ईरान ने अमरीका के नक़ली युद्धपोत को मिसाइल से उड़ाया

ईरान

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ईरान ने अपने मिसाइलों के अभ्यास के सिलसिले में अमरीकी युद्धपोत की डमी को उड़ाया.

यह रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ़ होरमूज़ में किया गया है, यह चैनल फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है.

इस अभ्यास में इतनी ज़्यादा आग की लपटें उठीं कि अमरीकी सैनिकों ने अपने दो रीजनल बेस को अलर्ट मोड में डाल दिया.

हालांकि बाद में अमरीकी नौसेना ने ईरान के इस अभ्यास को गैर ज़िम्मेदाराना और लापरवाही भरा बताया है.

अमरीकी नौसेना के मुताबिक ईरान की ओर से यह उकसाने और कार्रवाई करने के लिए बाध्य करने जैसा क़दम था.

ईरान की ओर से यह अभ्यास ऐसे समय में किया गया है जब खाड़ी क्षेत्र में तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है.

ईरानी मिसाइल

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ईरान के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक अभ्यास का नाम पैगंबर मोहम्मद 14वां रखा गया था.

वहीं अमरीकी युद्धपत की डमी ठीक वैसी ही नजर आ रही थी जैसा कि अमरीका ने खाड़ी में तैनात किया हुआ है. इस डमी युद्धपोत पर डमी फ़ाइटर जेट विमान भी तैनात थे. इस युद्धपोत पर अलग अलग कोणों से मिसाइलें दागी गईं.

इस युद्धपोत पर हेलिकॉप्टर से भी मिसाइलें दागी गईं जो युद्धपोत के एक किनारे से टकराईं.

आक्रामक अभ्यास पर अमरीकी प्रतिक्रिया

ईरान की रिव्यूल्यूशनरी गॉर्ड्स के कमांडर मेजर जनल हुसेन सालामी ने सरकारी टेलीविजन से कहा, "इस अभ्यास में हमारी वायुसेना और नौसेना का आक्रामक अंदाज़ नजर आया."

ईरानी मिसाइल

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अमरीकी सेना के मुताबिक इस अभ्यास में बैलिस्टिक मिसाइल से फ़ायरिंग की गई जिसके चलते संयुक्त अरब अमीरात और क़तर में अमरीकी यूनिट को अलर्ट किया गया था.

अमरीकी नौसेना के बहरीन स्थित पांचवी फ्लीट की प्रवक्ता रेबेका रेबारिच ने बताया कि अमरीकी नौसेना अपने सहयोगियों के साथ रक्षात्मक अभ्यास करती है ताकि नौसेना सुरक्षा को बढ़ावा मिले लेकिन ईरान का अभ्यास आक्रामक था जो उकसाने वाला और कार्रवाई करने को बाध्य करने जैसा था.

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