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इसराइल-फ़लस्तीनी संघर्ष रोकने के लिए सऊदी अरब क्या रणनीति अपना रहा है
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि वे ग़ज़ा में इसराइल द्वारा अंतरराष्ट्रीय मीडिया के दफ़्तरों पर किये गए हवाई हमले से बहुत निराश हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का एक बयान जारी किया है जिसमें लिखा है कि "यूएन महासचिव पिछले दिनों इसराइली हमले में मारे गये "एक ही परिवार के दस सदस्यों वाली घटना' से निराश हुए हैं जिसका उद्देश्य कथित तौर पर एक हमास नेता को निशाना बनाना बताया गया था. वो इस संघर्ष में मारे जा रहे फ़लस्तीनियों की लगातार बढ़ती संख्या को लेकर भी चिंतित हैं."
इस बयान में लिखा है कि इसराइल द्वारा मीडिया संस्थानों के काम करने की जगह के साथ-साथ एक रिहायशी इमारत अल-जाला को निशाना बनाये जाने की घटना ने एंटोनियो गुटेरेस को परेशान किया है.
शनिवार को इसराइल ने ग़ज़ा में स्थित एक अल-जाला नाम की बारह मंज़िला इमारत को मिसाइल हमले से गिरा दिया था.
इसराइल का दावा है कि उस बिल्डिंग के किसी एक माले पर चरमपंथी गुट हमास का भी कार्यालय था. हालांकि, बिल्डिंग के मालिक ने इससे इनकार किया था और उस इमारत में अल-जज़ीरा, एपी और अन्य मीडिया संगठनों के दफ़्तर थे.
इसराइली सेना के अनुसार, पिछले छह दिनों में सेना ने हमास के 100 से ज़्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है और हमास के क़रीब एक दर्जन नेताओं को मार दिया है.
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने इस बयान में कहा है कि "आम नागरिकों को निशाना बनाना और मीडिया पर हमले करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है और इससे हर हाल में बचना चाहिए."
अब तक 145 से अधिक लोगों की मौत
ग़ज़ा, वेस्ट बैंक और यरूशलम में सोमवार से जारी हिंसक संघर्ष में अब तक 145 से ज़्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है जिनमें 41 बच्चे शामिल हैं. ये लोग इसराइली हवाई हमलों या फिर सैन्य कार्रवाइयों में मारे गए हैं.
फ़लस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, एक हज़ार से ज़्यादा लोग अब तक घायल हो चुके हैं.
मौजूदा संघर्ष को साल 2014 के बाद, सबसे ख़राब हिंसक संघर्ष बताया जा रहा है.
फ़लस्तीनी हथियारबंद समूह भी इसराइल पर हमले कर रहे हैं. बताया गया है कि हमास ने सोमवार से अब तक इसराइल की ओर कम से कम 2,300 रॉकेट दागे हैं जिनकी वजह से 10 इसराइली लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा और एक सैनिक शामिल हैं.
रॉकेट हमलों में 560 से ज़्यादा इसराइली घायल हुए हैं. हालांकि, इसराइली एयर-डिफ़ेंस सिस्टम की बदौलत यह संख्या काफ़ी कम रही है क्योंकि वो सिस्टम हमास द्वारा छोड़े गये रॉकेटों को आसमान में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है.
बहरहाल, इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच तनाव की मौजूदा स्थिति पर आज यानी रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक होने वाली है जिसके बाद इस मुद्दे पर कुछ अहम घोषणाएं होने की उम्मीद की जा रही है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि अबदल्लाह अल-मौलामी ने संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात की. मई महीने में चीन सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब फ़लस्तीन मसले पर अरब देशों की कार्रवाई का नेतृत्व कर रहा है.
इन छोटे समूहों में होने वाली मुलाक़ातों का मक़सद सुरक्षा परिषद में फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ इसराइल के हमलों के बारे में जानकारी देना है. ख़ासतौर पर हाल के दिनों में जिस तरह हिंसक हमले हुए हैं और लोगों को अपनी जान से हाथ गंवाना पड़ा है, उस संबंध में बताना ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने तय कर्तव्य का पालन कर सके.
बैठक में संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधिमंडल के विशेष राजनीतिक समिति के अधिकारी फ़ैसल अल-हकबानी ने भी हिस्सा लिया.
सऊदी अरब की कोशिशें
अल-मौलामी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कन बोज़किर से भी मुलाक़ात की क्योंकि सऊदी अरब फ़लस्तीन के लिए इस्लामिक आंदोलन का नेतृत्व करता है.
महासभा के अध्यक्ष के साथ बैठक का मक़सद यही था कि इसराइल के हमलों के बारे में उन्हें बताया जा सके ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाह से नागरिकों की सुरक्षा के उचित क़दम उठाने का आग्रह किया जा सके.
संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीन के मुद्दों का समर्थन करने वालों में सऊदी अरब हमेशा से अव्वल रहा है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय समुदायों के आगे भी वो उनके मुद्दों का समर्थन करता रहा है.
शुक्रवार को सऊदी के विदेश मंत्री ने फ़लस्तीनी अथॉरिटी के विदेश मामलों के मंत्री रियाद अल मलिकी से फ़ोन पर बात की.
इस बातचीत के दौरान, प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने इसराइल के अधिकारियों के अवैध हमलों की सऊदी अरब की निंदा की पुष्टि की. उन्होंने ये भी ज़ाहिर किया कि सभी अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का और सम्मेलनों का उल्लंघन करने वाले देश के इन क़दमों को तुरंत रोकने की आवश्यकता है.
सऊदी अरब के ही अनुरोध पर इस्लामिक सहयोग संगठन रविवार को यरूशलम और ग़ज़ा की स्थिति पर चर्चा करने लिए एक आपातकालीन बैठक करने वाला है.
ओआईसी के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली इस बैठक में सदस्य देश के मंत्री फ़लस्तीनी इलाक़ों पर इसराइल के लगातार हो रहे हमले पर बात करेंगे.
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