इमरान ख़ान ने कहा- युवा इस्लामी इतिहास की किताबे पढ़ें- उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते भी कोरोना से जुड़ी ख़बरें हीं सुर्ख़ियों में रहीं.
पाकिस्तान में शनिवार 12 बजे रात तक के आँकड़ों के मुताबिक़ 19 हज़ार लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं जबकि 440 लोग इस बीमारी की वजह से मौत के शिकार हुए हैं. पाकिस्तान में 4805 मरीज़ ठीक हो चुके हैं.
पंजाब में सबसे ज़्यादा 7106 लोग संक्रमित हुए हैं. लेकिन सबसे ज़्यादा मौत ख़ैबर पख़्तूख्वान प्रांत में हुई है.
अख़बार दुनिया के अनुसार शुक्रवार को पाकिस्तान में एक ही दिन में अब तक सबसे ज़्यादा 56 लोगों की मौत हुई.
लेकिन पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चिंता स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना पॉज़िटिव पाया जाना है.

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स्वास्थ्यकर्मी कोरोना के शिकार
अख़बार जंग के अनुसार पिछले एक सप्ताह में स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना पॉज़िटिव मामलों में 75 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा हुआ है.
अख़बार के अनुसार 216 डॉक्टर, 67 नर्स और 161 अन्य स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान नौजवान पेड़ लगाएं और इस्लामी इतिहास की किताबें पढ़ें.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने अपने ट्टीटर हैंडल से वर्ल्ड इकोनोमिक फ़ोरम का एक वीडियो क्लिप शेयर किया. उस वीडियो में लॉकडाउन के दौरान पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से पेड़ लगाने के ज़रिए देश के बेरोज़गार नौजवानों को रोज़गार का मौक़ा देने की बात कही गई है.
वीडियो में कहा गया है कि रोज़ाना पेड़ लगाकर एक व्यक्ति तीन डॉलर कमा सकता है. इसे 'जंगल जॉब्स' का नाम दिया गया है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ पेड़ लगाने के अलावा इमरान ख़ान ने लॉकडाउन के दौरान इस्लामी इतिहास से जुड़ी किताब पढ़ने का सुझाव दिया.
उन्होंने ट्टीट कर कहा कि पाकिस्तान के नौजवानों को लॉकडाउन के दौरान फ़िरास अल-ख़तीब की किताब, 'लॉस्ट इस्लामिक हिस्ट्री: रीक्लेमिंग मुस्लिम सिवीलाइज़ेशन फ़्रॉम द पास्ट' पढ़नी चाहिए.
इमरान ख़ान के अनुसार ये किताब उन ऐतिहासिक घटनाओं को बहुत ख़ूबसूरत संकलन है जिन्होंने इस्लामी सभ्यता को अपने समय की सबसे महान सभ्यता बनाया और इस किताब में उन कारणों का भी ज़िक्र है जिनसे इस्लामी सभ्यता का पतन हुआ.
विपक्ष का सरकार पर हमला
इमरान ख़ान चाहे नौजवानों से जो भी अपील करें लेकिन विपक्षी पार्टियां का उन पर हमला लगातार जारी है.

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अख़बार दुनिया के अनुसार पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने कहा है कि देश सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहा है. उन्होंने इमरान पर हमला करते हुए कहा, ''केंद्र सरकार के पास काम ही क्या है. इस वक़्त न तो कोई जंग लड़नी है, न क़र्ज़ लौटाना है. इसलिए सरकार कोरोना पर ध्यान दे. अगर प्रधानमंत्री को काम नहीं करना है तो वो इस्तीफ़ा दें और घर जाएं, किसी और को काम करने दें.''
बिलावल भुट्टो ने आगे कहा कि इमरान ख़ान की सरकार कश्मीर की तरह कोरोना के मुद्दे पर भी राष्ट्रीय एकता क़ायम करने में नाकाम रही.
वहीं अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार बिलावल भुट्टो ने इमरान ख़ान से पूछा है कि किन अमीरों ने देश में लॉकडाउन करवाया है.
बिलावल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वो प्रांतों की मदद नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि ''इमरान ख़ान क्या सिर्फ़ इस्लामाबाद के प्रधानमंत्री बने रहना चाहते हैं.''
उधर मुस्लिम लीग(नून) के अध्यक्ष और संसद में नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने माँग की है कि पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमत 50 रुपए प्रति लीटर कर दी जाए. पाकिस्तान ने पेट्रोल की क़ीमत में कमी की है लेकिन शहबाज़ शरीफ़ उससे संतुष्ट नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में जो कमी आई है उसका पूरा फ़ायदा सरकार जनता तक नहीं पहुंचा रही है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का सबसे ज़्यादा असर मज़दूर तबक़े पर पड़ रहा है और पेट्रोल की क़ीमत में कमी कर सरकार उनको फ़ायदा पहुंचा सकती है.

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सऊदी अरब ने मुसलमानों के दो सबसे पवित्र धार्मिक स्थल मक्का की हरम शरीफ़ और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी को शुक्रवार से खोल दिया.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार सऊदी सरकार ने कुछ शर्तों के साथ दोनों पवित्र स्थलों को खोल दिया.
अख़बार के अनुसार नमाज़ पढ़ने के लिए नमाज़ियों को अपनी जाए-नमाज़ (नमाज़ पढ़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चटाई) ख़ुद लानी होगी. इसके अलावा उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख़्याल रखना होगा. इस दौरान मस्जिद के वाशरूम बंद रहेंगे और उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
मस्जिद में दाख़िल होने के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है. लेकिन अभी तक तरावीह की नमाज़ (रमज़ान के महीने में पढ़ी जाने वाली ख़ास नमाज़) और ईद की नमाज़ पर पाबंदी बरक़रार है.

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