना पूरा योगदान देंगे.

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