You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
इमरान ख़ान पाकिस्तानी तालिबान के आगे घुटने टेक रहे हैं? - पाकिस्तान उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान में प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से बातचीत के फ़ैसले पर विपक्ष ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पर जमकर हमला बोला है.
इमरान ख़ान ने तुर्की के न्यूज़ चैनल टीआरटी वर्ल्ड को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि टीटीपी के कुछ धड़ों से पाकिस्तान की सरकार बातचीत कर रही है.
इमरान ख़ान के मुताबिक़, यह बातचीत अफ़ग़ानिस्तान में हो रही है और अफ़ग़ान तालिबान इसमें मदद कर रहे हैं.
इस दौरान इमरान ख़ान ने कहा था, "उनके हथियार डाल देने के बाद हम उन्हें माफ़ कर देंगे और वो आम पाकिस्तानी नागरिकों की तरह रह सकेंगे."
अख़बार डॉन के अनुसार हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सरकार की तरफ़ से इस तरह की बात कही गई है. अख़बार के मुताबिक़ इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ़ अल्वी ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में कहा था कि टीटीपी के जो लोग किसी अपराध में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं और जो पाकिस्तान के संविधान पर चलना चाहते हैं सरकार उनकी आम माफ़ी के बारे में सोच सकती है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि टीटीपी अगर हथियार डाल दे तो उन्हें माफ़ी दी जा सकती है.
विपक्ष का इमरान पर निशाना
इमरान ख़ान के इस ताज़ा बयान के बाद विपक्ष की सख़्त प्रतिक्रिया आई है.
मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) के नेता और पूर्व विदेश मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने कहा कि टीटीपी को आम माफ़ी देना बहुत बड़ा फ़ैसला है.
अख़बार जंग के मुताबिक़ ख़्वाजा आसिफ़ ने कहा, "यह सरकार अपने सियासी विरोधियों को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं, लेकिन तालिबान को माफ़ करने की बात कर रही है. इसके लिए पूरी क़ौम को और ख़ासकर उनके हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों को विश्वास में लेना बहुत ज़रूरी है."
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता और पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा कि टीटीपी से बातचीत ना पहले ग़लत थी और ना ही अब ग़लत है लेकिन जब दोनों पक्ष सहमत हों तभी बातचीत का बेहतर नतीजा निकलता है.
हिना रब्बानी खार ने कहा, "इमरान ख़ान बताएं कि सियासी बातचीत पाकिस्तान के अंदर क्यों नहीं हो सकती. सरकार बातचीत की तरफ़ जाए लेकिन इस प्रक्रिया की शुरुआत टीआरटी को इंटरव्यू से नहीं, संसद से शुरू होनी चाहिए. टीटीपी से बातचीत से पहले पाकिस्तान में इस पर बात होनी चाहिए."
टीटीपी के हमले में पाँच सैनिकों की मौत
इमरान ख़ान एक तरफ़ टीटीपी के एक धड़े से बातचीत की बात कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ़ टीटीपी के चरमपंथी हमले जारी हैं.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि उत्तरी वज़ीरिस्तान के स्पिनवाम इलाक़े में हुए चरमपंथी हमले में फ़्रन्टियर कॉर्प्स के चार सैनिकों और एक सब-इंस्पेक्टर की मौत हो गई.
बयान के मुताबिक़ चरमपंथियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ी को तब निशाना बनाया जब इलाक़े में सर्च ऑपरेशन जारी था.
इससे पहले गुरुवार को ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में टीटीपी के ख़िलाफ़ सैन्य ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना के कैप्टन सिकंदर की मौत हो गई थी.
पनामा पेपर्स के बाद एक और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय घोटाला
आज से क़रीब पाँच साल पहले 2016 में पनामा पेपर्स के नाम से एक वित्तीय घोटाला दुनिया भर में सामने आया था. इसने दुनिया भर में हलचल मचा दी थी और पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ़ की सरकार इसी घोटाले के सामने आने के बाद गिर गई थी.
अब एक और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय घोटाला सामने आने वाला है. इसका नाम 'पैंडोरा पेपर्स' रखा गया है.
दुनिया भर में खोजी पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के समूह आईसीआईजे (ICIJ) ने शुक्रवार को घोषणा कर दी कि उसकी जाँच पूरी हो चुकी है और रविवार को जीएमटी के समयानुसार शाम साढ़े चार बजे (भारतीय समयानुसार रात दस बजे) इसको सार्वजनिक कर दिया जाएगा.
आईसीएजे के अनुसार 117 देशों के 150 मीडिया घरानों में काम करने वाले 600 से ज़्यादा पत्रकारों ने मिलकर इस रिपोर्ट को तैयार किया है.
इस रिपोर्ट को बनाने में पाकिस्तान के भी दो पत्रकार शामिल हैं. द न्यूज़ में काम करने वाले उमर चीमा और फ़ख़र दुर्रानी इस छानबीन में शामिल थे.
उमर चीमा के अनुसार इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 600 से ज़्यादा पत्रकारों ने दो साल तक काम किया है और यह रिपोर्ट एक करोड़ 19 लाख फ़ाइलों पर आधारित हैं.
'अमेरिका से हवाई रास्ते के इस्तेमाल पर बातचीत हुई है'
अख़बार जंग के मुताबिक़ विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अल-क़ायदा के ठिकानों पर हवाई हमले के लिए अमेरिका को पाकिस्तानी हवाई रास्ते के इस्तेमाल की इजाज़त दिए जाने के मामले में बातचीत हुई है.
पाकिस्तान के दौरे पर आए डेनमार्क के विदेश मंत्री के साथ शुक्रवार को एक साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान क़ुरैशी ने यह बातें कहीं.
क़ुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान की सुरक्षा को देखते हुए जो भी उसके हित में होगा, वही फ़ैसला किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम फ़ैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा.
इस दौरान क़ुरैशी ने कहा कि अमेरिकी सांसदों ने अफ़ग़ानिस्तान से संबंधित क़ानून बनाने का जो मसौदा पेश किया है, उस पर पाकिस्तान ख़ामोश नहीं बैठेगा.
उनका कहना था, "पाकिस्तान को बलि का बकरा बनाना समस्या का समाधान नहीं, पाकिस्तान अपने हितों की पूर्ण रक्षा करेगा."
'शाहरुख़ को उमर शरीफ़ के क़दमों में बैठते देखा'
कॉमेडी के बेताज बादशाह उमर शरीफ़ के निधन पर पाकिस्तानी फ़िल्म स्टार्स की श्रद्धांजलि जारी है.
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तानी एक्टर रेशम ने कहा कि उन्होंने भारत के सुपरस्टार शाहरुख़ ख़ान को एक बार उमर शरीफ़ के क़दमों में बैठते देखा है. उन्होंने कहा कि एक बार उमर शरीफ़ की परफ़ॉर्मेंस देखने के लिए अमिताभ बच्चन ने अपनी फ़्लाइट कैंसल कर दी थी.
पाकिस्तान के जाने-माने कलाकार जावेद शेख़ ने कहा कि पूरा हिंदुस्तान उमर शरीफ़ के फ़न का दीवाना था. उनके अनुसार भारतीय कॉमेडियन उमर शरीफ़ के पुराने वीडियो देखकर कॉमेडी सीखा करते थे.
वहीं कलाकार मीरा ने कहा कि अक्षय कुमार ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि कॉमेडी के मामले में वो उमर शरीफ़ से ही सीखते आए हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)