You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पाकिस्तानी तालिबान पर अफ़ग़ान तालिबान ने दी सफ़ाई- पाकिस्तान उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
अफ़ग़ान तालिबान ने कहा है कि पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) उनके आंदोलन का हिस्सा नहीं है.
अख़बार दुनिया के अनुसार अफ़ग़ान तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहउल्लाह मुजाहिद ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि एक संगठन के तौर पर टीटीपी अफ़ग़ानिस्तान तालिबान का हिस्सा नहीं है और दोनों के उद्देश्य भी एक नहीं है.
इंटरव्यू में तालिबान प्रवक्ता का कहना था, "हम टीटीपी को सलाह देंगे कि वो अपने मुल्क (पाकिस्तान) में शांति और स्थिरता पर ध्यान दें. यह बहुत अहम है ताकि वो इस क्षेत्र और पाकिस्तान में दुश्मनों के आगमन की किसी भी आशंका को ख़त्म कर सकें. अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार पाकिस्तान से भी अपील करती है कि वो इस क्षेत्र और पाकिस्तान की बेहतरी के लिए टीटीपी की मांगों पर ग़ौर करे."
एक सवाल के जवाब में तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि वो दूसरे मुल्क के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं. ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार और टीटीपी के बीच सीज़फ़ायर की मियाद ख़त्म हो गई है. नवंबर में पाकिस्तान सरकार और टीटीपी के बीच एक महीने के लिए सीज़फ़ायर की घोषणा की गई थी. एक महीने की समाप्ति के बाद टीटीपी के प्रवक्ता मोहम्मद ख़ोरासानी ने गुरुवार को एक बयान में पाकिस्तान सरकार और टीटीपी के बीच सीज़फ़ायर को बढ़ाने की बात से इनकार कर दिया था.
उसके बाद से पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से अब तक कोई बयान नहीं आया है. लेकिन समाचार एजेंसी एएफ़पी से बात करते हुए एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि टीटीपी के बयान पर उन्हें हैरत हुई है क्योंकि बातचीत के दौरान टीटीपी की तरफ़ से सीज़फ़ायर को एक महीने के बाद भी बढ़ाने के बारे को लेकर विश्वास दिलाया गया था.
इस बीच ख़ैबर पख़्तूख़्वाह के मुख्यमंत्री के सलाहकार बैरिस्टर मोहम्मद अली सैफ़ ने कहा है कि टीटीपी से बातचीत जारी है और बहुत जल्द ही एक स्थायी समझौता हो जाएगा.
सैफ़ ने बातचीत में दोनों तरफ़ से कौन-कौन शामिल है इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है लेकिन मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार अफ़ग़ान तालिबान के वरिष्ठ नेता और अफ़ग़ानिस्तान के मौजूदा गृहमंत्री सिराजउद्दीन हक़्क़ानी की देख-रेख में यह बातचीत हो रही है.
बीजेपी की अतिवादी विदेश नीति क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा है: इमरान ख़ान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का कहना है कि भारत में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की विदेश नीति क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा है.
अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने अमेरिकी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के दौरान यह बातें कहीं.
अख़बार के अनुसार अमेरिकी ऊपरी सदन सिनेट के चार सदस्यों का एक दल इन दिनों पाकिस्तान में है. शनिवार को इस दल ने इमरान ख़ान से मुलाक़ात की.
इस दौरान इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और ख़ुशहाली को बढ़ावा देने वाले क़दम उठाने को तैयार है, लेकिन भारत की तरफ़ से भी माहौल को बेहतर बनाने की कोशिश की जानी चाहिए.
इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच मज़बूत साझेदारी इलाक़े की शांति, सुरक्षा और ख़ुशहाली के लिए बहुत अहम है. बातचीत के दौरान इमरान ख़ान ने भारत का भी ज़िक्र किया और भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय सेना की तरफ़ से किए जा रहे कथित तौर पर मानवाधिकार के उल्लंघन से प्रतिनिधिमंडल को आगाह किया.
भारत में सत्तारूढ़ बीजेपी के बारे में इमरान ख़ान का कहना था, "बीजेपी की अतिवादी विदेश नीति क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा है."
अफ़ग़ानिस्तान का ज़िक्र करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट और आर्थिक बदहाली रोकने के लिए अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की मदद की जानी चाहिए. इमरान ने अमेरिका से अपील किया कि इस इलाक़े में शांति और स्थिरता के लिए अमेरिका को अपना रोल अदा करना चाहिए.
अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से भी मुलाक़ात की.
महंगाई के ख़िलाफ़ पीपीपी का देश-व्यापी विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने शुक्रवार को देश-व्यापी विरोध प्रदर्शन किया.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने देशव्यापी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने समर्थकों का शुक्रिया अदा किया. इस दौरान बिलावल ने कहा कि जनता ने देश भर में प्रदर्शन करके सरकार के ख़िलाफ़ अपना फ़ैसला सुना दिया है.
बिलावल का कहना था, "आम जनता इमरान ख़ान के साथ नहीं खड़ी है. जनसमर्थन के बग़ैर इमरान ख़ान को प्रधानमंत्री बने रहने का कोई हक़ नहीं है." इस अवसर पर पीपीपी के महासचिव सैय्यद नय्यर हुसैन बुख़ारी ने कहा कि "पिछले 38 महीनों से शासकों ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है, रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें आम जनता की पहुँच से बाहर हो गईं हैं. जनता बिलबिला उठी है लेकिन सरकार बेहिस हो गई है." विरोध प्रदर्शन के दौरान 'गो इमरान गो' के नारे भी लगाए गए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)