ओबामा ने बताया कि ओसामा को मारने की पूरी रणनीति कैसे बनी

व्हाइट हाउस

इमेज स्रोत, Mark Wilson/Getty Images

    • Author, रेहान फ़ज़ल
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

मई, 2009 में सिचुएशन रूम की बैठक जैसे ही ख़त्म हुई राष्ट्रपति ओबामा अपने कुछ सलाहकारों को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में ले गए और दरवाज़ा भीतर से बंद कर लिया. इनमें व्हाइट हाउस के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ राह्म इमैनुएल, सीआईए के निदेशक लियोन पनेटा और उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डानिलन शामिल थे.

ओबामा ने उन लोगों से कहा कि वो चाहते हैं कि ओसामा बिन लादेन की तलाश को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाए और हर तीस दिन पर इस अभियान की प्रगति रिपोर्ट उनकी मेज़ पर पहुंचाई जाए.

बराक ओबामा की आत्मकथा 'अ प्रॉमिस्ड लैंड' किताब का कवर

इमेज स्रोत, NurPhoto

इमेज कैप्शन, बराक ओबामा की आत्मकथा 'अ प्रॉमिस्ड लैंड' किताब का कवर

बराक ओबामा अपनी आत्मकथा 'अ प्रॉमिस्ड लैंड' में लिखते हैं, "9/ 11 की 9वीं बरसी से एक दिन पहले सीआईए के निदेशक लियोन पनेटा और उनके नंबर दो माइक मॉरेल ने मुझसे मिलने के लिए समय माँगा. लियोन ने कहा 'मिस्टर प्रेसिंडेंट ओसामा बिन लादेन के बारे में हमें अभी बहुत शुरुआती सुराग़ मिले हैं."

"हमारे जासूसों ने अबू अहमद अल कुवैती नाम के एक शख़्स को ढ़ूँढ़ निकाला है जो अल क़ायदा के लिए संदेशवाहक का काम करता है और उसके ओसामा बिन लादेन से नज़दीकी संबंध हैं. हमारे जासूसों ने उनके फ़ोन और रोज़ की गतिविधियों पर नज़र रखी है और वो हमें पाकिस्तान में इस्लामाबाद से 35 किलोमीटर दूर एबटाबाद शहर के बाहरी इलाक़े के एक बड़े अहाते तक ले गए हैं. माइक ने बताया कि उस अहाते का क्षेत्र और आकार बताता है कि वहाँ अल-क़ायदा से जुड़ा हुआ कोई बड़ा शख़्स रह रहा है."

अहाते के अंदर टहलने वाला 'द पेसर'

दो महीने बाद 14 दिसंबर 2009 को लियोन और माइक की जोड़ी एक बार फिर बराक ओबामा से मुलाक़ात करने पहुंची.

इस बार उनके साथ सीआईए के एक अफ़सर और एक विश्लेषक भी थे. ये अफ़सर सीआईए के काउंटर टेरेरिज़्म सेंटर और अमेरिका के बिन लादेन अभियान के प्रमुख थे. इन दो लोगों ने ओबामा को उन सभी तथ्यों की जानकारी दी जिनके ज़रिए वो एबटाबाद के उस अहाते तक पहुंचे थे.

यह वही अहाता है जहां ओसामा बिन लादेन रह रहे थे

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, यह वही अहाता है जहां ओसामा बिन लादेन रह रहे थे

सीआईए के पूर्व निदेशक लियोन पनेटा ने अपनी आत्मकथा 'वर्दी फ़ाइट्स' में इसका ज़िक्र करते हुए लिखा है, "ये अहाता आसपास के प्लॉट्स में सबसे बड़ा था. बगल वाले प्लॉट से क़रीब आठ गुना बड़ा. इसके मालिक इब्राहिम और उनके भाई थे. उनकी माली हालत इतनी नहीं थी कि वो एक करोड़ रुपये मूल्य की इस प्रॉपर्टी के मालिक हो सकते थे. आश्चर्यजनक बात ये थी कि मालिक होते हुए भी इब्राहिम भवन के मुख्य हिस्से में न रह कर अहाते के अंदर ही गेस्ट हाउस में रह रहे थे."

