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बाइडन सरकार में नीरा टंडन और विवेक मूर्ति की नियुक्ति पर संकट के बादल
- Author, विनीत खरे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन
जो बाइडन प्रशासन में शामिल होने वाले दो भारतीय अमेरीकियों, नीरा टंडन और डॉ. विवेक मूर्ति की नियुक्तियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.
इन दोनों को बाइडन प्रशासन में अहम पद देने के लिए चुना गया है लेकिन अमेरिकी सीनेट इनके नाम मंज़ूर करने से इनकार कर सकती है.
नीरा टंडन को व्हाइट हाउस के प्रबंधन और बजट कार्यालय का ज़िम्मा संभालने के लिए नॉमिनेट किया गया है. यह एजेंसी राष्ट्रपति को फेडरल बजट की तैयारी की देखभाल में मदद करती है. साथ ही यह फेडरल एजेंसियों में अपने प्रशासन की निगरानी में उनका हाथ बँटाती है.
माना जा रहा है कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित अमेरिका के लिए इस दफ्तर की भूमिका इस बार बेहद अहम होगी.
अगर इस दफ्तर के प्रमुख के तौर पर नीरा टंडन की नियुक्ति को मंज़ूरी मिल गई तो वह अमेरिका के इतिहास में इसकी अगुआई करने वाली ऐसी पहली महिला होंगी जो गोरी नहीं हैं.
डॉ. विवेक मूर्ति को जल्द ही अमेरिका का सर्जन जर्नल बनाया जाना है. पहले भी वह यह पद संभाल चुके हैं.
जो बाइडन प्रशासन में अहम पदों के लिए भारतीय मूल के 20 अमेरीकियों को नॉमिनेट किया है. इन नामों की मंजूरी के लिए 100 सदस्यीय सीनेट में साधारण बहुमत की ज़रूरत होगी. लेकिन दिक़्क़त यह है कि सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रटिक पार्टी के बराबर यानी 50-50 सदस्य हैं. इसलिए एक वोट का भी इधर-उधर होना काफ़ी मायने रखेगा.
सीनेट की मंजूरी के लिए होने वाली सुनवाई में मूर्ति गुरुवार को हाज़िर होंगे.
नीरा टंडन को डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सदस्यों के ख़िलाफ़ पहले की गई उनकी टिप्पणियां भारी पड़ सकती हैं. वहीं, मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि डॉ मूर्ति ने कोरोना संक्रमण से जुड़ी सलाहों और भाषणों से 20 लाख डॉलर कमाए हैं. मूर्ति की नियुक्ति में ये आरोप अड़चन डाल सकते हैं.
एक ख़बर में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि टंडन पर भी गाज गिर सकती है. बाइडन प्रशासन में उनकी जगह किसी दूसरे को लाने पर बात चल रही है.
नीरा टंडन की मुश्किलें
नीरा टंडन की नियुक्ति पर मुहर न लगे इसके लिए जो लोग अभियान चला रहे हैं उनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर जो मैनचिन भी शामिल हैं.
मैनचिन ने अपने एक बयान में कहा, "नीरा टंडन ने रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक नेताओं के ख़िलाफ़ जिस तरह की टिप्पणियां की हैं, उनसे संसद सदस्यों के अहम कामकाजी रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है."
अब रिपब्लिकन पार्टी के सांसद भी हर किसी को नीरा टंडन की पिछली टिप्पणियों की याद दिला रहे हैं.
सीनेट की एक सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने नीरा टंडन से कहा, "आप बहुत पक्षपात करती रही हैं."
नीरा टंडन की एक पुरानी टिप्पणी की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा, "राजनीतिक बहस के दौरान आप काफ़ी मज़बूती दिखाती हैं. यह ठीक है. लेकिन मिच मैककॉनेल को 'मॉस्को मिच' कहना शायद ठीक नहीं था. इससे ऐसा लगता है कि वह रूस की जेब में बैठे हुए हैं."
मिच मैककॉनेल सीनेट में शीर्ष रिपब्लिकन नेता हैं.
