अमरीकी राष्ट्रपति चुनावः डोनाल्ड ट्रंप का कैंपेन इन 5 रणनीतियों पर टिका है

    • Author, एंथोनी जर्चर
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

ट्रंप के शुक्रवार के भाषण के दिन व्हाइट हाउस ग्राउंड्स का नज़ारा एक क़िले जैसा था. सिक्योरिटी अफ़सरों ने कई जगह बैरियर लगा रखे थे ताकि विरोध करने वालों को राष्ट्रपति के भाषण में ख़लल न पैदा करने दिया जाए.

एक तरफ़ पुलिस और एजेंसियों ने व्हाइट हाउस के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक कवर तैयार किया था वहीं रिपब्लिकन पार्टो ने गुज़रे चार दिन में राष्ट्रपति के इर्द-गिर्द एक मनोवैज्ञानिक बबल खड़ा करने में वक़्त लगाया. गुज़रे छह महीने के उथल-पुथल भरे दौर से बचाव देने वाली एक सुविधाजनक हक़ीक़त का आवरण तैयार किया गया.

इस हफ़्ते पार्टी का उद्देश्य इस बबल में वोटरों के जिताऊ गठजोड़ का स्वागत करना था. इसमें न केवल ट्रंप का भरोसेमंद बेस शामिल है बल्कि इसमें राष्ट्रपति की नीतियों को शायद पसंद न करने वाले अर्ध-शहरी, राष्ट्रपति की टोन को पसंद न करने वाली महिलाएं और एथनिक माइनॉरिटीज़ भी शामिल हैं जो कि देश में बढ़ते नस्लीय तनाव से चिंतित हैं.

हालिया पोल्स से संकेत मिले हैं कि अमरीकियों का एक बड़ा बहुमत वर्ग मानता है कि देश एक ग़लत दिशा में जा रहा है. यह मौजूदा राष्ट्रपति के दोबारा चुने जाने की राह की एक बड़ी बाधा होगी.

रिपब्लिकन्स ने यह साबित करने की कोशिश की है कि चीज़ें वास्तव में अच्छी हैं और इनमें और सुधार आ रहा है.

यहां हम ट्रंप की छह रणनीतियों का ज़िक्र करने जा रहे हैं जिनके ज़रिए वे दोबारा राष्ट्रपति बनने का सपना संजो रहे हैं.

कोविड-19 को एक सक्सेस स्टोरी के तौर पर बेचना

यूएस में कोविड-19 के क़रीब 60 लाख केस सामने आए हैं और इससे 1,82,000 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. ट्रंप और रिपब्लिकन्स ने पूरे हफ़्ते इस तथ्य के बारे में बात करने की कोशिश की है. पहली बार, माइक पेंस, मेलानिया ट्रंप और ख़ुद राष्ट्रपति ट्रंप ने उन लोगों के साथ अपनी सहानुभूति जताई है जिन्होंने कोविड-19 से अपने सगे-संबंधियों को खोया है.

ट्रंप ने कहा, "एक देश के तौर पर हम दुख जता रहे हैं और हम उन लोगों की यादें हमेशा अपने दिलों में ज़िंदा रखेंगे जिनकी जानें इस तरह से चली गई हैं. उनके सम्मान में हम एकजुट होंगे. उनकी याद में हम इससे उबरेंगे."

रिपब्लिकन्स राष्ट्रपति के उठाए गए क़दमों पर फ़ोकस कर रहे हैं. इनमें चीन से यूएस के ट्रैवल पर बैन लगाने, इलाज के लिए रिसर्च में सहयोग, हाल में ऐलान किए गए 75 करोड़ डॉलर के नए रैपिड-रिज़ल्ट कोरोना वायरस टेस्ट और इस साल के अंत तक अमरीकी वैक्सीन आने के दावे जैसी चीज़ें शामिल हैं.

कई स्पीकरों ने कोरोना वायरस को बीती हुई चीज़ बताकर संबोधित किया और इस तरह से दिखाया जैसे कि सबसे ख़राब वक़्त गुज़र चुका है.