"इस भवन में तीन मंज़िलें थीं. ऊपर की मंज़िल में एक बालकनी थी, लेकिन इस बालकनी को एक दीवार से कवर किया गया था. बालकनी के सामने दीवार कौन खड़ी करता है ? उस घर में न तो कोई इंटरनेट कनेक्शन था और न ही कोई लैंडलाइन फ़ोन. हमारी निगरानी से पता चला था कि कभी-कभी एक शख़्स घर से बाहर निकल कर अहाते के अंदर ही तेज़-तेज़ कदमों से चला करता था."

"हमने उसको 'द पेसर' का नाम दिया था. इस घर के बाहर कूड़ा उठाने वाले लोग आते थे लेकिन घर के लोग अपना कूड़ा कूड़ेवाले को न दे कर अहाते के अंदर ही जलाया करते थे.'

सीआईए के जासूसों का मानना था कि 'द पेसर' ओसामा बिन लादेन हो सकते थे.

छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

एबटाबाद में ओसामा का ठिकाना

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन का ठिकाना

हवाई हमले से अहाते को बर्बाद करने का विकल्प

ओबामा की राय थी कि हालांकि पाकिस्तान की सरकार अमेरिका के साथ सहयोग कर रही थी और अफ़गानिस्तान में उसके अभियान में मदद कर रही थी लेकिन ये बात किसी से छुपी नहीं थी कि पाकिस्तान की सेना और ख़ुफ़िया एजेंसी में कुछ तत्व तालिबान और शायद अल-क़ायदा से भी सहानुभूति रखते थे.

ओबामा का ख़याल था कि एबटाबाद अहाते के पाकिस्तानी मिलिट्री अकादमी के इतना नज़दीक होने की वजह से इस बात की संभावना कहीं अधिक बढ़ गई थी कि अगर पाकिस्तानियों को इस बारे में कुछ भी बताया गया तो ये सूचना आनन-फ़ानन में उस शख़्स के पास पहुंच जाएगी जिसे वो निशाना बनाना चाह रहे थे.

ओबामा लिखते हैं, "हमारे पास दो विकल्प थे. पहला विकल्प ये कि अहाते को हवाई हमले से बर्बाद कर दिया जाए. इसका पहला फ़ायदा ये था कि पाकिस्तान की धरती पर किसी अमेरिकी के मारे जाने का जोख़िम बिल्कुल नहीं था. सार्वजनिक रूप से हम ये खंडन कर सकते थे कि इस हमले में हमारा कोई हाथ है."

"लेकिन इसका नुकसान ये था कि अगर अहाते को बर्बाद करने में हम सफल हो भी गए तो ये कैसे सुनिश्चित होगा कि उसके अंदर लादेन मौजूद थे? और अगर अल-क़ायदा ने उसका खंडन कर दिया तो हम कैसे सिद्ध करेंगे कि लादेन मारे गए हैं ? दूसरे इस ख़तरे से भी इनक़ार नहीं किया जा सकता था कि अहाते के अलावा उसके आस-पास रहने वाले लोग भी मारे जा सकते थे. मैंने ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के वाइस चेयरमैन हॉस कार्टराइट से साफ़-साफ़ कह दिया कि मैं इस अभियान की अनुमति नहीं दे सकता जहाँ तीस-चालीस लोगों के मारे जाने की संभावना हो जबकि ये भी सौ फ़ीसदी तय न हो कि ओसामा उस अहाते के अंदर रह रहे हों."

