पाकिस्तान में तबाही की बरसात, कराची त्रस्त: पाक उर्दू प्रेस

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- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा पाकिस्तान में भारी बारिश से होने वाली तबाही, भारत प्रशासित कश्मीर से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.
कई शहरों में तूफ़ानी बारिश, कराची में 100 साल का रिकॉर्ड टूटा
पाकिस्तान के कई इलाक़ों में पिछले 4-5 दिनों से जमकर बारिश हो रही है, लेकिन सबसे ज़्यादा तबाही कराची शहर में हुई है.
सिविल प्रशासन और सेना लोगों को बचाने और ज़रूरतमंदों को मदद पहुँचाने में लगे हुए हैं लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो दिनों में और ज़्यादा बारिश की आशंका है.
अख़बार दुनिया के अनुसार शुक्रवार को देश भर में 39 लोगों की मौत हुई जबकि अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार शुक्रवार को देश भर में 49 लोग इस तूफ़ानी बारिश के शिकार हुए.

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अख़बार जंग के मुताबिक़ कराची शहर में तो बारिश का पिछले 100 साल का रिकॉर्ड टूट गया. बारिश के कारण शहर में बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हैं.
कराची के कई इलाक़ों में गुरुवार से बिजली नहीं है. कराची में अब तक इस तूफ़ानी बारिश से 31 लोगों की मौत हो गई है. सिंध प्रांत के 20 ज़िलों को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया गया है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सिंध के मुख्यमंत्री से बात की और उन्हें हर तरह की मदद का विश्वास दिलाया.
अख़बार के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने कहा कि उनकी सरकार कराची के लिए एक दूरगामी प्रोग्राम बना रही है और वो अगले कुछ दिनों में ख़ुद कराची का दौरा करेंगे.

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सर्दियों में बढ़ सकती है मुश्किलें
पाकिस्तान में कोरोना के मामले लगातार कम होते जा रहे हैं. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 554 नए मामले सामने आए और नौ लोगों की मौत हुई.
पाकिस्तान में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 295,372 हो गई है, जिनमें से 286,661 लोग पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं. इसका मतलब है कि एक्टिव कोरोना संक्रमितों की संख्या अब केवल 8711 रह गई है और उनमें से 644 मरीजों की हालत नाज़ुक बताई जा रही है. पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 6284 लोगों की मौत हुई है.
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कोरोना की हालत में लगातार सुधार के लिए डॉक्टरों और दूसरे अधिकारियों के अलावा आम जनता का शुक्रिया अदा किया. लेकिन उन्होंने कहा कि अभी भी कोरोना का ख़तरा मौजूद है और इस पर पूरी तरह क़ाबू पाने के लिए जनता के सहयोग की ज़रूरत है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने भी सर्दी के मौसम में पाकिस्तान में कोरोना की दूसरी लहर आने की आशंका जताई है.
उन्होंने कहा कि इससे बचने का एक ही तरीक़ा है कि सरकार की तरफ़ से जारी गाइडलाइन का सख़्ती से पालन किया जाए.

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इमरान ख़ान और अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह से फ़ोन पर बातचीत
अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान के नेता अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह से फ़ोन पर बातचीत की और उन्हें विश्वास दिलाया कि वो अफ़ग़ानिस्तान से भाईचारे के संबंध को और मज़बूत बनाएंगे.
इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के मसले का कोई सैन्य हल नहीं है और ये सिर्फ़ बातचीत के ज़रिए ही सुलझाया जा सकता है.
इमरान ख़ान के कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के नेतृत्व को देश की ख़ुशहाली, सुरक्षा और स्थिर शांति के लिए इस ऐतिहासिक मौक़े का फ़ायदा उठाना चाहिए.
इससे पहले मुल्ला बिरादर की अध्यक्षता में अफ़ग़ान-तालिबान के एक दल ने पाकिस्तान का दो दिनों का दौरा किया. उन्होंने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाक़ात की.
इस मौक़े पर कुरैशी ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान चाहता है कि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अफ़ग़ानिस्तान के विभिन्न गुटों के बीच बातचीत जल्द शुरू की जाए.
शाह महमूद कुरैशी ने अफ़ग़ान-तालिबान दल को इस बात से आगाह किया कि कई ताक़तें अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया को नाकाम करने की कोशिश कर रही हैं.

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जमात-उद-दावा के तीन नेताओं को क़ैद और जुर्माने की सज़ा
लाहौर की एक आतंकवाद निरोधी अदालत ने प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के तीन नेताओं को चरमपंथियों को आर्थिक मदद पहुँचाने का दोषी क़रार देते हुए उन्हें क़ैद और जुर्माने की सज़ा सुनाई है.
अख़बार दुनिया के अनुसार अदालत ने साल 2017 के एक मामले में जमात-उद-दावा के हाफ़िज़ अब्दुस्सलाम और प्रोफ़ेसर ज़फ़र इक़बाल को कुल मिलाकर साढ़े 16 साल क़ैद और एक लाख 70 हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई है. तीसरे व्यक्ति अब्दुर्रहमान मक्की को डेढ़ साल क़ैद और 20 हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई है.
इसी अदालत ने फ़रवरी में जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद को साढ़े पाँच साल क़ैद-बा-मुशक़्क़त और 60 हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई थी.

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पाकिस्तान में अख़बारों का दावा है कि भारत प्रशासित कश्मीर में दो दिनों में सात कश्मीरी नौजवानों की मौत सुरक्षाकर्मियों के हाथों हुई है.
अख़बारों के मुताबिक़ भारत प्रशासित कश्मीर के शोपियां ज़िलें में भारतीय सैनिकों के हाथों शुक्रवार को चार कश्मीरी नौजवानों की मौत हुई.
पाकिस्तान के लगभग सारे अख़ाबारों के अनुसार शोपियां के किलूरा इलाक़े में सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान नौजवान मारे गए.
हालांकि भारत का कहना है कि शोपियां में मारे गए नौजवान चरमपंथी थे जो कि सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में मारे गए थे.
भारत का कहना है कि मारे गए कुछ चरमपंथी कुछ दिन पहले कश्मीर के एक सरपंच सुहैल बट की हत्या में शामिल थे.
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