पाकिस्तान में इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ खड़ी 'ऑल पार्टी कॉन्फ़्रेंस' क्या है? - उर्दू प्रेस रिव्यू

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा, विपक्षी पार्टियों की बैठक और एफ़एटीएफ़ से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ विपक्षी पार्टियों के कॉन्फ़्रेंस की.

रविवार यानी 20 सितंबर को पाकिस्तान में सभी विपक्षी पार्टियों ने एक साथ मिलकर इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ राजधानी इस्लामाबाद में एक कॉन्फ़्रेंस का आयोजन किया है जिसका नाम 'ऑल पार्टी कॉन्फ़्रेंस' (एपीसी) रखा गया है.

अख़बार एक्सप्रेस के मुताबिक़, इस कॉन्फ़्रेंस में इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने पर फ़ैसला हो सकता है.

अख़बार के अनुसार, मुस्लिम लीग (नून) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए रैली को संबोधित करेंगे. नवाज़ शरीफ़ की तबीयत ठीक नहीं है और वे इन दिनों लंदन में रहकर अपना इलाज करा रहें हैं.

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के सह-चेयरमैन आसिफ़ अली ज़रदारी भी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए बैठक में शामिल होंगे. संयुक्त विपक्षी दलों की बैठक की पहल पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने ही की थी.

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देश भर में आंदोलन

उन्होंने ख़ुद दूसरी पार्टी के नेताओं से जाकर मुलाक़ात की या फिर उनसे फ़ोन पर बात की. नवाज़ शरीफ़ से भी उन्होंने ही ख़ुद फ़ोन कर एपीसी को संबोधित करने की गुज़ारिश की.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान, संसद के स्पीकर और पंजाब के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ आंदोलन चलाने पर विचार कर रही है, जबकि दूसरी विपक्षी पार्टियाँ इमरान ख़ान की सरकार गिराने के लिए देश भर में आंदोलन करने पर विचार कर रही हैं.

सभी पार्टियाँ अपने प्रस्ताव को एपीसी में रखेंगी और जिन मुद्दों पर आम सहमति बनेगी, उन पर सभी विपक्षी पार्टियाँ मिलकर काम करेंगी. लेकिन अख़बार जंग के अनुसार, इमरान ख़ान की सरकार नहीं चाहती कि नवाज़ शरीफ़ एपीसी को संबोधित करें और इसके लिए वो भी मैदान में उतर गई है.

राजनीतिक मामलों में इमरान ख़ान के विशेष सलाहकार शहबाज़ गिल ने कहा है कि "अगर नवाज़ शरीफ़ ने एपीसी से ख़िताब किया और उसका प्रसारण हुआ तो पैमरा और दूसरे क़ानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जायेगा."

पैमरा पाकिस्तान की मीडिया नियामक एजेंसी है. एपीसी से ठीक एक दिन पहले नवाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया की दुनिया में क़दम रखा.

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शनिवार को नवाज़ शरीफ़ ने अपने ट्विटर हैंडल से पहला ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, 'वोट को इज़्ज़त दो.'

मुस्लिम लीग (नून) की उपाध्यक्ष और नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ ने ट्विटर पर उनका स्वागत किया.

उधर नवाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया गया है जिसे लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग को भिजवा दिया गया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफ़ीज़ ने अपनी साप्ताहिक ब्रीफ़िंग में इसकी जानकारी दी.

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एफ़एटीएफ़ की ग्रे लिस्ट से पाकिस्तान जल्द निकल जाएगा: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज़ खटक का कहना है कि पाकिस्तान जल्द ही फ़ाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) की ग्रे लिस्ट से निकल जाएगा.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान पर कार्रवाई करने के सिलसिले में बातचीत करने के लिए एफ़एटीएफ़ के एशिया-पैसेफ़िक संयुक्त ग्रुप की बैठक बुलाई गई है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, 15-16 अक्तूबर को दो दिवसीय वर्चुअल बैठक होगी जिसमें अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, चीन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान और भारत शामिल होंगे.

