टेक्सस में बर्फीला तूफ़ान और घुप्प अंधेरा, पानी की सप्लाई भी ठप

अमेरिका के टेक्सस प्रांत में रहने वाले लगभग सत्तर लाख पिछले कुछ दिनों से अँधेरे और बेहद सर्द मौसम में अपनी ज़िंदगी गुज़ारने के लिए मजबूर हैं.

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वो नल से आने वाले पानी को भी उबाल कर इस्तेमाल करें क्योंकि बर्फीले तूफ़ान की वजह से बिजली व्यवस्था ठप हो चुकी है और जल शोधन संयंत्रों ने काम करना बंद कर दिया है.

स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वो अगले कुछ दिनों तक बिजली आने की उम्मीद न करें.

दक्षिण अमेरिका में इस तूफ़ान की वजह से कम से कम 21 लोग मारे जा चुके हैं और लाखों परिवार अँधेरे में डूब गए हैं.

टेक्सस प्रांत में बिजली व्यवस्था व्यापक स्तर पर ठप पड़ी हुई है. कम तापमान होने की वजह से पानी आपूर्ति करने वाले पाइप भी फटने लगे हैं.

कई स्थानीय लोगों ने कंबल आदि के इस्तेमाल से पाइप को ढंकने की कोशिश की है ताकि उन्हें फटने से बचाया जा सके.

टेक्सस प्रांत में सर्दियों ने पिछले तीस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इस बार न्यूनतम तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इस वजह से बिजली खपत बढ़ी जिससे ग्रिड पर नकारात्मक असर पड़ा.

टेक्सस प्रांत के पर्यावरण गुणवत्ता आयोग के प्रमुख टोबी बेकर ने कहा है कि पानी के साथ जुड़े संयंत्रों के प्रबंधन में जो समस्याएं आ रही हैं, उनसे दो लाथ साठ हज़ार लोग प्रभावित हो रहे हैं.

ह्यूस्टन के मेयर स्लिवेस्टर टर्नर ने लोगों से निवेदन किया है कि वे अपने जल आपूर्ति तंत्रों को बंद कर दें ताकि उनमें पानी न भरे जिससे पानी जमने पर उन्हें फटने से बचाया जा सके.

वहीं, तीन दिनों से जारी ब्लैकआउट की वजह से स्थानीय प्रशासन को काफ़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

गवर्नर ग्रेग एबट ने प्रांतीय पावर ग्रिड के संचालन की जाँच किए जाने की माँग उठाई है क्योंकि टेक्सस में रहने वाले लाखों लोग माइनस 15 तापमान पर अपनी ज़िंदगी बसर करने का संघर्ष झेल रहे हैं.

गवर्नर ग्रेग एबट ने कंपनियों को दूसरे राज्यों को प्राकृतिक गैस बेचने पर भी पाबंदी लगा दी है.

कुछ नागरिक अपने फर्नीचर जलाकर अपने घर के भीतर तापमान बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन प्रसासन का कहना है कि बर्फीला तूफ़ान के कारण आने वाले दिनों में गंभीर स्थितियां बनी रह सकती है.

टेक्सास प्रांत के मेयर थर्मन बार्टी ने कहा है, “हमने बिजली जाने की समस्या का अनुभव किया है. वे पहले इन्हें रोलिंग ब्लैकआउट कह रहे थे लेकिन हमने उसका अनुभव भी किया है.“

“हम इस समय पानी की कमी झेल रहे हैं कि बाहर 36 इंच मोटी बर्फ जमी हुई है. हम अपने जल शोधन संयंत्र में पानी हासिल करने में सक्षम थे लेकिन लोगों तक पानी पहुंचाने वाले पाइप फट गए हैं. हमारे लोग इस समस्या के निदान में लगे हैं.“

“हम ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि हम कैसे अपने नागरिकों तक पानी पहुंचा सकते हैं. बिजली नहीं होने की वजह से ये एक बड़ा काम है. क्योंकि सड़कें भी जमी हुई हैं.”

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