बराक ओबामा

इमेज स्रोत, The White House/Getty images

अफ़ग़ानिस्तान से पाकिस्तान में प्रवेश की योजना

ओबामा आगे लिखते हैं, "हमारे पास दूसरा विकल्प था कि मैं स्पेशल-ऑप्स मिशन की अनुमति दूँ जिसमें चुने हुए सैनिक हेलिकॉप्टर से पाकिस्तान के अंदर प्रवेश कर अहाते पर इतनी तेज़ी से हमला करें कि पाकिस्तानी पुलिस या सेना को प्रतिक्रिया देने का मौक़ा ही न मिल पाए. इसीलिए मैंने वाइस एडमिरल विलियम मैकरेवन को बुलवाया ताकि वो हमें बता सकें कि ये हमला किस तरह का होगा."

ऊपर से लिए गए चित्रों के आधार पर सीआईए ने एबटाबाद अहाते का थ्री डायमेंशनल प्रतिरूप बनवाया और वाइस एडमिरल मैकरेवन ने राष्ट्रपति ओबामा को इस हमले के बारे में ब्रीफ़ किया. तय हुआ कि सील्स के चुनिंदा सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में जलालाबाद से एक या दो हेलिकॉप्टर्स में रात के अँधेरे में उड़ान भर कर पाकिस्तान में लक्ष्य के अहाते में लैंड करेंगे.

एबटाबाद में ओसामा का ठिकाना

इमेज स्रोत, Getty Images

29 मार्च को बुलाई गई बैठक में ओबामा ने मैकरेवेन से सवाल पूछा कि अगर पाकिस्ताके लड़ाकू विमानों ने हमारे हेलिकाप्टर्स को घुसते या निकलते समय इंटरसेप्ट किया तो हमारा क्या रुख़ होगा?

अगर बिन लादेन अहाते में किसी सेफ़ रूम में छिपे हुए हों और हमारी टीम को उन्हें ढ़ूढ़ने में निर्धारित समय से अधिक वक्त लग गया तो हम क्या करेंगे? और अगर हमले के दौरान पाकिस्तानी बलों ने अहाते को चारों तरफ़ से घेर लिया तो हम इससे कैसे निपटेंगे?

ओबामा लिखते हैं, "एडमिरल मैकरेवन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी योजना इस आधार पर बनाई गई है कि वो पाकिस्तानी सैन्यबलों से उलझने से बचेंगे और अगर पाकिस्तानियों ने हमें घेर भी लिया तो हमारे सील्स अहाते का कब्ज़ा नहीं छोड़ेंगे. इस बीच हमारे राजनयिक उनके वहाँ से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए पाकिस्तानी सरकार से बात शुरू कर देंगे."

इस बीच हॉस कार्टराइट ने एक और विकल्प सुझाया... क्यों न एक ड्रोन से अहाते पर उस समय एक 13 पाउंड की मिसाइल अहाते पर छोड़ी जाए जब 'द पेसर' अपनी डेली वॉक पर निकले हों.

ओबामा ने किसी भी विकल्प को लिए अंतिम हाँ, नहीं भरी लेकिन ये ज़रूर कहा कि योजना बनाने के लिए ये मानकर चलें कि मेरी तरफ़ से 'हाँ' है.

ओबामा

इमेज स्रोत, Getty Images

ओबामा के सलाहकारों के बीच मतभेद

ओबामा के नज़दीकी लोगों में से लियोन पनेटा, जॉन ब्रेनेन और माइक मुलेन ने इस रेड का समर्थन किया.

हिलेरी क्लिंटन की चिंता थी कि इससे अमेरीका और पाकिस्तान के संबंध खराब हो जाएंगे. उन्हें इस बात का भी डर था कि अमेरिकी सील्स का पाकिस्तानी सेना से न आमना सामना हो जाए.

रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने रेड का विरोध किया. उनका तर्क था कि अप्रैल 1980 में ईरान में 53 अमेरिकी बंधकों को इसी तरह छुड़वाने का प्रयास विफल हुआ था और अमेरिका की काफी किरकिरी हुई थी.

