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बेलारूस: पुतिन की इस घोषणा से बढ़ी हलचल, फोर्स भेजने की तैयारी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि उन्होंने बेलारूस में ज़रूरत पड़ने पर हस्तक्षेप के लिए एक पुलिस रिज़र्व फ़ोर्स का गठन किया है. हालांकि उनके मुताबिक़ अभी इस फोर्स को भेजने का नौबत नहीं आई है.
रूस के सरकारी टीवी पर उन्होंने कहा कि बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने "मुझे एक निश्चित पुलिस रिज़र्व बनाने के लिए कहा था" और "मैंने वो बना लिया है."
रशा-1 टीवी पर उन्होंने कहा, "हमने इस बात पर भी सहमति जताई है कि जब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं होगी हम इस फोर्स का इस्तेमाल नहीं करेंगे."
राष्ट्रपति लुकाशेंको 9 अगस्त के विवादित चुनावों को लेकर बड़े स्तर पर लोगों के विरोध का सामना कर रहे हैं.
इसके अलावा विपक्ष के एक प्रदर्शन से पहले बीबीसी टीम समेत कम से कम 13 पत्रकारों को राजधानी मिंस्क में हिरासत में ले लिया गया.
गृह मंत्रालय ने कहा कि उनकी पहचान की पड़ताल के लिए उन्हें एक पुलिस स्टेशन ले जाया गया था. लेकिन बीबीसी के स्टीव रोसेनबर्ग का कहना है कि "ये कवरेज में हस्तक्षेप करने की स्पष्ट कोशिश थी."
- इसे भी पढ़ें- पुतिन क्या बेलारूस को रूस में मिलाने वाले हैं?
"हालात बिगड़ रहे हैं"
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक समझौते की वजह से रक्षा के मामले में बेलारूस की मदद करना उनका कर्तव्य है. साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक, एथनिक और भाषाई संबंध हैं.
उन्होंने कहा कि नया रिज़र्व फोर्स तब तक बेलारूस में नहीं जाएगा, जब तक "राजनीतिक नारों का इस्तेमाल कर अतिवादी तत्व एक निश्चित सीमा पार नहीं करते और सशस्त्र डकैती, कारों, घरों, बैंकों में आग लगाना, सरकारी इमारतों को ज़ब्त करने की कोशिश करना जैसे काम नहीं करते."
साथ ही "उन्होंने कहा कि हालांकि देखा जाए तो हालात अब बिगड़ते जा रहे हैं."
पोलैंड के प्रधानमंत्री माटेयूश मोरावियत्सकी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन अंतरराष्ट्रीय क़ानून के प्रतिकूल उल्लंघन को छिपाने के लिए बेलारूस में नियंत्रण बहाल करने पर विचार कर रहे हैं.
उनका कहना है कि इस योजना को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.
रूस और बेलारूस कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य हैं. इस ऑर्गेनाइज़ेशन में पोस्ट-सोवियत कई देश शामिल हैं.
दोनों देशों ने 1996 में एक संघ का गठन किया था, जिससे दोनों के बीच अधिक एकीकरण को बढ़ावा मिला और इसके तहत नागरिकों को दोनों देशों में स्वतंत्र रूप से निवास करने और काम के अधिकार की गारंटी दी गई.
पुतिन की योजना के पीछे क्या है?
अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने कुछ वक़्त पहले दावा किया था कि अगर हालत बिगड़ते हैं तो रूस फोर्स के साथ उनकी मदद के लिए आएगा.
बीबीसी मॉस्को संवाददाता सारा रेंसफोर्ड के विश्लेषण के मुताबिक़, राष्ट्रपति पुतिन ने लुकाशेंको के इस दावे पर सीधी मुहर लगा दी है और ऐसा होने से अब बेलारूस पर ख़तरे के बादल मंडरा रहे हैं.
वो फोर्स कैसा होगा इस पर राष्ट्रपति पुतिन ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि "लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर" से उनका मतलब आम पुलिस से नहीं है. बल्कि इसमें दंगा रोधी पुलिस, नेशनल गार्ड (रोसगार्डिया) और यहां तक कि एफएसबी भी शामिल होगी.
तो रूस का संभावित हस्तक्षेप विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनाकियों के साथ-साथ पश्चिम के लिए भी ख़तरे की घंटी है.
क्योंकि व्लादिमिर पुतिन ने मिंस्क और मॉस्को के बीच ख़ास रिश्ते का ज़िक्र किया है - जिसमें उन्होंने एथनिक बॉन्ड, पारिवारिक रिश्तों और आर्थिक संबंधों की बात की है.
उन्होंने कहा कि रूस को पहले भी इस बात से फर्क पड़ता रहा है कि उसकी सीमा के पार क्या हो रहा है. पुतिन ने प्रदर्शनकारियों को चिंताओं के बारे में भी बात की और कहा कि अगर कोई समस्या नहीं होगी, तो उनका फोर्स सड़कों पर नहीं उतरेगा.
सारा रेंसफोर्ड के मुताबिक़, लेकिन एक तरह से उन्होंने ये बयान देकर अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको का समर्थन किया है और रूस उनके बचाव में उतर आया है.
यूरोपीय संघ लगाएगा प्रतिबंध
यूरोपीय संघ और अमरीका ने बेलारूस के 9 अगस्त के मतदान को ये कहते हुए ख़ारिज कर दिया था कि ये ना तो स्वतंत्र थे और ना ही निष्पक्ष.
यूरोपीय संघ उन अधिकारियों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है जिनपर लुकाशेंको को जिताने के लिए नतीजों में होराफेरी और विपक्षी मूवमेंट पर कार्रवाई करने का आरोप है.
बेलारूस में इतने बड़े प्रदर्शन पहले कभी नहीं हुए. लुकाशेंको ने 80% वोट हासिल करने के साथ छठीं बार राष्ट्रपति की कुर्सी अपने नाम कर ली है. वो पहले ही 26 साल तक राष्ट्रपति रह चुके हैं.
विपक्षी को-ऑर्डिनेशन काउंसिल के ख़िलाफ़ एक आपराधिक मामला दायर किया गया है, जिसपर लुकाशेंको सत्ता को हथियाने की कोशिश का आरोप लगाते हैं.
अभियोजक बेलारूस में सबसे बड़ी विपक्षी नेता मरिया कलियसनिकोवा से पूछताछ कर रहे हैं. मिंस्क स्थित जांच समिति की ब्लिडिंग में पहुंचने पर उन्होंने समर्थकों से हिम्मत ना हारने की अपील की, जिसके लिए उन्हें काफ़ी सराहा गया.
अभियोजकों ने नोबेल साहित्य पुरस्कार-विजेता स्वेतलाना एलेक्सीविच से बुधवार को पूछताछ की. स्वेतलाना एलेक्सीविच ने पत्रकारों कहा कि उन्होंने उनके सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया, और कहा कि काउंसिल ने क़ानून के दायरे में ही सबकुछ किया है.
काउंसिल को राष्ट्रपति पद की प्रमुख विपक्षी उम्मीदवार स्वेतलाना तिखानोव्सना ने लॉन्च किया था, जो अब पड़ोसी देश लिथुआनिया चल गई हैं.
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