बेलारूस: राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों के बीच पुतिन ने लिया अहम फ़ैसला

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पोलैंड और लिथुआनिया में शनिवार को पड़ोसी देश बेलारूस के विपक्ष के समर्थन में हज़ाारों लोग सड़कों पर उतरे.

प्रदर्शनकारियों ने बेलारूस के विपक्षी पत्रकार और एक्टिविस्ट रोमान प्रोतासेविच और उनकी रूसी गर्लफ़्रेंड सोफ़िया को रिहा करने की मांग की है.

प्रोतासेविच और सोफ़िया को मिंस्क के हवाई अड्डे पर फ्लाइट से गिरफ़्तार कर लिया गया था. इस जोड़े की गिरफ़्तारी के बाद बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको का वैश्विक स्तर पर विरोध हो रहा है.

इधर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के बीच चली बातचीत के बाद रूस, बेलारूस को 50 करोड़ डॉलर का क़र्ज़ देने के लिए तैयार हो गया है.

यह 1.5 अरब डॉलर के कर्ज़ की दूसरी किस्त है जो बेलारूस को अगले महीने मिलेगी. लुकाशेंकों शुक्रवार को रूस गए थे और उन्होंने सोची में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात की थी.

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इमेज कैप्शन, बेलारूस की विपक्षी नेता स्वेतलाना

बेलारूस के विरोध में यूरोपीय संघ के देशों ने बेलारूस के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से बचने के लिए कहा है. यूरोप के साथ-साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी बेलारूस की सरकार के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन हुए हैं.

रोमान प्रोतासेविच 26 साल के हैं और उनकी रूसी गर्लफ्रेंड सोफ़िया सापेजा 23 साल की हैं. दोनों पिछले रविवार को ग्रीस से लिथुआनिया जा रहे थे तभी बेलारूस ने बम धमाके का ख़तरा बताकर इस प्लेन के साथ एक फाइटर जेट को लगा दिया था.

हालांकि बाद में पता चला कि बम धमाके की बात झूठी थी. इसी दौरान मिंस्क एयरपोर्ट पर दोनों को गिरफ़्तार कर लिया गया. दोनों को आयरलैंड की एयरलाइंस रायनएयर की फ्लाइट से गिरफ़्तार किया गया था.

प्रोतासेविच की माँ नतालिया ने पोलैंड की राजधानी वर्सावा में एक रैली में कहा, "मैं यूरोपीय संघ के देशों और अमेरिका से अपील करती हूँ कि रोमान और सोफ़िया के साथ-साथ अन्य सभी क़ैदियों को रिहा कराने में मदद करें."

रोमान के पिता दिमित्री ने कहा, "हम एक स्वतंत्र मुल्क में रहना चाहते हैं, जहाँ हर किसी को अभिव्यक्ति की आज़ादी मिले."

वर्सावा में भीड़ बेलारूस के विपक्ष का लाल और सफ़ेद झंडा लहरा रही थी. इनके हाथों में तख्तियां भी थीं, जिन पर लिखा था- बेलारूस की मदद करें और बेलारूस के लिए आज़ादी.

वर्सावा में रह रहे 35 साल के बेलारूस के नतालिया बुराक ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में कहा, ''अब हालात बहुत ख़राब हो चुके हैं. इसीलिए हमें कुछ करने की ज़रूरत है. हमें बेलारूस में लड़ रहे लोगों को दिखाना है कि वे अकेले नहीं हैं."

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, ''बेलारूस के नागरिक होने के नाते हम लोग कई ऐसी चीज़ें देख रहे हैं, जो परेशान करने वाली हैं.''

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इमेज कैप्शन, रोमान प्रोतासेविच और उनकी गर्लफ़्रेंड सोफ़िया सापेजा

विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिख़ानोवस्काया भी इन्हीं में से एक हैं. वह पिछले साल अगस्त से निर्वासन में रह रही हैं.

स्वेतलाना ने भी लिथुआनिया में हुई एक रैली को संबोधित किया.

रैली को संबोधित करते हुए स्वेतालाना ने कहा, "मैं मानती हूँ कि जल्द ही बेलारूस में परिवर्तन आएगा. नया चुनाव होगा क्योंकि इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है. बेलारूस हार नहीं मानेगा."

स्वेतलाना ने ये बातें लिथुआनिया की राजधानी व्यूनिअस में रैली को संबोधित करते हुए कहीं.

स्वेतलाना और उनके साथ सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने लिथुआनिया स्थित बेलारूस के दूतावास तक मार्च किया. इसी तरह का प्रदर्शन बर्लिन में भी हुआ. यूक्रेन, आयरलैंड और नीदरलैंड्स में भी बेलारूस के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ छोटे-छोटे प्रदर्शन हुए हैं.

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बेलारूस को मिला रूस का साथ

जब पश्चिम के ज़्यादातर देश बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको का विरोध कर रहे हैं तब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके साथ मज़बूती से खड़े हैं.

चौतरफ़ा घिरे लुकाशेंकों शुक्रवार को रूस गए थे और उन्होंने सोची में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात की थी. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पत्रकारों से कहा था कि उन्हें लुकाशेंको को देखकर ख़ुशी हुई है. उन्होंने लुकाशेंको का साथ देने का भी वादा किया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अगले महीने रूस बेलारूस को 50 करोड़ डॉलर का क़र्ज़ देगा.