ट्रंप ने कहा, "हम जीवन रक्षक थेरेपीज़ डिलीवर कर रहे हैं और हम इस साल के अंत तक या उससे भी पहले वैक्सीन भी लाने वाले हैं. हम वायरस को हराएंगे, महामारी का अंत होगा और हम पहले के मुक़ाबले कहीं मज़बूत बनकर उभरेंगे."

राष्ट्रपति ट्रंप का दोबारा चुना जाना इस बात पर टिका होगा कि वो कितना इन दावों पर कितान विश्वास करते हैं क्योंकि वायरस अभी भी अमरीका में क़हर ढा रहा है.

एक और आर्थिक वापसी का वादा

इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति का 2020 कैंपेन पूरी तरह से इकोनॉमी की मज़बूती पर टिका हुआ था. लेकिन, इस महामारी ने सबकुछ बदल दिया.

अब अमरीका एक भयंकर मंदी के बीच में है. बेरोज़गारी की दर दहाई के अंक में पहुंच गई है और कंज़्यूमर कॉन्फिडेंस लड़खड़ा गया है.

हालांकि, रिकवरी की किरण भी दिखाई दी है और ट्रंप और रिपब्लिकन्स ने इस हफ्ते तुरंत ही इस चीज़ की ओर इशारा भी किया. स्टॉक मार्केट एक बार फिर से नई ऊंचाई पर पहुंच गया, बिज़नेस परचेज़ में तेज़ी आने लगी है. पोल्स से पता चल रहा है कि राष्ट्रपति को अभी भी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सबसे अच्छे नंबर मिल रहे हैं.

हालांकि, रिपब्लिकन कनवेंशन का मुख्य फ़ोकस अमरीकियों को यह याद दिलाने पर रहा है कि महामारी के पहले किस तरह की आर्थिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं. इनमें 2017 की टैक्स कटौती, कनाडा, मेक्सिको और साउथ कोरिया के साथ फिर से हुई ट्रेड डील और एक वक़्त पर सबसे कम बेरोज़गारी जैसी उपलब्धियां शामिल हैं.

रिपब्लिकन्स का मुख्य तर्क ट्रंप प्रशासन के पहले तीन सालों में की गई चीज़ें हैं, और ये दावा कि वे ही एक बार फिर से चीज़ों को अच्छा बना सकते हैं.

नस्लीयता के मोर्चे पर काम

व्हाइट हाउस में नस्लीयता को लेकर ट्रंप का मिला-जुला रिकॉर्ड रहा है. हालांकि, उनके प्रशासन ने एक पक्षपात रहित क्रिमिनल जस्टिस रिफ़ॉर्म बिल लाने में मदद की है, लेकिन उनके विरोधी कहते हैं कि उनके शब्द और ख़ासतौर पर उनके ट्वीट उनके क़दमों को बार-बार नकारने वाले रहे हैं.

वे हाल के वक्त में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान राष्ट्रपति के कमज़ोर प्रयासों का ज़िक्र करते हैं और कहते हैं कि पुलिस की क्रूरता और एक तंत्र के तौर पर नस्लीयता इस चीज़ की गवाही है और इनसे काले समुदाय में चिंताएं बनी हुई हैं.

इस हफ़्ते रिपब्लिकन्स ने राष्ट्रपति को काले समुदाय के एक ऐसे चैंपियन के तौर पर दिखाने की कोशिश की है जिसके काम को कमतर आंका गया है.

कनवेंशन स्पीकरों ने बार-बार ज़ोर देकर कहा है कि ट्रंप वाकई में काले अमरीकियों की फ़िक्र करते हैं. पूर्व फ़ुटबॉल स्टार हर्शेल वॉकर, सीनेटर टिम स्कॉट, केंटुकी अटॉर्नी जनरल डैनियल कैमरून, हाउसिंग सेक्रेटरी बेन कार्सन, व्हाइट हाउस स्टाफर जारोन स्मिथ समेत यह एक ऐसा आधुनिक रिपब्लिकन कनवेंशन था जिसमें काले वोटरों तक पहुंचने की भरसक कोशिश की गई थी.