नीरा टंडन लिबरल थिंक टैंक, सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस की प्रमुख रही थीं. सीनेटर ग्राहम ने उनके वक़्त इसकी नकारात्मक समीक्षा का ज़िक्र किया. इस समीक्षा में कहा गया है, "फाइव स्टार में से सिर्फ़ एक.... इतना ख़राब...बिल्कुल बेकार. "
ग्राहम ने डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेताओं में से एक और सीनेटर बर्नी सैंडर्स के ख़िलाफ़ उनकी टिप्पणियों की याद दिलाते हुए कहा, "नीरा की नफ़रत भरी टिप्पणियां सिर्फ़ रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं तक ही सीमित नहीं है."
रिपब्लिकन सीनेटर रॉब पोर्टमैन ने सीनेट की सुनवाई के दौरान नीरा टंडन से कहा, "आपने लिखा कि सूसन कॉलिन्स बकवास हैं. टॉम कॉटन फ्रॉड हैं और पिशाचों का भी दिल टेड क्रूज से बड़ा होगा. आपने सीनेट के लीडर मैककॉनेल को मॉस्को मिच कहा और वोल्डमोर्ट के ख़िलाफ़ भी टिप्पणी की. आप इन सबके ख़िलाफ़ बोलती रहीं.
सूसन कॉलिन्स, टेड क्रूज और टॉम कॉटन रिपब्लिकन सीनेटर हैं.
सीनेटर कॉलिन्स ने एक बयान में कहा, "नीरा टंडन ने नॉमिनेशन से पहले अपने एक हज़ार से ज़्यादा ट्वीट उड़ा दिए. यह काम इस पद के लिए ज़रूरी पारदर्शिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है." सूसन टंडन की नियुक्ति पर मुहर लगाने के ख़िलाफ़ हैं.
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि नीरा टंडन ने अपने ट्विटर फीड मिटा दिए हैं. उन्होंने अपने कड़े ट्वीट भी हटा दिए हैं.
रिपब्लिकन सीनेटर जॉन केनेडी ने सीनेट की सुनवाई के दौरान नीरा टंडन से लगातार नौ बार यह पूछा कि क्या जब उन्होंने ये ट्वीट किए थे तो इनके परिणामों के बारे में कुछ सोचा था?
नीरा ने काफ़ी वक़्त तक इसे नज़रअंदाज़ किया और फिर बोलीं, "हाँ, मैं जानती थी कि इनसे क्या होगा, लेकिन अब मुझे इसका सच में बहुत अफ़सोस है."
नीरा ने सीनेटर पोर्टमैन से कहा, "हां, मुझे इसका काफ़ी अफसोस है. मैंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया है, उसके लिए मैं माफ़ी मांगती हूं."
नीरा ने कहा कि पिछले कुछ साल के दौरान राजनीतिक बहसों का जैसा ध्रुवीकरण हुआ है, उससे उनकी भाषा इस तरह की हो गई.
बहरहाल, कई रिपब्लिकन नेताओं ने ऐलान किया है कि वे नीरा के ख़िलाफ़ वोटिंग करेंगे.
दूसरी ओर नीरा के समर्थक पूछ रहे हैं, रिपब्लिकन इस वक़्त हमले कर रहे हैं. यही रिपब्लिकन तब चुप क्यों रहते हैं जब ट्रंप ज़हर उगलते हैं. "
टंडन को अपनी नियुक्ति पर मुहर लगवाने के लिए कम से कम एक वोट ज़्यादा चाहिए होगा. अगर उनके पक्ष और विपक्ष में बराबर वोट पड़े तो उप राष्ट्रपति कमला हैरिस को अपना वोट देकर उन्हें जिताना पड़ेगा.
फ़िलहाल , व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने सार्वजनिक तौर पर नीरा टंडन का समर्थन किया है. राष्ट्रपति बाइडन ने भी उन्हें ज़बरदस्त स्मार्ट क़रार दिया है.
नीरा टंडन कौन हैं?
टंडन एक भारतीय प्रवासी की बेटी हैं. सिंगल मदर माया ने उनकी परवरिश की. वह मेसाचुसेट्स के बेडफोर्ड में पली-बढ़ीं.
पहले नीरा का परिवार काफ़ी ग़रीब था. यह परिवार फूड स्टैम्प और पब्लिक हाउसिंग पर निर्भर था लेकिन धीरे-धीरे परिवार की स्थिति सुधरी और यह ग़रीबी से बाहर आया.
