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ओमिक्रॉनः कोरोना वेरिएंट को लेकर भारत सरकार ने जारी की सलाह
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भारत सरकार ने लोगों के लिए सलाह जारी की है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन प्रश्नों के जवाब भी दिए हैं जो आमतौर पर ओमिक्रॉन को लेकर पूछे जा रहे हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी कहा है कि भारत में टीकाकरण के आंकड़ों और डेल्टा वेरिएंट के दौरान लोगों में पैदा हुई इम्यूनिटी को देखते हुए ये माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन के गंभीर होने की आशंका कम है.
ओमिक्रॉन की वजह से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या तीसरी लहर आने वाली है. इसे लेकर भारत सरकार ने कहा है कि ओमिक्रॉन भारत समेत अन्य देशों मे फैल सकता है.
मंत्रालय ने कहा है कि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ये वेरिएंट किस पैमाने पर फैलेगा और इसकी गंभीरता क्या होगी.
उसने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि इस बीमारी की गंभीरता कम रहेगी. मंत्रालय ने कहा है कि हालांकि अभी वैज्ञानिक सबूत जुटाए जा रहे हैं और नए सबूत सामने आ रहे हैं.
भारत सरकार ने ओमिक्रॉन को देखते हुए लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की है. शुक्रवार को जारी बयान में केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ओमिक्रॉन भारत सहित दुनिया के देशों में फैल सकता है.
सरकार ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट के बाद लोगों में पैदा हुई इम्यूनिटी (शरीर की रक्षात्मक प्रणाली) और टीकाकरण को देखते हुए ये अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि ओमिक्रॉन बीमारी बहुत गंभीर नहीं होगी.
क्या मौजूदा वैक्सीन असरदार है?
सरकार ने बयान में ये भी कहा है कि अभी ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चल सके कि मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन पर काम नहीं कर रही हैं. सरकार ने अपने बयान में अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने पर ज़ोर दिया है.
भारत में अभी जो मौजूदा टेस्ट हो रहे हैं वो कोविड संक्रमण का तो पता लगा सकते हैं लेकिन ये ओमिक्रॉन वेरिएंट है या नहीं इसका पता नहीं लगा सकते हैं. ओमिक्रॉन की पुष्टि के लिए जीनोम सिक्वेंस टेस्ट की ज़रूरत होती है.
भारत के बेंगलुरु में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामले मिलने के बाद देश भर में राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं. भारत में अबतक ओमिक्रॉम के चार मामले मिल चुके हैं. शनिवार 4 दिसंबर को एक मामला गुजरात और एक महाराष्ट्र में सामने आया.
इसी बीच तमिलनाडु में दो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई है. ये सिंगापुर और ब्रिटेन से आए थे. इन दोनों लोगों के संपर्क में आए लोगों पर नज़र रखी जा रही है.
बूस्टर डोज़ की सलाह
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारत के शीर्ष जीनोम वैज्ञानिकों ने चालीस साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज़ की सलाह दी है.
भारत सरकार ने सार्स-सीओवी-2 जीनोम सीक्वेंसिग लैब का एक नेटवर्क स्थापित किया है कि ताकि कोविड को अलग-अलग वैरिएंट्स पर नज़र रखी जा सके. इस नेटवर्क के कंसोर्टियम ने सरकार से कहा है कि ख़तरे और आबादी के आधार पर 40 से ऊपर के लोगों को बूस्टर डोज़ दिया जाना चाहिए.
दुनिया में क्या चल रहा है?
कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने के बाद से दुनियाभर में भी सरकारें अलर्ट पर हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका पहुंच रहे यात्रियों के लिए नए नियमों की घोषणा की है.
अब अमेरिका आने वाले सभी यात्रियों को यात्रा शुरू करने से चौबीस घंटे पहले टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा. ये नियम सभी देशों के नागरिकों पर लागू होगा. जिन लोगों ने वैक्सीन लगवा रखी है उन्हें भी टेस्ट कराना होगा.
राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा, "टेस्ट की इस सख्त टाइमलाइन से अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी. वैज्ञानिक इस नए ओमिक्रॉन वेरिएंट पर अध्ययन कर रहे हैं."
इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि देशों को अपने हेल्थकेयर सिस्टम को मज़बूत करना होगा और जल्द से जल्द लोगों को वैक्सीन लगवानी होगी ताकि कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों से निबटा जा सके.
इसी बीच ऑस्ट्रेलिया में भी ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले सामने आ रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया दक्षिण अफ़्रीकी देशों पर पहले ही यात्रा प्रतिबंध लगा चुका है.
इस सप्ताह एशिया के कई देशों में ओमिक्रॉन के मामले सामने आए हैं. इनमें भारत, मलेशिया, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया शामिल हैं.
यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश जर्मनी ने कहा है कि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है वो आवश्यक सेवाओं के अलावा कोई और काम नहीं कर सकेंगे. जर्मनी टीकाकरण को अनिवार्य करने के लिए नया क़ानून भी लाने जा रहा है.
सरकारें यात्रा प्रतिबंध लगा रही हैं लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि सीमाएं बंद करने से सिर्फ़ समय ही मिल पाएगा.
वेस्टर्न पैसिफिक क्षेत्र के लिए डब्ल्यूएचओ की रीजनल डायरेक्टर ताकेशी कासाई ने कहा, "सिर्फ़ सीमाएं बंद करने पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए. सबसे ज़रूरी ये है कि इस अत्यधिक संक्रामक वेरिएंट से निबटने की तैयारी की जाए. अभी जो जानकारी हमारे पास है उससे पता चलता है कि हमें अपना तरीक़ा बदलने की ज़रूरत नहीं है."
ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद से दुनियाभर के देश यात्रा प्रतिबंध लगा रहे हैं. गुरुवार को हांग कांग, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और रूस ने यात्रा नियम सख़्त कर दिए. वहीं शुक्रवार को मलेशिया ने कहा कि वह यात्रा नियमों को और सख़्त करने जा रहा है.
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