इस अभियान में अमेरिका का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और उनके 8 सैनिक मारे गए थे और शायद इसकी वजह से ही बाद में जिमी कार्टर राष्ट्रपति पद का चुनाव हार गए थे.

उप-राष्ट्रपति जो बाइडन भी इस हमले के खिलाफ़ थे. उनका तर्क था कि इसके असफल होने के परिणाम बहुत घातक होंगे. उनका मानना था कि इस रेड को तब तक स्थगित रखा जाए जब तक ख़ुफ़िया सूत्र वहाँ ओसामा बिन लादेन के रहने के बारे में पूरी तरह से सुनिश्चित न हो जाएं.

ओबामा

इमेज स्रोत, Getty Images

हमले के लिए ओबामा का आदेश

28 अप्रैल की रात खाने की मेज़ पर ओबामा की पत्नी मिशेल और बेटियों ने उन्हें उनकी पुरानी चप्पल के बारे में छेड़ा जिसे वो हमेशा घर में पहने रहते थे. उन्होंने इस बात का भी मज़ाक उड़ाया कि बराक को मीठा बिल्कुल भी पसंद नहीं है.

अपनी बेटियों को सुलाने के बाद बराक ओबामा ट्रीटी रूम में आराम करने चले गए और टेलिविज़न पर बास्केटबॉल का मैच देखने लगे. अगले दिन ओबामा को अलाबामा में टुसालूसा में तूफ़ान से हुई बर्बादी का जायज़ा लेने जाना था और शाम को उन्हें मियामी में भाषण देना था. बीच में उन्हें मिशेल और बेटियों को स्पेस शटल 'एनडेवर' का प्रक्षेपण दिखाने ले जाना था.

जाने से पहले ओबामा ने टॉम डॉनिलन, डेनिस मेकडॉनो, बिल डेली और जॉन ब्रेनन को ईमेल भेजा कि वो उनसे डिप्लोमेटिक स्वागत कक्ष में मिलें.

ओबामा लिखते हैं, "मेरा परिवार साउथ लॉन की तरफ़ बढ़ रहा था जहाँ 'मरीन वन' हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा था. हेलिकॉप्टर के इंजन, साशा और मालिया की चुहलबाज़ी के शोर के बीच मैंने एबटाबाद मिशन के लिए अपनी रज़ामंदी दी. मैंने ये साफ़ कर दिया कि इस अभियान की कमान एडमिरल मैकरेवन के हाथ में होगी और वह ही तय करेंगे कि हमला कब बोला जाएगा."

ओबामा और उनके सहयोगी

इमेज स्रोत, Getty Images

सैटेलाइट से अभियान पर नज़र

2 मई, 2011 की सुबह व्हाइट हाउस के ऑपरेटर के जगाने से पहले ही ओबामा की आँख खुल गई. उन्होंने तय किया कि वो मार्विन निकलसन के साथ थोड़ी देर गोल्फ़ खेलेंगे जैसा कि वो अक्सर रविवार को किया करते थे.

ओबामा लिखते हैं, "व्हाइट हाउस लौटने के बाद मैं ओवल ऑफ़िस में कुछ कागज़ात देख रहा था लेकिन मेरा ध्यान ही केंद्रित नहीं हो पा रहा था. थोड़ी देर बाद मैंने अपने सहयोगियों रेगी लव, मार्विन निकलसन और पीट राउज़ को ओवल के डायनिंग रूम में बुला लिया और हम लोग 'स्पेड्स' खेलने लगे. ईसटर्न स्टैंडर्ड टाइम को अनुसार ठीक 2 बजे दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर्स ने जलालाबाद हवाई ठिकाने से एबटाबाद अहाते के लिए उड़ान भरी. उसमें सील दल के 23 सदस्य सवार थे. उनके साथ एक पाकिस्तानी अनुवादक और सैनिक कुत्ता काएरो भी था."

