ताइवान पर कब्ज़े का पूर्वाभ्यास चल रहा है: ग्लोबल टाइम्स

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

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ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि चीन के 19 विमान शनिवार को उनके एयर डिफ़ेंस आइडेंटिफ़िकेशन ज़ोन में घुस आए. ये विमान दक्षिण-पूर्वी तट से ताइवान के क्षेत्र में दाखिल हुए और इनमें से कुछ ने ताइवान स्ट्रेट मिडलाइन को पार किया.

ताइवान ने लगातार दूसरे दिन यह शिक़ायत की कि चीनी विमानों ने उनकी सीमा में घुसने की कोशिश की. ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक़, शुक्रवार को भी ऐसा हुआ था.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि चीन के 12 जे-16 फ़ाइटर विमान, दो जे-10 फ़ाइटर विमान, दो एच-6 बॉम्बर और एक वाई-8 एंटी सबमरीन एयरक्राफ़्ट इस कथित घुसपैठ में शामिल थे.

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इस घटना से संबंधित जो नक्शा ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने पेश किया है, उसके अनुसार कोई भी विमान मेन ताइवान के क़रीब या उसके ऊपर से उड़ान नहीं भर पाया.

मंत्रालय ने एक ट्वीट में लिखा है, "रिपब्लिक ऑफ़ चाइना एयरफ़ोर्स ने लड़ाकू विमानों को उतारा और गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए एयर डिफ़ेंस मिसाइल सिस्टम को तैनात किया."

चीन ताइवान को वन चाइना पॉलिसी के तहत अपना हिस्सा मानता है और वो चाहता है कि कोई भी देश ताइवान के साथ स्वतंत्र द्विपक्षीय संबंध ना विकसित करे. लेकिन, अमरीका ताइवान से नज़दीकी बढ़ा रहा है. हाल ही में अमरीकी स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अज़ार ने ताइवान का दौरा किया जो चीन को ग़ुस्सा दिलाने के लिए काफ़ी था.

बीते चार दशकों में एलेक्स पहले ऐसे अमरीकी उच्च आला अधिकारी हैं जो ताइवान के दौरे पर गए. हालांकि, इस दौरे से अमरीका और चीन के रिश्तों के बीच आई दरार थोड़ी और गहरी हो गई. चीन ने एलेक्स के दौरे की आलोचना की और कहा कि 'इसके परिणाम बुरे होंगे.'

ताइवान की राष्ट्रपति इंग-वेन

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पहले भी चीनी विमानों ने पार की सीमा

वहीं, ताइवान इस साल कई बार यह शिक़ायत कर चुका है कि चीनी एयरक्राफ़्ट उसकी सीमा में घुसे और उन्हें रोकने के लिए उसे अपने एफ़-16 विमान भेजने पड़े.

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक अन्य बयान में कहा है कि चीन लगातार उकसाने वाली गतिविधियाँ कर रहा है, जो शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से नुक़सान पहुँचा रही हैं.

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने चीन से कहा है कि वो ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगाए.

अमरीकी स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अज़ार और ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन

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'चीन को भड़काएं नहीं'

वहीं, चीन की सरकार द्वारा संचालित अख़बार 'द ग्लोबल टाइम्स'ने शनिवार को लिखा कि 'शुक्रवार की ड्रिल ताइवान पर कब्ज़ा करने के लिए एक पूर्वाभ्यास था.'

अख़बार ने लिखा है, "अमरीका और ताइवान स्थिति का ग़लत अनुमान न लगायें और यह न सोचें कि ये अभ्यास कोई झाँसा है. अगर वो भड़काते रहे, तो निश्चित रूप से युद्ध हो जाएगा."

ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता जॉनी चियांग ने फ़ेसबुक पर लिखा है, "दोनों पक्षों को बातचीत शुरू करनी चाहिए ताकि युद्ध की स्थिति को टाला जा सके."

उन्होंने लिखा है, "जो लोग बातचीत से स्थिति को हल कर सकते हैं, उन्हें पीछे कर दिया गया है और जो लोग युद्ध भड़काने की बातें कर रहे हैं, उन्हें हीरो बनाया जा रहा है. ऐसा माहौल ताइवान के विकास और क्षेत्र की शांति के लिए वाक़ई सही नहीं है."

हालांकि, ताइवान में जीवन एकदम सामान्य है. लोगों में किसी तरह की हलचल नहीं है. जानकार कहते हैं कि ताइवान को वैसे भी चीन की धमकियों की आदत पड़ चुकी है.

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