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अमेरिका ने कहा, रूस को दुस्साहसी हरकतों का जवाब मिलेगा
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि अमेरिका रूस की दुस्साहसी या आक्रामक हरकतों का जवाब देगा.
ब्लिंकेन ने कहा कि अमेरिका की नज़र विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी के साथ व्यवहार, सोलर विंड हैक और चुनावी हस्तक्षेप जैसे क़दमों पर रही है.
उन्होंने कहा, “हम अधिक स्थिर और अनुमानित संबंधों को तरजीह देंगे.”
ब्लिंकेन जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक के लिए ब्रिटेन में थे.
दो दिनों की बातचीत के बाद जारी किए गए बयान में रूस की यूक्रेन के ख़िलाफ़ उसके “ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और अस्थिर करने वाले बर्ताव” को लेकर और साइबर हमलों के मामले में आलोचना की गई.
इससे पहले फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को साफ़ कर दिया है “कि वो दिन गए जब अमेरिका रूस के आक्रामक कदमों का विरोध नहीं करता था.”
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार रूसी नेता की आलोचना करने से बचते हुए नज़र आते थे.
ब्लिंकेन ने बीबीसी रेडियो 4 के टुडे कार्यक्रम में कहा कि बाइडन प्रशासन चीन को रोकने की कोशिश नहीं कर रहा है, बल्कि उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अमेरिका एक नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को बनाए रखने के पक्ष में है.
उन्होंने कहा कि देशों को ये बहुत सावधानी से देखने की ज़रूरत है कि चीन उनकी रणनीतिक पूँजी में निवेश कर रहा है या नहीं.
अफ़ग़ानिस्तान को लेकर ब्लिंकेन ने ज़ोर देकर कहा कि सैनिकों को वापस बुला लेने के बाद भी अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान के मामले से जुड़ा रहेगा.
बाइडन प्रशासन ने घोषणा की थी कि अमेरिका के सैनिक सितंबर तक पूरी तरह अफ़ग़ानिस्तान छोड़ देंगे.
ब्लिंकेन ने कहा कि क्षेत्रीय शक्तियों को आगे आना होगा और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर देश को सकारात्मक रास्ते पर ले जाने की कोशिश करनी होगी.
उत्तरी आयरलैंड के बारे में क्या?
जब ब्लिंकेन से ब्रिटेन के साथ एक संभावित व्यापार संधि और उत्तरी आयरलैंड की स्थिति पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि प्रशासन का फोकस अब भी आयरलैंड में शांति पर है.
विदेश मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन के लिए ये अहम है कि “जो भी किया गया, जो भी हम करेंगे, गुड फ्राइडे समझौते का लाभ निरंतर बना रहे और हमारे दिमाग में उत्तरी आयरलैंड की राजनीतिक और आर्थिक भलाई की बात है.”
जो बाइडन ने इससे पहले कहा था कि ब्रेक्ज़िट से 1998 गुड फ्राइडे समझौता को नुक़सान नहीं होना चाहिए, जिसने उत्तरी आयरलैंड की “समस्याओं” को प्रभावी ढंग से ख़त्म किया.
उत्तरी आयरलैंड के लिए पोस्ट-ब्रेक्ज़िट व्यापार समझौतों की वजह से वहाँ तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी और इसकी वजह से फर्स्ट मिनिस्टर आर्लेन फोस्टर ने इस्तीफ़ा भी दे दिया था.
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