ईरान के बनाए स्वदेशी ड्रोन और फाइटर जेट से अमरीका की बढ़ सकती है चिंता

ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर मेजर जनरल हुसैन सलामी

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    • पदनाम, ख़बरों की रिपोर्टिंग और विश्लेषण

ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चार नए सैन्य हथियारों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की है. इनमें से एक जासूसी ड्रोन है जो 12,000 फ़ुट की ऊंचाई से भी काम कर सकता है.

ईरान की शीर्ष सेना ने ये हथियार ऐसे वक्त पेश किए हैं जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ईरान पर हथियारों की ख़रीद के लिए लगाए गए प्रतिबंध को बढ़ाए जाने पर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं.

शनिवार को आईआरजीसी कमांडर मेजर जनरल हुसैन सलामी ने इन स्वदेशी हथियारों के बारे में बताया जिन्हें आईआरजीसी ग्राउंड फ़ोर्स के रिसर्च एंड सेल्फ़-सफ़िसिएंशी जिहाद ऑर्गनाइज़ेशन ने बनाया है.

इन हथियारों में एक बीटीआर-50 टैंक है जो मकरान टैंक का एक नया वर्ज़न है. इसकी बॉडी को एक नया लुक दिया गया है.

इसमें फ़ायर कंट्रोल सिस्टम, थर्मल नाइट-विजन कैमरा और दूरी मापने के लिए एक लेज़र प्रणाली है जिसके ज़रिए ये ज़मीन और हवा में निशाना बनाने में सक्षम है. इस टैंक में 30 एमएम कैलिबर की ऑटोमैटिक तोप और 7.62 कैलिबर की मशीनगन हैं जो टैंक के अंदर से गनर नियंत्रित कर सकता है.

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क्या है मेराज-1 ड्रोन?

ईरान के इन हथियारों में मेराज-1 ड्रोन की खासी चर्चा है. यह जासूसी टोही विमान है जो 12,000 फ़ुट की ऊंचाई पर 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है. 35 किलोग्राम वज़न का यह ड्रोन साढ़े 10 घंटों तक उड़ सकता है और 5 किलो तक वज़न उठा सकता है.

मेराज-1 के पंखों की लंबाई 3.6 मीटर है जिसकी रेंज 1,000 किलोमीटर तक है और यह 150 किलोमीटर दूरी तक के डाटा भेज सकता है.

सोबन-1 मशीन गन और रडार सिस्टम

आईआरजीसी के प्रमुख ने सोबन-1 मशीनगन भी लॉन्च किया है जो रूस द्वारा बनाई गई है और आरपीडी मशीनगन का संशोधित वर्ज़न है.

आईआरजीसी के ज़मीनी रडार सिस्टम को भी एक बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है. यह एक ऐसा ज़मीनी रडार सिस्टम है जो बारुदी सुरंगों और सड़क किनारे पड़े बमों के बारे में पता लगा सकता है. यात्री वाहन पर लगा यह सिस्टम 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार के दौरान 30 सेंटिमीटर तक लगे विस्फोटक का 30 मीटर दूरी से पता लगा सकता है.

ईरान कै सैन्य विशेषज्ञों और टेक्नीशियन्स ने हाल के सालों में कई तरह के स्वदेशी हथियार बनाने में सफलता पाई है. इसके ज़रिए वे ईरान को हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं.

फ़रवरी 2018 में इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरान की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने का आह्वान किया था ताकि देश के मिसाइल कार्यक्रम को विवादों में डालने वाले दुश्मनों को सबक सिखाया जा सके.

क्यों बना रहा है ईरान हथियार?

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ईरान की समाचार एजेंसी तसनिम के अनुसार, पत्रकारों से बात करते हुए मेजर जनरल सलामी ने कहा कि आईआरजीसी हथियार बनाने के लिए विदेशियों पर भरोसा नहीं करता है.

उन्होंने कहा कि भविष्य में एक चौंकानेवाली प्रणाली के सब गवाह बनेंगे. सलामी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंधों को बढ़ाने की विदेशी कोशिशों का ईरान की सैन्य शक्ति पर कोई असर नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि ईरान हथियारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और उसे अमरीका और उसके सहयोगियों से ख़तरा है ऐसी सूरत में घरेलू वैज्ञानिकों के पास देश की सैन्य ज़रूरतों को पूरा करने का मौक़ा है.

अमरीका की क्या है कोशिश?

माइक पोम्पियो

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ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के हथियारों की ख़रीद पर लगाए गए प्रतिबंध अक्तूबर में समाप्त हो रहे हैं लेकिन इससे पहले ही अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इसको लेकर बेहस तेज़ कर दी है.

पोम्पियो ने गुरुवार को कहा था कि अगर ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को बढ़ाया नहीं गया तो वह रूसी और चीनी विमान ख़रीद सकता है.

एक कार्यक्रम में पोम्पियो ने इसको लेकर चेताया. उन्होंने कहा, "हथियारों की ख़रीद पर रोक इस अक्तूबर में समाप्त हो रही है. यह नहीं हो सकता या फिर ईरान को हथियार प्रणाली ख़रीदने की अनुमति मिल जाएगी."

हालांकि, पोम्पियो ने उम्मीद जताई कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद रूस और चीन की नाराज़गी के बावजूद यह प्रतिबंध बढ़ा देगा.

वहीं, आईआरजीसी प्रमुख ने कहा है कि अक्तूबर में प्रतिबंध बढ़ता भी है तो इससे उसकी सैन्य क्षमता पर फ़र्क़ नहीं पड़ेगा.

फ़ार्स समाचार एजेंसी ने मेजर जनरल हुसैन सलामी के हवाले से लिखा कि विदेशियों द्वारा हथियारों की ख़रीद पर रोक की तारीख़ को बढ़ाने से सैन्य क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सलामी ने कहा कि दुश्मन को चकमा देने वाला युद्धक प्रणाली को भविष्य में पेश किया जाएगा.

ईरान के नए सैन्य हथियारों पर अमरीका की अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन यह उसके लिए एक चिंता की बात ज़रूर हो सकती है.

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