अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव: ट्रंप ने कहा, बाइडन राष्ट्रपति बने तो अमरीकी सपने तबाह हो जाएंगे

दूसरे कार्यकाल के लिए रिपब्लिकन पार्टी का नामांकन स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वो अकेले समाजवाद, अराजकता और अतिवाद जैसी ताक़तों के ख़िलाफ़ दीवार बनकर खड़ें हैं.

'लेकिन अगर डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन नवंबर में चुने जाते हैं तो इनके चैंपियन होंगे.'

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बाइडन के जीतने से देश का मौजूदा संकट और गहरा जाएगा. ट्रंप ने ये सब व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में खड़े होकर कहा जबकि इस बात की आलोचना की जा रही है कि वो राष्ट्रपति के आवास को राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन की चौथी और आख़िरी रात में ट्रंप ने कहा कि "ये चुनाव तय करेगा कि हम अमरीकी सपने को बचाते हैं या हम एक समाजवादी एजेंडे को अपनी मेहनत से बनाई तक़दीर तबाह करने की अनुमति देते हैं."

"ये चुनाव तय करेगा कि हम क़ानून का पालन करने वाले अमरीकियों की रक्षा करते हैं, या हम अपने नागरिकों को धमकाने वाले हिंसक अराजक आंदोलनकारियों और अपराधियों को खुली छूट देते हैं."

कोरोना वायरस महामारी के बावजूद ट्रंप ने 1,000 से ज़्यादा लोगों के सामने अपना भाषण दिया. उनके सामने दर्जनों अमरीका झंडे लहरा रहे थे और नारे लगाए जा रहे थे - "चार साल और!" और "यू.एस.ए!"

हालांकि और चार साल के कार्यकाल की मांग कर रहे ट्रंप आउटसाइडर ही बने रहे हैं. इसी तरीक़े से उन्हेंने पहले भी चुनाव जीता था. 2016 में पहली बार राष्ट्रपति पद उन्होंने अपराध और हिंसा को ख़त्म करने के वादे के साथ जीता था.

गुरुवार को उनके साथ-साथ कुछ अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने अपने भाषण में कहा कि नस्लीय तनाव के लिए ट्रंप प्रशासन को नहीं बल्कि केनोशा, विस्कॉन्सिन जैसे शहरों के राज्य और शहरी डेमोक्रेटिक नेताओं को दोषी ठहराया जाना चाहिए. इस शहर में इस हफ़्ते पुलिस ने एक काले शख़्स को गोली मारी थी, जिसके बाद उस शख़्स लकवा मार गया.

ख़ुद के दौर में अशांति बढ़ने की बात के बावजूद उन्होंने कहा, "बाइडन के अमरीका में कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा."

इसके बाद बाइडन ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, "जब डोनल्ड ट्रंप ने आज रात कहा कि आप जो बाइडन के अमरीका में सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो अपने आस-पास देखिए और ख़ुद से पूछिए: डोनाल्ड ट्रंप के अमरीका में आप कितना सुरक्षित महसूस करते हैं?"

ट्रंप का भाषण बाइडन के पिछले हफ़्ते के भाषण से बिल्कुल अलग था. महामारी के दौर में बाइडन ने लगभग ख़ाली स्टेडियम में भाषण दिया था, जिसे लाइव ब्रॉडकास्ट किया गया था.

ट्रंप के भाषण के दौरान भीड़ कुर्सियों पर कुछ इंच की दूरी पर बैठी थी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग या फेस मास्क का कम ही इस्तेमाल दिखा.

कोरोना वायरस के चलते दोनों राजनीतिक पार्टियों ने अपने कन्वेंशन बढ़ा दिए हैं और ज़्यादातर इवेंट वर्चुअल हो रहे हैं. ट्रंप की कैंपेन टीम का कहना है कि वो ज़रूरी स्वास्थ्य सावधानियों का ध्यान रख रहे हैं.

हालांकि ट्रंप के भाषण स्थल के नज़दीक ही एंटी-ट्रंप प्रदर्शनकारियों की आवाज़ें भी सुनी गईं.