क्लेरेंस हेंडरसन ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप वाकई में काले लोगों की फ़िक्र करते हैं. उनकी नीतियां उनके दिल को दिखाती हैं."

एक राजनीतिक कनवेंशन के दौरान राष्ट्रपति की शक्तियों के विवादास्पद प्रदर्शन के तौर पर ट्रंप ने जोन पोंडर को माफ़ कर दिया जो कि दोषी क़रार दिया गया था और अब पूर्व कैदियों को समाज में वापस लौटने के प्रोग्राम में मदद दे रहा है.

इसका संदेश साफ़ था और इसका मक़सद रणनीतिक था.

2016 में काले वोटरों से 10 फ़ीसदी इलेक्टोरेट बना था. इसमें से 90 फ़ीसदी ने डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन को वोट दिया था. अगर ट्रंप इस तबके से डेमोक्रेट्स के वोट छीनने में कामयाब होते हैं तो इसका फ़ायदा उन्हें मिल सकता है.

ट्रंप ने कहा, "मैंने तीन साल में काले समुदाय के लिए जितना किया है उतना तो बाइडेन ने 47 सालों में भी नहीं किया होगा."

क़ानून और व्यवस्था

चार साल पहले अपनी कनवेंशन एक्सेप्टेंस स्पीच में ट्रंप ने वादा किया था कि "अपराध और हिंसा जिसने हमारे देश पर बुरा असर डाला है वह जल्द ही ख़त्म होने वाली है." अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि "अमरीका में तबाही को अभी और इसी वक़्त रुकना होगा."

साढ़े तीन साल बाद हालांकि, अमरीका में हिंसक अपराध कुछ शहरों में बढ़ गए हैं और पुलिस क्रूरता के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक शक्ल ली है. ऐसे में राष्ट्रपति का तर्क यह है कि यह राज्य और स्थानीय डेमोक्रेट्स की ग़लती है और वोटर ट्रंप को दोबारा चुनकर उन्हें एक संदेश दे सकते हैं.

ट्रंप ने कहा, "आपका वोट तय करेगा कि क्या हम अपने क़ानून को मानने वाले अमरीकियों की सुरक्षा करेंगे या हम हिंसक अराजक तत्वों, प्रदर्शनकारियों और अपराधियों को मनमानी करने की खुली छूट दे देंगे."

जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद बड़े पैमाने पर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में राष्ट्रपति का फ़ोकस मिनेपोलिस, पोर्टलैंड, शिकागो और अब केनोशा, विसकॉन्सिन जैसी जगहों पर हुई हिंसा पर रहा है. उनका फ़ोकस पुलिस की कार्रवाई पर नहीं रहा है जिसकी वजह से ये हिंसा शुरू हुई. गुरुवार की रात को भी ऐसा ही हुआ.

अपने भाषण में राष्ट्रपति ने पुलिस के ग़लत आचरण का मामूली ज़िक्र करते हुए कहा कि न्याय तंत्र ग़लत करने वालों को छोड़ेगा नहीं.

ट्रंप ने कहा, "लेकिन, हम कभी भी ऐसे हालात नहीं पैदा होने दे सकते जैसे हालात आज बने हुए हैं. हम कभी भी भीड़ को हावी नहीं होने दे सकते."

बाइडेन पर बार-बार हमला

अगर ट्रंप की इमेज बनाने और यूएस के मौजूदा हालातों पर लोगों का भरोसा पैदा करने में रिपब्लिकन्स नाकाम रहते हैं तो उनका आख़िरी प्लान इस चुनाव को ट्रंप और उनके डेमोक्रेटिक विरोधी के बीच के चुनाव में तब्दील करने का होगा.