ओबामा ओवल ऑफ़िस से उठ कर सिचुएशन रूम पहुंचे जहाँ लियोन पनेटा सीआईए के मुख्यालय लैंगली से वीडियो कॉन्फ़्रेंस लाइन से जुड़े हुए थे.

एडमिरल मैकरेवन जलालाबाद में थे और सील्स से लगातार संपर्क बनाए हुए थे. कॉन्फ़्रेंस टेबल पर टॉम, हिलैरी, जो बाइडन, डेनिस मेक्डानो, गेट्स, मलेन और एंटनी ब्लिंकेन बैठे हुए थे. ओबामा को ब्रीफ़ किया गया कि अभियान की सफलता या विफलता के बाद पाकिस्तान और दूसरे देशों को किस तरह सूचित किया जाएगा. ओबामा थोड़ी देर के लिए ऊपर चले गए लेकिन तभी पनेटा ने ऐलान किया कि ब्लैक हॉक्स एबटाबाद के अहाते में उतरने ही वाले हैं.

ओबामा की नज़र लाइव फ़ीड पर

ओबामा लिखते हैं, "जैसे ही हेलिकॉप्टर लक्ष्य पर उतरने लगे मैं अपनी कुर्सी से खड़ा हो गया. मैंने कहा मैं इसे देखना चाहूँगा. मैं बगल के कमरे में गया जहाँ इस अभियान की लाइव फ़ीड आ रही थी. वहाँ नीली वर्दी में एयरफ़ोर्स के ब्रिगेडियर जनरल ब्रैड वेब एक मेज़ पर रखे कम्प्यूटर के सामने बैठे हुए थे उन्होंने मुझे अपनी कुर्सी देनी चाही लेकिन मैंने उनके कंधे को दबाते हुए उन्हें बैठे रहने के लिए कहा."

"वेब ने तुरंत मैकरेवन को सूचित किया कि मैं कॉन्फ़्रेंस रूम से उठ कर उनके कमरे में चला आया हूँ और लाइव फ़ीड को देख रहा हूँ. थोड़ी देर में मेरे साथी भी उस छोटे से कमरे में जमा हो गए."

ओबामा के सहयोगी

इमेज स्रोत, Getty Images

'जेरोनिमो- एनिमी किल्ड इन एक्शन'

अभी ओबामा को वहाँ बैठे एक मिनट ही हुआ था कि एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर उतरते हुए थोड़ा हिला और इससे पहले कि वो कुछ समझ पाते मैकरेवन ने उन्हें बताया कि हेलिकॉप्टर का एक पंख अहाते की दीवार से टकरा गया है.

ओबामा लिखते हैं, "एक क्षण के लिए तो मैं बहुत डर गया और मेरे सिर में घूमने लगा कि कुछ बुरा होने वाला है. तभी मैकरेवन की आवाज़ मेरे कानों में गूँजी, 'सब कुछ ठीक होगा.' उनकी आवाज़ से ऐसा लग रहा था मानो वो कह रहे हों कि शॉपिंग मॉल में एक कार की शॉपिंग ट्रॉली से मामूली टक्कर हो गई हो. उन्होंने कहा ये हमारे सर्वश्रेष्ठ पायलट हैं. वो हेलिकॉप्टर को सुरक्षित नीचे ले आएंगे. और ऐसा ही हुआ."

"बीस मिनटों तक मैकरेवन को भी पूरी तरह नहीं दिखाई दे रहा था कि वहाँ क्या हो रहा है. तभी अचानक मैकरेवन और पनेटा दोनों ने एक साथ वो शब्द कहे जिनका हम बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे. 'जेरोनिमो ईकेआईए (एनिमी किल्ड इन एक्शन )'. कमरे में मौजूद सभी लोगों के मुँह से एक आह-सी निकली. मेरी आँखें वीडियो फ़ीड पर ही लगी रहीं. मैंने धीमे से कहा, 'वी गॉट हिम'."