180,000 से ज़्यादा मौतें

कोरोना वायरस से अमरीका में 180,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, ये आँकड़ा किसी भी अन्य देश से ज़्यादा है. ये सब ऐसे वक़्त में हो रहा है जब एक काले अमरीकी शख़्स पर पुलिस के गोली चलाने के एक हालिया हाई-प्रोफाइल मामले में ताज़ा प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

ट्रंप राजनीति में आने से पहले न्यूयॉर्क में रीयल स्टेट का कारोबार चला रहे थे. वो एक बार फिर से चुनावी मैदान में हैं और दोबारा राष्ट्रपति बनने के लिए कैंपेन की शुरुआत कर चुके हैं. ट्रंप के कैंपेन पर कोरोना वायरस महामारी का साया है. इस महामारी से निपटने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने जैसी नीतियां अपनाई हैं, उनकी काफ़ी आलोचना हो रही है. लाखों अमरीकी नागरिक बेरोज़ागर हो गए हैं और अब तक एक लाख 81 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है. गुरुवार को औपचारिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी का नामांकन स्वीकार करने के बाद ट्रंप अपने भाषण में चीन को लेकर हमलावर रहे. उन्होंने चीन पर कोरोना महामारी को लेकर आरोप लगाया और अर्थव्यवस्था को फिर से ऐतिहासिक रूप से मज़बूत करने का वादा किया.

लेकिन अब तक जितने ओपिनियन पोल आए हैं उनके नतीजे ट्रंप के लिए निराश करने वाले रहे हैं. ओपिनियन पोल में ज़्यादातर लोगों ने कोरोना महामारी में ट्रंप की नीतियों से निराशा जताई है. ट्रंप पर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने ओपिनयन पोल में बढ़त बना रखी है.

हालांकि रिपब्लिकन्स वोटर्स के बीच ट्रंप अब भी लोकप्रिय हैं. पार्टी के भीतर ट्रंप को लेकर असंतोष भी है. गुरुवार और शुक्रवार को ट्रंप के ख़िलाफ़ तीन खुले पत्र प्रकाशित हुए हैं. न्यू यॉर्क टाइम्स और पॉलिटिको के अनुसार जो बाइडन को उन 160 लोगों ने समर्थन किया है जो रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवारों के लिए काम कर चुके हैं.

इस हफ़्ते की शुरुआत में रिपब्लिकन पार्टी के 27 पूर्व सांसदों ने जो बाइडन का समर्थन किया था. नील्सन मीडिया रिसर्च के अनुसार रिपब्लिकन कन्वेंशन टेलीविज़न व्यूअर्स के मामले में डेमोक्रेटिक कन्वेंशन से पीछे रहा. 17.3 मिलियन लोगों ने टीवी पर तीसरे दिन रिपब्लिकन कन्वेंशन देखा जबकि डेमोक्रेटिक कन्वेंशन को तीसरे दिन 22.8 मिलियन लोगों ने देखा था.

बीबीसी के नॉर्थ अमरीकी संवाददाता एंथनी जर्चर का विश्लेषण

बेतरतीब राजनीतिक प्रहार

एक घंटे तक चला ट्रंप का बोझिल भाषण नामांकन स्वीकार करने की बजाय स्टेट ऑफ़ दि यूनियन भाषण जैसा ज़्यादा लग रहा था. इसमें ट्रंप ने कभी राष्ट्रपति के तौर पर अपनी उपलब्धियां गिनाईं तो कभी अपने डेमोक्रैटिक प्रतिंद्वद्वी जो बाइडन पर निशाना साधते दिखे.

ट्रंप ट्रेड, प्रवासन, शिक्षा, ऊर्जा और विदेश नीति को लेकर बेतरतीब हमले किए. इस उम्मीद में कि कुछ तो निशाने पर लगेंगे. मगर ट्रंप की मुख्य कोशिश बाइडन को सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की जमात और डेमोक्रैटिक पार्टी के लेफ्ट विंग के सदस्य के तौर पर दिखाने की थी.

इस भाषण के लिए बड़ी शानदार जगह चुनी गई थी. व्हाउट हाउस के मैदान में वॉशिंगटन स्मारक के ठीक सामने. व्यवस्थित शब्दों वाले भाषणों के बजाय उत्साह भरी रैलियों में बोलना पसंद करने वाले राष्ट्रपति का ये भाषण असरदार नहीं रहा.

