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इमरान ख़ान और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच हुए तीन समझौते
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान सऊदी अरब के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. शुक्रवार को जब इमरान ख़ान पहुँचे तो उनकी आगवानी में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान खड़े थे.
क्राउन प्रिंस और इमरान ख़ान की जेद्दा में मुलाक़ात हुई. सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक़ दोनों देशों ने दो समझौते और दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं.
पीएम इमरान ख़ान के दफ़्तर ने ट्वीट कर बताया कि दोनों देशों ने सामाजिक और आर्थिक मुद्दों से जुड़े एमओयू पर दस्तख़त किए.
सऊदी अरब प्रेस एजेंसी के मुताबिक़ पाकिस्तान ने सऊदी फंड ऑफ डिवेलपमेंट (एसएफडी) के साथ ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, परिवहन, जल और संचार के क्षेत्र में वित्तीय मदद से जुड़े एक एमओयू पर दस्तखत़ किए हैं.
पाकिस्तान ने किया कश्मीर का ज़िक्र
इसके अलावा, दोनों देशों की बातचीत में पाकिस्तान ने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया.
इमरान ख़ान के दफ़्तर के मुताबिक़ प्रधानमंत्री ने 'राष्ट्रीय आर्थिक विकास के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक शांतिपूर्ण पड़ोसी की ज़रूरत को रेखांकित किया.'
इमरान ख़ान के दफ्तर ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री ने जम्मू और कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के महत्व पर बल दिया."
"प्रधानमंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति और सुलह के समर्थन के लिए पाकिस्तान के लगातार प्रयासों पर भी प्रकाश डाला."
सऊदी-पाकिस्तान सुप्रीम काउंसिल
दोनों देशों ने आर्थिक विकास, व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर भी चर्चा की.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने ट्विटर पर दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बारे में बताते हुए लिखा, "हम समझौते का स्वागत करते हैं, जिसके तहत पीएम इमरान ख़ान और क्राउन प्रिंस की सह-अध्यक्षता में सऊदी-पाकिस्तान सुप्रीम काउंसिल बनाया जाएगा."
क़ुरैशी के मुताबिक़ इस काउंसिल का ज़ोर राजनीतिक आर्थिक और सामाजिक बिंदुओं पर होगा.
सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने दोनों देशों से जुड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत की. इसके अलावा दोनों नेताओं ने अपराध, ड्रग्स और केमिकल की तस्करी रोकने के लिए भी एक एमओयू पर दस्तख़त किए.
'आधुनिक इस्लामिक कल्याणकारी स्टेट'
इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान के 'मॉडर्न इस्लामिक वेलफ़ेयर स्टेट' की कल्पना 'सऊदी विज़न 2030' से मेल खाती है- एक प्रगतिशील, विविधता और ज्ञान से संचालित अर्थव्यवस्था.
इसके अलावा दोनों नेताओं ने फ़लस्तीनी लोगों के सभी वैध अधिकारों के लिए उनके पूर्ण समर्थन की बात कही, साथ ही एक अलग देश के फ़ैसले के लोगों के अपने अधिकार पर ज़ोर दिया, जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम होगी. पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच एक सहमति बनी.
प्रधानमंत्री ने क्राउन प्रिंस की हाल ही में शुरू की गई "ग्रीन सऊदी अरब और ग्रीन मिडल ईस्ट" पहल की सराहना की.
इमरान ख़ान ने क्राउन प्रिंस को पाकिस्तान आने का न्योता भी दिया.
उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच पिछले कुछ सालों में बढ़ी कड़वाहट कम होगी.
सालों से दोनों देशों के बीच रिश्ते अच्छे रहे हैं, लेकिन हाल के सालों में कई मुद्दों पर दोनों साथ नहीं दिखाई दिए..
दोनों के बीच तनाव का 2015 में शुरू हुआ जब यमन में हो रही सैन्य कार्रवाई में सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना में शामिल होने के लिए पाकिस्तान ने अपनी सेना भेजने से इनकार कर दिया.
इसके बाद भी कई मुद्दों पर दोनों देशों में मतभेद देखा गया.
पाकिस्तान कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के विरोध में था.
लेकिन इस मामले में सऊदी अरब ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को भारत का अंदरूनी मामला बताया.
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