2016 में ट्रंप नेगेटिव अप्रूवल रेटिंग के बावजूद अपनी विरोधी हिलेरी क्लिंटन की वजह से जीत गए थे क्योंकि उन्हें भी उतना ही अलोकप्रिय माना गया था. पूरे हफ्ते के दौरान पार्टी चेयर रोना मैकडैनियल और पेंस जैसे रिपब्लिकन्स ने डेमोक्रेटिक कनवेंशन में नीतियों के ब्योरे के अभाव का फ़ायदा उठाने की कोशिश की और बाइडेन को एक वामपंथी के तौर पर दिखाने का प्रयास किया.

सीनेट स्कॉट और केंटुकी के कैमरून ने उनकी नस्लीय मसले पर संवेदनशीलता को कठघरे में खड़ा किया. पेंस ने कहा कि बाइडेन इस देश को संभालने और सुरक्षित रखने लायक नहीं हैं. पेंस ने कहा, "कड़वी सच्चाई यह है कि आप जो बाइडेन के अमरीका में सुरक्षित नहीं होंगे."

अपनी गुरुवार रात की स्पीच में ट्रंप ने इस हमले को और तेज़ धार दी. उन्होंने कहा, "बाइडेन का रिकॉर्ड भयंकर धोखेबाज़ी और ग़लत फ़ैसलों से भरा है. उन्होंने अपना पूरा करियर इतिहास के ग़लत तरफ़ खड़े होकर गुज़ारा है." उन्होंने चेतावनी दी कि बाइडेन टैक्स जुटाएंगे और अवैध माइग्रेशन को बढ़ावा देंगे, क्रिमिनल्स को सड़कों को छोड़ देंगे और "आपकी बंदूकें ज़ब्त कर लेंगे."

उन्होंने कहा, "अगर जो बाइडेन में बर्नी सैंडर्स जैसे मार्क्सवादियों और उनके साथी कट्टरपंथियों के सामने खड़े होने की ताक़त नहीं है तो वे आपके लिए कभी भी कैसे खड़े हो पाएंगे?"

राजनीतिक रूप से भले ही लोगों तक पहुंच बनाना अच्छी बात है, लेकिन आधुनिक वक़्त के चुनाव जीतने में उतना ही ज़रूरी अपने भरोसेमंद समर्थकों में उत्साह पैदा करना होता है क्योंकि वे वोटरों के ऐसे सेगमेंट को प्रभावित करते हैं जिनके बारे में पता नहीं होता है कि वे किस तरफ़ जाएंगे.

ऐसे में रिपब्लिकन कनवेंशन का पूरा ज़ोर राष्ट्रपति के आधार को प्रोत्साहित करने पर था. उन्हें कहा गया कि मीडिया, बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां, लिबरल और एक्सपर्ट्स का तथाकथिक उच्च तबका उनके पीछे पड़ा है. ब्लैक लाइव्स मैटर प्रदर्शनकारियों पर बंदूक़ तानने वाले सेंट लुईस के कपल मार्क और पैट्रीशिया मैकक्लोस्की ने कहा कि डेमोक्रेट्स उपनगरों को ख़त्म करना चाहते हैं.

पैट्रीशिया मैकक्लोस्की ने कहा, "अगर आप अपने लिए खड़े होते हैं तो मीडिया के सहयोग से इकट्ठी हुई भीड़ आपको नष्ट करने की कोशिश करेगी."

बुधवार की अपनी स्पीच में पेंस ने कहा कि ट्रंप अमरीकी विरासत को बचाएंगे. उन्होंने कहा, "अगर आप एक ऐसे राष्ट्रपति को चाहते हैं जो कि आपकी विरासत को नष्ट या अपमानित किए जाते वक्त खामोश रहे तो वो ऐसे शख्स नहीं हैं." ट्रंप ने कहा, "हमेशा याद रखिए. वो मेरे पीछे इसलिए पड़े हैं क्योंकि मैं आपके लिए लड़ता हूं."

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