बाइडन कैंप की प्रतिक्रिया क्या है

बराक ओबामा के उपराष्ट्रपति रहे डेमोक्रैटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडन ने एमएसएनबीसी से कहा था, "हमारी समस्या यह है कि हम डोनाल्ड ट्रंप के अमरीका में हैं. वह इसे अपने राजनीतिक फ़ायदे के तौर पर देखते हैं. वह कम नहीं बल्कि ज़्यादा हिंसा चाहते हैं. वह आग में घी डाल रहे हैं."

गुरुवार रात को वीडियो के ज़रिये बाइडन ने कहा था कि वह फिर से ज़मीन पर प्रचार अभियान शुरू करना चाहते हैं.

ट्रंप के प्रचार अभियान के दौरान बाइडन की इस बात के लिए खिल्ली उड़ाई थी कि वह कोरोना रोकने के लिए लागू किए गए नियमों का हवाला देकर डेलवेयर में अपने घर के बेसमेंट से प्रचार अभियान चला रहे हैं.

जो बाइडन के साथ उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस ने इससे पहले गुरुवार को व्हाइट हाउस से कुछ मीटर दूर भाषण दिया था और कहा था, "डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की अहमियत नहीं समझते."

उन्होंने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप अमरीका के राष्ट्रपति की बुनियादी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहे हैं. सीधे-सीधे वह अमरीकी लोगों को सुरक्षा देने में नाकाम रहे हैं." हालांकि, भाषण के बाद कैलिफ़ोर्निया से सीनेटर कमला ने पत्रकारों से बात नहीं की.

ऐसी ख़बरें हैं कि बाइडन को शुक्रवार को 160 ऐसे लोगों का समर्थन मिलने वाला है जो राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश या रिपब्लिकन प्रत्याशी रहे मिट रोमनी और जॉन मैकेन के साथ काम कर चुके हैं.

और किसने दिया भाषण

कन्वेंशन में कुछ वक्ताओं ने राष्ट्रपति के मानवीय चेहरे को उभारने की कोशिश की जिनपर कई बार संवेदनहीन होने का आरोप लगता है.

उनकी बेटी इवांका ट्रंप, जो उनकी सलाहकार भी हैं, ने कहा, "मैं अपने पिता के साथ रही हूं और मैंने उनकी आंखों में तब दर्द देखा है जब उन्हें इस महामारी से लोगों की जान जाने की जानकारी मिलती है."

आपराधिक न्याय प्रणाली में नस्लीय असमानता पर काम कर चुके राष्ट्रपति के राजनीतिक सहयोगी जरॉन स्मिथ ने कहा कि राष्ट्रपति 'फ़िक्रमंद रहते हैं.'

सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा मारी गई अमरीकी बंधक कायला मूलर के माता-पिता ने अपनी बेटी के नाम पर चलाए गए उस ऑपरेशन की तारीफ़ की जिसके तहत पिछले साल आईएस के नेता अबु बक्र अल-बग़दादी को मारा गया था.

पिता कार्ल मूलर ने कहा, "ट्रंप की टीम से हमें वह संदेवना मिली जो ओबामा प्रशासन से नहीं मिली."

अन्य वक्ताओं ने ट्रंप को क़ानून-व्यवस्था पर ध्यान देने वाला नेता बताया.

इसमें 77 साल के एक सेवानिवृत काले पुलिस कप्तान डेविड डॉर्न की विधवा ने भी अपनी बात रखी. उनके पति की उस समय हत्या कर दी थी जब इस साल जून में वह सैंट लूई में अपने दोस्त की दुकान को दंगाइयों से बचा रहे थे.

उन्होंने आंसुओं पर काबू बाते हुए कहा, "हिंसा और तबाही विरोध का सही तरीका नहीं है. इससे काले लोगों की रक्षा नहीं होती, वे बर्बाद होते हैं."

90 के दशक में न्यूयॉर्क के मेयर रहे ट्रंप के निजी वकील रूडोल्फ़ जूलियानी ने कहा, "डेमोक्रैट्स के वर्चस्व वाले शहरों में जारी ये दंगे आपको बताते हैं कि बाइडन के राज में भविष्य कैसा होगा."

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