पाकिस्तान फ़िलहाल ग्रे लिस्ट में है और पिछली बैठक में उसे 27 बिंदुओं पर आधारित एक एक्शन प्लान पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया था.

पाकिस्तान द्वारा उठाये गए क़दमों के आधार पर यह तय होगा कि उसे ग्रे लिस्ट में रखा जाए, या उससे बाहर कर लिया जाए या फिर उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जाए. एशिया-पैसेफ़िक संयुक्त बैठक में इसी बात पर फ़ैसला किया जाएगा.

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लाहौर हाईवे गैंगरेप: मुख्य अभियुक्त अभी भी पुलिस की गिरफ़्त से दूर

पाकिस्तान में लाहौर हाईवे पर देर रात अपने बच्चों के साथ रास्ते में फँसी एक महिला के साथ हुए गैंगरेप के मुख्य अभियुक्त को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है.

पाकिस्तान से प्रकाशित होने वाले अख़बारों के मुताबिक़, मुख्य अभियुक्त आबिद अली एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर फ़रार हो गया.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, आबिद अली अपनी साली से मिलने पहुँचे थे और उनकी साली ने पुलिस को ख़बर भी कर दी थी, लेकिन फिर भी पुलिस आबिद को नहीं पकड़ सकी.

अख़बार के अनुसार, अभियुक्त ने अपना हुलिया बदल लिया है. पुलिस ने आबिद अली की सात अलग-अलग तस्वीरें जारी की हैं और उसकी तलाश जारी है.

बलात्कार की शिकार महिला के रिश्तेदार की ओर से दर्ज करवाई गई एफ़आईआर के अनुसार, 7-8 सितंबर की दरमियानी रात में महिला अपने बच्चों के साथ ख़ुद कार चलाकर लाहौर से गुजरावालां जा रही थीं.

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लाहौर-सियालकोट मोटरवे पर एक टोल प्लाज़ा पार करते ही गाड़ी या तो पेट्रोल ख़त्म होने या किसी और वजह से रुक गई. उसी समय दो लोग आये और उन्होंने पिस्तौल दिखाकर पास के एक खेत में ले जाकर महिला का गैंगरेप किया. लुटेरों ने उनके पैसे, गहने और अन्य सामान भी छीन लिया था.

पाकिस्तान के कई शहरों में इस घटना के विरोध में लोग सड़कों पर आ गए और प्रदर्शन करने लगे. प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस तक ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

अख़बार जंग के अनुसार, पंजाब के क़ानून मंत्री राजा बशारत की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है जो इस केस की मॉनिटरिंग कर रही है. पुलिस ने घटना में शामिल दो आदमियों की पहचान की है जिनके नाम आबिद अली और वकार उल-हसन हैं.

सरकार ने अभियुक्तों की गिरफ़्तारी में मदद करने वाले को 25 लाख रुपये देने की घोषणा की है, लेकिन अभी तक पुलिस अभियुक्तों को गिरफ़्तार नहीं कर सकी है.

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और अब बात कोरोना की

पाकिस्तान सरकार का दावा है कि उन्होंने कोरोना के मामले में बहुत हद तक सफलता पा ली है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के सिर्फ़ 645 नए मामले सामने आये हैं और सात लोगों की मौत हुई है.

पाकिस्तान में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या 3,05,031 हो गई है जिनमें से 2,92,044 लोग पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं. एक्टिव कोरोना संक्रमितों की संख्या 6,572 रह गई है. पिछले हफ़्ते तक ये संख्या 5,968 थी.

पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 6,415 लोग मारे जा चुके हैं.

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हालात में लगातार सुधार होने के कारण सरकार ने शिक्षण संस्थानों को धीरे-धीरे खोलना शुरू कर दिया है. 15 सितंबर से सेकेंडरी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खुल गए हैं.

माध्यमिक स्कूल 23 सितंबर और प्राथमिक स्कूल 30 सितंबर से खोल दिये जाएंगे. पाकिस्तान के सभी शिक्षण संस्थान कोरोना के कारण 13 मार्च को बंद कर दिए गए थे.

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