टंडन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल में सीनेट की सदस्य रह चुकी हैं. राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में भी वह एक एजेंसी में काम कर चुकी हैं. वह हिलेरी क्लिंटन की भी सहायिका रह चुकी हैं. उन्होंने यूसीएलए और येल लॉ स्कूल से ग्रेजुएशन किया है.
बिज़नेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट में कहा गया है, "हिलेरी क्लिंटन की सहायिका के तौर पर वह काम कर चुकी हैं. 2016 में जब राष्ट्रपति पद के लिए प्राइमरी के चुनाव हो रहे थे तो उन्होंने बर्नी सैंडर्स की काफ़ी आलोचना की थी. उसी समय से वह सोशल डेमोक्रेटिक नेता सैंडर्स के समर्थकों से इंटरनेट पर उलझती रही हैं."
"सैंडर्स के प्रोगेसिव सहयोगी वर्षों से टंडन की सेंट्रिस्ट पॉलिटिक्स के आलोचक रहे हैं. नीरा टंडन सिंगल पेयर हेल्थकेयर का विरोध करती रही हैं . वह सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में कटौती की भी हिमायती हैं. साथ ही वह इसराइल की कंजर्वेटिव लीडरशिप से भी दोस्ती रखने का समर्थन करती हैं. लेकिन सैंडर्स और उनके समर्थक टंडन की इन नीतियों का विरोध करते हैं. "
"टंडन पर सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस का चीफ़ रहते हुए भी आरोप लगे. उन पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने इसराइल की आलोचना करने वाले अपने ही सहयोगियों पर रोक लगाने की कोशिश की. इसके लिए उनके ख़िलाफ़ जांच भी हुई थी. टंडन के वक़्त यह संगठन डेमोक्रेटिक पार्टी और इसराइल की दक्षिणपंथी सरकार के बीच मज़बूत रिश्ते बनाने की कोशिश कर रहा था. "
राष्ट्रपति की उम्मीदवारी के लिए बर्नी सैंडर्स के अभियान की प्रेस सेक्रेट्री ब्रायना जॉय ग्रे ने एक ट्वीट कर कहा था, "कॉरपोरेट डेमोक्रेटिक पार्टी में जो भी बुरा है वह सब नीरा टंडन में आपको मिल जाएगा." नीरा टंडन के आलोचकों ने ट्विटर पर #RejectTanden हैशटैग चलाया था.
विवेक मूर्ति की नियुक्ति पर भी संकट
भारतीय अमेरिकी मूर्ति भी प्रवासी परिवार से ही ताल्लुक रखते हैं. जो बाइडन ने उन्हें अमेरिका का सर्जन जनरल नामित किया है. मूर्ति इससे पहले भी इस पद पर रह चुके हैं.
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि मूर्ति ने कोरोना वायरस संक्रमण पर अपने भाषणों के ज़रिये और सलाह देकर 20 लाख डॉलर कमाए हैं. इससे ये स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और निगरानी संगठनों के निशाने पर आ सकते हैं.
मूर्ति ने अभी तक इन रिपोर्टों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
लेकिन बंदूक से की जाने वाली हिंसा पर उनकी एक पिछली टिप्पणी उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है. सीनेट में जब डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक पार्टी के बराबर सदस्य हों तो उनके लिए मामला कठिन साबित हो सकता है.
2012 में अपने एक ट्वीट में मूर्ति ने अमेरिका में बंदूक से की जाने वाली हिंसा को स्वास्थ्य मुद्दा बताया था. उन्होंने कहा था कि राजनीतिक नेता एनआरए से डरे हुए हैं.
एनआरए नेशनल राइफल एसोसिएशन का संक्षिप्त रूप है. अमेरिका में इसे काफ़ी ताक़तवर लॉबी माना जाता है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 2014 में जब मूर्ति सर्जन जनरल का पद संभालने जा रहे थे तो एनआरए लॉबी ने उनकी नियुक्ति रुकवाने की कोशिश की थी.
बाद में मूर्ति को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी थी . उन्होंने कहा था, "सीनेट में सुनवाई के दौरान सर्जन जनरल के अपने पद को मैं गन कंट्रोल पैरोकार के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहता."
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