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अमेरिकी अख़बारों ने अफ़ग़ानिस्तान में किए गए आख़िरी ड्रोन हमले पर उठाए सवाल
अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका की 20 साल की मौजूदगी के आख़िरी दिनों में किए गए ड्रोन हमलों के दावों पर अमेरिकी मीडिया ने सवाल उठाए हैं.
अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि हमले में इस्लामिक स्टेट के ऑपरेटिव के मारे जाने की ख़बर ग़लत है.
अख़बार के मुताबिक़, हमले में काबुल में सहायता समूह से जुड़े एक व्यक्ति की मौत हुई थी. मीडिया संस्थानों ने दावा किया है कि उन्हें जो सबूत मिले हैं, वे अमेरिकी सेना के उस दावे को भी ख़ारिज करते हैं जिसमें कहा गया था कि गाड़ी में विस्फोटक थे जिसके कारण एक दूसरा ब्लास्ट भी हुआ था.
हालांकि पेंटागन का कहना है कि उन्हें अभी भी विश्वास है कि उन्होंने एक "बड़े ख़तरे" को टाला.
काबुल में 29 अगस्त को एक ड्रोन हमले में एक ही परिवार के 10 लोगों की मौत हो गई थी. परिवार के दूसरे सदस्यों ने बीबीसी को बताया था कि मरने वालों में छह बच्चे शामिल थे.
अमेरिकी सेना उस वक़्त हाई अलर्ट पर थी क्योंकि इससे तीन दिन पहले ही एक आत्मघाती हमलावर ने काबुल एयरपोर्ट पर हमला कर 100 से ज़्यादा नागरिकों और 13 अमेरिकी सैनिकों की हत्या कर दी थी.
वीडियो और तस्वीरों की जांच का दावा
अमेरिका और दूसरे देशों का अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल तक चला मिशन 30 अगस्त को ख़त्म हो गया.
दोनों अख़बारों ने प्रमाण के लिए वीडियो और तस्वीरों को इकट्ठा किया और जानकारों और चश्मदीदों से इसके बारे में बात की. इसके बाद वो इस नतीजे पर पहुंचे की मौजूद सुबूत ये संकेत देते हैं कि गाड़ी में कोई विस्फोटक नहीं था.
अमेरिकी सेना ने कहा है कि मारे गए व्यक्ति की पहचान के बारे में उसे हमले के पहले जानकारी नहीं थी लेकिन माना जा रहा कि वो इस्लामिक स्टेट के अफ़ग़ानिस्तान शाखा से जुड़ा हुआ था.
जॉइंट चीफ्स ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन जनरल मार्क मिले ने इसे "सही हमला" बताया था.
न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि मरने वाले शख़्स 43 साल के इज़मराई अहमदी थे जो कि कैलिफ़ोर्निया के न्यूट्रिशन एंड एजुकेशन इंटरनेशनल नाम के सहायता समूह से जुड़े थे. अख़बार का दावा है कि अहमदी ने अमेरिका में शिफ्ट होने के लिए आवेदन दे रखा था.
गाड़ी में ज़रूरत का सामान होने का दावा
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़ अमेरिकी सेना ये मान रही थी कि वो एक सफ़ेद सिडान गाड़ी का पीछा कर रहे हैं जो आईएस के सेफ़ हाउस से निकली थी. उन्होंने कई तरह की बातचीत को इंटरसेप्ट किया था और कई जगहों पर वो गाड़ी रुकी क्योंकि उसे सामान उठाना था और डिलीवरी करनी थी.
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि एक पैकेट बहुत बड़ा था, जिससे उसमें विस्फोटक होने का अंदाज़ा लगाया गया था.
अख़बार के मुताबिक़, उन्होंने सुरक्षा से जुड़े वीडियो की जांच की है जिससे पता चलता है कि अहमदी लैपटॉप और पानी के बड़े कनस्तर ले रहे थे क्योंकि आम दिनों की तरह उस दिन भी पानी की किल्लत थी.
बाद में अहमदी घर चले गए. अमेरिकी ड्रोन संचालकों ने कथित तौर पर उन्हें एक अन्य पुरुष से बात करते हुए देखा और हमला करने का फ़ैसला किया. लेकिन जब अहमदी पर हमला हुआ उनके परिजन आसपास थे. मरने वाले सबसे छोटे बच्चे की उम्र दो साल थी.
एनईआई के अध्यक्ष स्टीवन क्वोन ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया कि उनकी चैरिटी के पास सफ़ेद टोयोटा सिडान है.
उन्होंने इस बात से इनकार किया कि परिसर का इस्लामिक स्टेट से कोई संबंध था. उन्होंने कहा, "हम लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं. हम लोगों को मारने के लिए विस्फोटक क्यों रखेंगे?"
न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि स्थानीय इस्लामिक स्टेट समूह ने अगले दिन एक रॉकेट हमले की बात स्वीकार की थी जिसे एक सफेद टोयोटा कार से लॉन्च किया गया था. वैसी ही कार जैसी अहमदी इस्तेमाल कर रहे थे.
'विस्फोटक होने का सबूत बहुत कम'
पेंटागन ने तर्क दिया है कि ड्रोन हमले के बाद एक बड़े विस्फोट से पता चला कि गाड़ी में विस्फोटक थे.
लेकिन दोनों अख़बारों का कहना है कि ये साबित करने के लिए सबूत बहुत कम हैं.
वॉशिंगटन पोस्ट ने विश्लेषण के लिए विशेषज्ञों को घटनास्थल की तस्वीरें भेजीं थीं. एक विशेषज्ञ, फेरेंक डालनोकी-वेरेस ने कहा कि इसकी बहुत कम संभावना है कि कार में पर्याप्त मात्रा में विस्फोटक थे. उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि गाड़ी के ईंधन से निकलने वाले धुएं के कारण दूसरा ब्लास्ट हुआ हो.
विशेषज्ञ ब्रायन कास्टनर ने कहा कि दूसरा विस्फोट शायद "सिर्फ़ कार के जलने या गैस या तेल से संबंधित" था.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी ख़बर में तीन हथियार विशेषज्ञों के हवाले से सबूतों की कमी की ओर इशारा किया है. दावा है कि पास के गेट पर केवल एक खरोच आई है, कोई दीवार नहीं गिरी और उस जगह पर दूसरी गाड़ी से पलटने या किसी तरह से पेड़ पौधों को नुकसान होने का पता नहीं चला.
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिका ने अभी तक ड्रोन हमले पर पूरी या अंतिम रिपोर्ट नहीं दी है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए, पेंटागन के प्रवक्ता जॉन कर्बी ने कहा कि अमेरिका "हमले का आकलन" कर रहा है और "नागरिकों को नुकसान ना हो इसके लिए कोई अन्य सेना इतनी कड़ी मेहनत नहीं करती है."
"जैसा कि चेयरमैन मिले ने बताया, हमला पुख्ता खुफ़िया जानकारियों पर आधारित था और हम अभी भी मानते हैं कि हमने एक बड़े ख़तरे को रोका और एयरपोर्ट पर मौजूद अपने लोगों की रक्षा की."
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