पाकिस्तान में इमरान ख़ान की लता पर टिप्पणी और 'सावरकर से लता की सहानुभूति' पर बहस

लता

इमेज स्रोत, Getty Images

लता मंगेशकर को अपनी बेतहरीन गायकी के लिए भारत की स्वर कोकिला कहा जाता था. रविवार को 92 साल की उम्र में उनका निधन हुआ तो शोक की लहर सरहद लांघ चुकी थी.

इससे पता चलता है कि लता को सुनने वाले केवल भारत तक ही सीमित नहीं थे बल्कि उनकी आवाज़ की गूंज पूरे दक्षिण एशिया में थी.

नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका की सरकारों ने लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान चीन के दौरे पर हैं और उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लता मंगेशकर के निधन पर ट्वीट कर भावुक संदेश जारी किया गया.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

इमरान ख़ान के इस ट्वीट की भारत में सराहना हो रही है. इमरान ख़ान ने अपने ट्वीट में कहा था, ''लता मंगेशकर के निधन से इस उपमहाद्वीप ने एक महान गायिका को खो दिया है. उनका गाया गीत सुन कर दुनिया भर के लोग आनंदित होते थे.''

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

इमरान ख़ान के इस ट्वीट को पत्रकार नेहा खन्ना ने रीट्वीट करते हुए लिखा है, ''यह देखकर अच्छा लग रहा है कि पाकिस्तान में बड़ी संख्या में लोग लता मंगेशकर के निधन पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं. इनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी शामिल हैं. संगीत के बारे में कहा जाता है कि उसकी कोई भौगोलिक सरहद नहीं होती है. लता मंगेशकर का गीत पूरे विश्व के संगीत प्रेमियों के लिए था. हमने विश्व विख्यात गायिका खो दिया.''

पत्रकार मान अमन सिंह छिन्ना ने इमरान ख़ान के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है, ''यह अच्छा है कि पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और नेपाली नेता लता मंगेशकर के निधन पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं. इस उपमहाद्वीप में संगीत और कला साझी विरासत है.''

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

पाकिस्तानी पत्रकार ज़ुबैर अली ख़ान ने इमरान ख़ान के ट्वीट पर लिखा है, ''कला-संगीत की कोई सरहद नहीं होती और एक खिलाड़ी से बेहतर इस बात को कोई नहीं जान सकता.''

हालांकि इमरान ख़ान के इस ट्वीट की केवल तारीफ़ ही नहीं हो रही है. कुछ यूज़र्स ने लता मंगेशकर की दक्षिणपंथी विचारधारा से कथित रुझान को लेकर इमरान ख़ान के ट्वीट पर सवाल उठाया है.

लता और सावरकर

इमरान ख़ान के ट्वीट के जवाब में आमीन नाम के एक यूज़र्स ने 28 मई, 2019 के लता मंगेशकर के एक ट्वीट का स्क्रीन शॉट पोस्ट करते हुए लिखा है- लता का ये रूप.

छोड़िए X पोस्ट, 4
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 4

लता मंगेशकर ने इस ट्वीट में लिखा था, ''नमस्कार, आज स्वातंत्र्य वीर सावरकर जी की जयंती है. मैं उनके व्यक्तित्व को, उनकी देशभक्ति को प्रणाम करती हूँ. आजकल कुछ लोग सावरकर जी के विरोध में बातें करते हैं, पर वो लोग ये नहीं जानते कि सावरकर जी कितने बड़े देशभक्त और स्वाभिमानी थे.''

छोड़िए X पोस्ट, 5
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 5

लता मंगेशकर के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से 26 फ़रवरी 2014 को एक तस्वीर पोस्ट की गई थी. इस तस्वीर में सावरकर के साथ टीनएजर लता हैं. लता मंगेशकर ने इस ट्वीट के साथ लिखा था- मेरे पिता समान वीर सावरकर जी के साथ मेरी ये तस्वीर.''

छोड़िए X पोस्ट, 6
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 6

वीर सावरकर को लेकर लता मंगेशकर ने 19 सितंबर 2019 को एक और ट्वीट किया था. उस ट्वीट में उन्होंने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, ''वीर सावरकर जी और हमारे परिवार के बहुत घनिष्ठ संबंध थे. इसीलिए उन्होंने मेरे पिताजी के नाटक कंपनी के लिए नाटक 'सन्यास्ता खडग' लिखा था. इस नाटक का पहला प्रयोग 18 सितंबर, 1931 को हुआ था. इस नाटक में एक गीत बहुत लोकप्रिय हुआ.''

छोड़िए X पोस्ट, 7
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 7

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पत्रकार वैभव पुरंदरे की किताब 'सावरकर: द ट्रू स्टोरी ऑफ़ फ़ादर ऑफ़ हिन्दुत्वा' का हवाला देकर सावरकर और लता मंगेशकर के कनेक्शन पर एक स्टोरी की है.

इस स्टोरी में बताया गया है कि अंडमान की जेल से रिहा होने के बाद सावरकर रत्नागिरी में रहने लगे थे. वहाँ उन्होंने अनुसूचित जाति के बच्चों और परिवारों के लिए स्थानीय स्कूलों में एक अभियान शुरू किया था. इस कैंपेन में सावरकर अंतरजातीय डिनर का आयोजन करते थे.

सावरकर का डिनर

वैभव पुरंदरे की किताब के अनुसार, सावरकर के इंटरकास्ट डिनर में लता भी अपने गायक और मंच कलाकार पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के साथ शरीक हुई थीं. तब लता महज़ पाँच साल की थीं.

लता

इमेज स्रोत, @NarendraModi

पुरंदरे ने अपनी किताब के लिए 2018 में लता मंगेशकर का इंटरव्यू किया था. इस इंटरव्यू में लता ने कहा था कि उनकी माँ डिनर में भेजने को लेकर अनिच्छुक थीं.

लता ने कहा था, ''पहली बात तो उस डिनर में ज़्यादातर पुरुष होते थे. दूसरी बात यह कि जिन बच्चों ने मुश्किल से स्कूल जाना शुरू किया था, उन्हें कभी इसका हिस्सा नहीं बनाया गया. तीसरी बात यह थी कि उस डिनर में शामिल होने पर अलोकप्रिय होने का जोख़िम रहता था. ज़्यादातर हिन्दू तब रूढ़िवादी थे. लेकिन मेरे पिता ने इन सबका ध्यान नहीं दिया था.''

लता मंगेशकर ने पुरंदरे को दिए इंटरव्यू में कहा था, ''मेरे पिता जब हरिजनों के मोहल्ले में जाते थे तो मैं भी उनके साथ जाना चाहती थी. मेरी माँ मुझे जाने से रोकती थीं. बाबा ने कहा कि तात्या ने हरिजन मोहल्ले में अंतरजातीय भोज का आयोजन किया है. तब अंतरजातीय भोज में शामिल होना बड़ी बात थी.''

बाद में लता मंगेशकर ने सावरकर के लिखे कई गानों को स्वर दिया. भारत के आधुनिक इतिहास में सावरकर को ध्रुवीकरण वाले चेहरे के रूप में देखा जाता है. सावरकर को महात्मा गांधी की हत्या में भी सहअभियुक्त बनाया गया था. हालांकि बाद में उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)