माली में तख्तापलट करने वाले सैन्य अधिकारी कौन हैं?

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अफ्रीकी देश माली में मंगलवार को हुए सैन्य विद्रोह के बाद राष्ट्रपति इब्राहिम बुबाकार केटा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और संसद भंग करने का ऐलान किया है.
इस ऐलान से महज कुछ घंटे पहले माली के विद्रोही सैनिकों ने राष्ट्रपति इब्राहिम बुबाकार केटा और प्रधानमंत्री बोबू सिसे को हिरासत में ले लिया था. इस सैन्य विद्रोह की शुरुआत माली की राजधानी बैमको के नज़दीक एक अहम सैनिक कैंप में गोलियों की आवाज़ के साथ शुरू हुई थी.
बामाको से 15 किलोमीटर दूर स्थित काटी कैंप में असंतुष्ट जूनियर अफ़सरों ने कमांडरों को हिरासत में लिया और उसके बाद कैंप पर क़ब्ज़ा कर लिया. इसके बाद युवाओं ने शहर की सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया.

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माली की सेना में जिहादी चरमपंथियों से लगातार चल रहे संघर्ष और अपने वेतन को लेकर लंबे वक़्त से ग़ुस्सा था. केटा ने साल 2018 में लगातार दूसरी बार चुनाव जीता था लेकिन उनके शासन में भ्रष्टाचार, अर्थव्यवस्था की बदइंतज़ामी और सांप्रदायिक हिंसा बढ़ने के आरोपों के बीच ग़ुस्सा भी बढ़ा था.
माली में हुए इस सैन्य विद्रोह के तीन सैन्य अधिकारी मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं.
इन तीनों के नाम हैं कर्नल मलिक दिआव, कर्नल सादियो कमारा और जनरल चेक फैंटा मैडी डेम्बेले. बीबीसी मॉनिटरिंग ने सैन्य तख्तापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन तीनों ही बड़े सैन्य अधिकारियों की प्रोफ़ाइल तैयार की है.

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कर्नल मलिक दिआव
काटी कैंप, जहाँ से सैन्य विद्रोह की शुरुआत हुई है, कर्नल दिआव उस कैंप के उप प्रमुख हैं. इनके बारे में इतनी ही जानकारी है कि ये हाल ही में रूस से ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं. उन्हें फ्रेंच ट्रेनिंग भी मिली हुई है. वो एयर फोर्स के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ कर्नल मेजर इस्माइल वाग के साथ बुधवार को थे, जब सैन्य सरकार की घोषणा की जा रही थी.
उनके बारे में एक ट्वीट में लिखा गया है, "कर्नल दिआव को काटी कैंप में हुए विद्रोह का नेता माना जाता है जो बैमको से 15 किलोमीटर दूर स्थित है. माना जाता है कि उन्होंने राष्ट्रपति को 2 बजे से पहले अपने पद से हट जाने को कहा था."

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कर्नल सादियो कमारा
कर्नल सादियो कमारा काटी मिलिट्री एकैडमी के पूर्व डायरेक्टर हैं. माली ट्रिब्यून वेबसाइट के मुताबिक़ उनका जन्म 1979 में काटी में हुआ है. यह माली का दक्षिणी कॉलीकोरो क्षेत्र है. वो कॉलीकोरो मिलिट्री एकेडमी से ग्रेजुएट हैं और वहाँ उन्होंने टॉप किया था.
उन्हें इसके बाद उत्तरी माली में तैनात किया गया था. वहाँ वो जरनल अल हादी गमाउ के अधीन 2012 तक काम करते रहे थे.
बाद में वो काटी मिलिट्री कैंप के डायरेक्टर बना दिए गए थे. जनवरी 2020 तक वो वहाँ के डायरेक्टर थे, इसके बाद वो रूस ट्रेनिंग के लिए गए चले गए थे.
माली ट्रिब्यून के मुताबिक़ वो इस महीने की शुरुआत में एक महीने की छुट्टी लेकर बैमको लौटे हैं. वेबसाइट ने लिखा है, "कर्नल कमारा की हर कोई तारीफ़ करता है, जहाँ वो काम करते हैं. उनके मातहत काम करने वाले सभी लोग उनकी काफ़ी इज्जत करते हैं."

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जनरल चेक फैंटा माडी डेम्बेले
जनरल डेम्बेले एलिन ब्लोनडिन बेई पीसमेकिंग संस्था के डायरेक्टर जनरल हैं. मई 2018 में उन्हें प्रमोट करके ब्रिगेडियर जनरल बनाया गया था और 2018 के दिसंबर में पीसमेकिंग संस्था का उन्हें नेतृत्व सौंप दिया गया था.
इसके पहले जनरल डेम्बेले अफ्रीकी संघ के शांति और सुरक्षा आयोग में कंफ्लिक्ट मैनेजमेंट और रणनीतिक योजना का प्रभार संभाल रहे थे.
इसका मुख्यालय इथियोपिया के अदिस अबाबा में है. जनरल फ्रांस के सेंट साइर मिलिट्री एकैडमी से ग्रेजुएट हैं. वो माली के जनरल स्टाफ कॉलेज ऑफ कॉलीकोरो से भी ग्रेजुएट हैं. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस, पैनथिओन-सॉरबोने से इतिहास में डिग्री ली है.
सिविल इंजीनियरिंग में उन्होंने मास्टर्स भी किया हुआ है. इसके अलावा म्यूनिख के जर्मन फेडरल आर्मी यूनिवर्सिटी से भी वो ग्रेजुएट हैं.
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