रूस ने पिछले साल बेलारूस को 1.5 अरब डॉलर का क़र्ज देने का वादा किया था. रूस चाहता है कि बेलारूस में लुकाशेंको शासन के ख़िलाफ़ कोई अस्थिरता पैदा ना हो.

इस क़र्ज़ को इसी का हिस्सा बताया जा रहा है. बेलारूस को इस क़र्ज़ की पहली किस्त के रूप में 50 करोड़ डॉलर पिछले साल अक्टूबर में मिली थी. दूसरी किस्त इस साल जून से पहले मिल जाएगी.

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इमेज कैप्शन, रूस राष्ट्रपति पुतिन से बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के बहुच अच्छे संबंध हैं

बेलारूस कहाँ है?

बेलारूस पूर्व में रूस से जुड़ा है और दक्षिण में यूक्रेन से. उत्तर और पश्चिम में ये यूरोपीय यूनियन और नेटो सदस्य देश लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड से लगा हुआ है.

बेलारूस की आबादी 95 लाख है और यह भी यूक्रेन की तरह रूस और पश्चिमी देशों की आपसी रंजिश में फँसा हुआ है.

राष्ट्रपति लुकाशेंको को यूरोप का आख़िरी तानाशाह भी कहा जाता है. वह पिछले 27 वर्षों से सत्ता में हैं.

66 साल के अलेक्जेंडर ने विरोध में उठ रही हर आवाज़ को कुचल दिया है. विपक्ष के तमाम नेताओं को या तो गिरफ़्तार कर लिया गया है या फिर वे निर्वासित जीवन जी रहे हैं.

बेलारूस में क्या चल रहा है?

नए लोकतांत्रिक नेतृत्व और आर्थिक सुधार के लिए बेलारूस में व्यापक आंदोलन चल रहा है.

बेलारूस के विपक्षी आंदोलन और पश्चिमी देशों की सरकारों का कहना है कि लुकाशेंको ने पिछले साल 9 अगस्त को हुए चुनावों में धांधली की थी.

इन चुनावों में आधिकारिक रूप से उन्हें बड़ी जीत मिली थी. इ

सके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सरकार ने पुलिसबल का इस्तेमाल किया. उस दौरान विपक्षी नेताओं को या तो जेल भेज दिया गया या उन्हें देश छोड़ना पड़ा.

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ताज़ा विरोध प्रदर्शनों की वजह क्या है?

रविवार को रायनएयर फ़्लाइट 4978 ग्रीस की राजधानी एथेंस से लिथुआनिया की राजधानी व्यूनिअस जा रही थी लेकिन रास्ते में ही इसे जबरन बेलारूस की राजधानी मिंस्क की ओर मोड़ दिया गया.

बेलारूस के अधिकारियों का कहना था कि उन्हें स्विटज़रलैंड के ज़रिए बम धमाके की धमकी मिली थी. लेकिन स्विस सेक्योर ई-मेल प्रोवाइडर प्रोटोन मेल का कहना है कि प्लेन का रूट बदलने के बाद ई-मेल भेजा गया था.

इसी प्लेन में रोमान प्रोतासेविच और उनकी गर्लफ़्रेंड सोफ़िया सापेजा सवार थीं. रूसी नागरिक सोफ़िया अंतरराष्ट्रीय क़ानून की विद्यार्थी हैं. प्लेन के लैंड होते ही दोनों को बेलारूस की पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.

प्रोतासेविच 'नेक्स्टा' के पूर्व संपादक हैं. नेक्स्टा लुकाशेंको विरोधी मीडिया ऑपरेशन है जो टेलिग्राम मेसेंजर चैनल पर बहुत लोकप्रिय है.

प्रोतासेवित ने साल 2019 में बेलारूस छोड़ दिया था और लिथुआनिया में निर्वासित जीवन जी रहे थे. 2020 में बेलारूस में राष्ट्रपति चुनाव के बाद नेक्स्टा प्रदर्शनकारियों की आवाज़ बनकर उभरा था.

प्रोतासेविच को पिछले साल बेलारूस ने आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल कर दिया था. उन पर बेलारूस में अस्थिरता पैदा का करने आरोप है. इसके लिए उन्हें 15 साल तक की क़ैद हो सकती है.

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रूस के विदेश मंत्रालय का कहना है कि सोफ़िया पर पिछले साल अगस्त और सितंबर में बेलारूस का क़ानून तोड़ने का आरोप है.

इसी सप्ताह रोमान और सोफ़िया के वीडियो जारी किए गए था जिसमें वो अपना अपराध स्वीकार करते दिखे थे.

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हालांकि विपक्षी नेता और उनसे समर्थकों का कहना है कि दोनों पर दबाव डालकर ये करवाया गया था.

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संयुक्त राष्ट्र सिविल एविएशन एजेंसी ने कहा है कि वो बेलारूस की हालिया कार्रवाई की जाँच करेगी. इस जाँच में पता लगाया जाएगा कि बेलारूस ने किसी अंतरराष्ट्रीय एविएशन क़ानून का उल्लंघन किया है या नहीं.

अमेरिका ने भी प्लेन का रूट बदलने को लेकर नया प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. शुक्रवार को व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि बेलारूस ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन किया है.

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