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ट्रंप को कोरोना: कोविड से जुड़े चार नियम जिनका राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस ने किया उल्लंघन
- Author, टीम बीबीसी हिन्दी
- पदनाम, नई दिल्ली
अमरीकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकारों में से एक होप हिक्स, उनके बाद ख़ुद राष्ट्रपति ट्रंप और फिर उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद व्हाइट हाउस के कई सीनियर मेंबर कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं.
अमरीका की 'सबसे महत्वपूर्ण जगह' व्हाइट हाउस में कोरोना संक्रमण का प्रकोप देखने को मिल रहा है जो अपने आप में हैरान करने वाला है. मगर इस स्थिति को देखते हुए बहुत से लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि 'राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम के इतने टॉप मेंबर आख़िर कोरोना से संक्रमित कैसे हो गए?'
इस सवाल का जवाब खोजने से पहले, ज़रा अमरीकी सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानी सीडीसी द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों पर नज़र डालते हैं जो अमरीकी कोविड टास्क-फ़ोर्स ने कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए तैयार किए थे.
सीडीसी ने इस दस्तावेज़ में बताया है कि जब कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, तो किन बातों को ध्यान में रखा जाए. किसी तरह के लक्षण दिखाई दें तो क्या करें. साथ ही किन परिस्थितियों में किसी को क्वारंटीन में चले जाना चाहिए और कब तक क्वारंटीन में रहना चाहिए.
ऐसी तमाम बातें सीडीसी ने अपने इस दस्तावेज़ में समझायी हैं. पर सवाल है कि 'क्या ट्रंप प्रशासन ख़ुद इन दिशा-निर्देशों का पालन करता है?'
कुछ वीडियो और तस्वीरों के आधार पर हमने इसकी पड़ताल की, तो पाया कि कोरोना को लेकर सीडीसी द्वारा बनाये गए चार नियमों का ट्रंप प्रशासन उल्लंघन कर रहा था.
मास्क पहनना
सीडीसी के अनुसार, कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना या मुँह ढकना ज़रूरी है. दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि 'जब भी घर से निकलें, तो मास्क पहनें.'
लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ देर बाद ही, अपना मास्क उतारकर यह संदेश दिया कि 'कोरोना से डरने की ज़रूरत नहीं है.'
5 अक्तूबर की शाम, जब वे अस्पताल से व्हाइट हाउस पहुँचे, तो उन्होंने कैमरों के सामने बड़े ही नाटकीय अंदाज़ में मास्क उतारा और अंदर चले गए. जबकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि 'ट्रंप से अभी भी किसी दूसरे शख़्स को कोरोना संक्रमण लगने की संभावना है.'
सोशल डिस्टेन्सिंग
सीडीसी के मुताबिक़, जब कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाए, तो उसमें शामिल लोगों को एक-दूसरे से कम से कम छह फ़ीट की दूरी रखनी चाहिए. साथ ही इस पर विचार करना चाहिए कि खुले में जो कार्यक्रम हो रहा है, उसमें संक्रमण फ़ैलने की कितनी संभावना हो सकती है.
लेकिन 26 सितंबर को व्हाइट हाउस में हुए एक कार्यक्रम में, जिसमें एमी कॉनी बैरेट के नामांकन की घोषणा की गई थी, सोशल डिस्टेन्सिंग की 'धज्जियाँ उड़ती देखी' गईं. इस कार्यक्रम को कई लोगों ने 'सूपर-स्प्रैडर इवेंट' भी कहा, यानी एक ऐसा कार्यक्रम जिसमें 'कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना बहुत ज़्यादा' थी.
वॉशिंगटन डीसी के नियमों के अनुसार, 50 लोगों से ज़्यादा की मौजूदगी वाले इवेंट्स पर सख़्त पाबंदी है, लेकिन व्हाइट हाउस जैसी ख़ास जगहों पर यह नियम लागू नहीं होता यानी इन्हें ऐसा करने की छूट है.
26 सितंबर वाले कार्यक्रम का वीडियो देखें, तो पता चलता है कि उस कार्यक्रम में कम ही लोगों ने मास्क पहना था और सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन नहीं किया गया था.
वीडियो में लोगों के गले लगने और एक-दूसरे के बेहद पास खड़े होकर बात करने वाले कुछ लोगों को कोरोना से संक्रमित पाया गया है. और ऐसा सिर्फ़ व्हाइट हाउस के बाहरी इलाक़े में हुए कार्यक्रम में देखने को नहीं मिला, बल्कि व्हाइट हाउस के अंदर भी यही हालात थे.
सेल्फ़ क्वारंटीन
सीडीसी के अनुसार, अगर कोई कोरोना पॉज़िटिव पाया जाता है, तो उसे ख़ुद को बाकी लोगों से अलग कर लेना चाहिए. यह उन लोगों के लिए ज़रूरी है जो आपके आस-पास रहते हैं.
लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक छोटी-ड्राइव (यात्रा) के लिए निकले. हालांकि, इस दौरान उन्होंने मास्क पहना हुआ था और वे अपनी कार में बैठे थे.
मगर आलोचकों का कहना है कि 'डोनाल्ड ट्रंप का यूँ फ़ोटो खिंचवाने बाहर आना, उनके सुरक्षाकर्मियों और उनके साथ चलने वाले लोगों के लिए बेवजह का रिस्क साबित हो सकता था.'
आलोचक ये भी कह रहे हैं कि 'राष्ट्रपति ट्रंप को इस स्टंट से बचना चाहिए था.'
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग
सीडीसी कहता है कि 'जो लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान ज़रूरी है ताकि उन लोगों का भी कोविड टेस्ट किया जा सके और कोरोना को फ़ैलने से रोका जा सके.'
यह स्पष्ट नहीं है कि पहली डिबेट की रात, अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप, अपने प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन के कितना क़रीब गए थे. लेकिन बाइडन की टीम का कहना है कि 'राष्ट्रपति ट्रंप कोरोना संक्रमित हैं, इसके बारे में व्यक्तिगत रूप से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई.'
बाइडन की टीम का कहना है कि 'उन्हें भी बाकी दुनिया की तरह, ट्रंप के ट्वीट से ही उनके कोरोना संक्रमित होने का पता चला था.'
व्हाइट हाउस प्रेस समूह के एक सदस्य जिन्हें पिछले सप्ताह ही कोरोना संक्रमित पाया गया था, उन्होंने कहा कि उनसे भी 'कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग' के संबंध में व्हाइट हाउस के किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया.
न्यू जर्सी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी व्हाइट हाउस और रिपब्लिकन पार्टी, दोनों के रवैये की यह कहते हुए शिक़ायत की है कि उन्होंने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए बहुत ही कम डेटा उपलब्ध कराया जिससे उन लोगों तक पहुँचने में ख़ासी परेशानी हुई जो न्यू जर्सी में ट्रंप के कार्यक्रम में शामिल हुए थे.
इन अधिकारियों ने कहा कि 'कोविड के मामले में कॉन्टैक्स ट्रेसिंग एक बेहद ज़रूरी पहलू है. इसके लिए दो-तरफा सहयोग की ज़रूरत होती है. इसलिए यह ज़रूरी है कि संक्रमित आदमी इससे जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराए.'
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