ओसामा बिन लादेन

इमेज स्रोत, Getty Images

सैनिक को लिटा कर लादेन की लंबाई नापी

अगले 20 मिनट तक कोई भी अपनी जगह से नहीं हिला.

जैसे ही हेलिकाप्टर्स ने वापसी के लिए उड़ान भरी जो बाइडन ने ओबामा का कंधा दबा कर कहा, 'कॉन्ग्रेचुलेशंस बॉस.'

ओबामा ने उठ कर वहाँ मौजूद लोगों से हाथ मिलाया. लेकिन जब तक हेलिकॉप्टर पाकिस्तानी सीमा में रहे सब लोग चुप ही रहे. छह बजे जब हेलिकाप्टर्स ने जलालाबाद में लैंड किया तब जाकर ओबामा की जान में जान आई.

मैकरेवन ने वीडियो कॉन्फ़्रेस पर उनसे कहा, "मैं जब आपसे बात कर रहा हूँ लादेन का शव मेरे सामने पड़ा हुआ है. मैंने अपनी टीम के एक सदस्य को जिसका कद छह फ़ुट दो इंच है, लादेन के शव के बगल में लिटा कर देखा है. मृत व्यक्ति का कद छह फ़ुट चार इंच है."

ओबामा ने बिल मैकरेवन से मज़ाक किया, "आप भी बिल. इतने बड़े अभियान पर गए और अपने साथ नापने का टेप ले जाना भी भूल गए!"

वर्दी फ़ाइट्स

इमेज स्रोत, Publication house

लादेन को समुद्र में दफ़नाया गया

ओसामा बिन लादेन को पहले से तय योजना के तहत समुद्र में दफ़नाया गया. उनके शव को अमेरिकी युद्ध पोत कार्ल विन्सन पर ले जाया गया. उसे सफ़ेद कपड़े से लपेटा गया और फिर भारी काले थैले में डाल दिया गया.

सीआईए के पूर्व निदेशक लियोन पनेटा ने इसका विवरण देते हुए अपनी आत्मकथा 'वर्दी फ़ाइट्स' में लिखा है, "लादेन के शव के थैले में 150 किलो की लोहे की ज़ंज़ीरें लगाई गईं ताकि शव का समुद्र में डूबना सुनिश्चित किया जा सके. इसके बाद उस थैले को युद्धपोत की रेलिंग से सटा कर एक सफ़ेद मेज़ पर रखा गया."

"लादेन के शव का थैला इतना भारी था कि जब इसे समुद्र में गिराया गया तो वो अपने साथ मेज़ को भी नीचे ले गया. थोड़ी देर में लादेन का शव तो समुद्र की गहराई में समाता चला गया, लेकिन वो सफ़ेद मेज़ नहीं डूब सकी और उसे समुद्र की लहरों पर तैरते हुए देखा गया."

ओसामा बिन लादेन

इमेज स्रोत, Getty Images

ओबामा को सैनिकों की भेंट

अगले दिन ओबामा कैंटकी में फ़ोर्ट कैंपबेल गए जहाँ मैकरेवन ने उनकी और बाइडन की मुलाक़ात सील की उस टीम से करवाई जिन्होंने इस अभियान में भाग लिया था.

ओबामा ने उन सबसे हाथ मिलाया. उन्होंने ओबामा को एक उपहार दिया. उन्होंने उस अमरीकी झंडे पर अपने हस्ताक्षर किए जिसे वो अपने साथ एबटाबाद ले गए थे और उसे फ़्रेम करा कर राष्ट्रपति ओबामा को भेंट किया. इस मुलाक़ात के दौरान किसी ने भी नहीं बताया कि किसने लादेन पर गोली चलाई थी और न ही ओबामा ने उनसे पूछा.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)