कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद क्या ख़ुद को सबसे अलग कर लेना चाहिए

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सेल्फ़-आइसोलेशन में आप ख़ुद को बाहरी दुनिया से अलग-थलग कर लेते हैं.

सेल्फ़-आइसोलेशन के दौरान हवादार कमरे में रहना और अलग बाथरूम इस्तेमाल करना ज़रूरी है.

ऐसे लोगों को सार्वजनिक यातायत के साधन, कैब या टैक्सी के इस्तेमाल से भी बचना चाहिए.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ऐलान किया है कि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को सेल्फ़ आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए.

हम यहां समझने की कोशिश कर करे हैं कि आख़िर सेल्फ़-आइसोलेशन क्या होता है और इसे कैसे किया जाता है?

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सेल्फ़ आइसोलेशन क्या है?

सेल्फ़-आइसोलेशन का मतलब है अपने आप को बाकी दुनिया से काट लेना.

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के मुताबिक़, सेल्फ़ आइसोलेशन के दौरान आपको घर पर रहना होता है. काम पर, स्कूल और सार्वजनिक जगहों पर जाने की मनाही होती है. इसके साथ ही आपको पब्लिक ट्रांसपोर्ट या टैक्सी के इस्तेमाल से भी बचना होता है.

सेल्फ़-आइसोलेशन के दौरान ऐसे हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो और इसे खोला जा सके. साथ ही, दूसरे लोगों को इस घर में नहीं आने देना चाहिए. ये चीजें कुछ सामान्य समझदारी वाले कदमों में आती हैं.

जैसे कि अगर आपको किराने के सामान, दूसरी खरीदारी या अन्य दवाइयों की ज़रूरत है तो मदद मांगें. दोस्त, परिवार या डिलीवरी ड्राइवर आपके मंगाए गए सामान को आपके पास छोड़ सकते हैं और इसमें कोई दिक्कत नहीं है.

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का कहना है कि इस दौरान आपको किसी से मिलना नहीं चाहिए. आपके मंगाए गए सामान को आपके दरवाजे तक छोड़ दिया जाना चाहिए.

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क्या आपको सेल्फ़-आइसोलेशन में जाना चाहिए?

ब्रिटेन में फ़्लू (जिसकी परिभाषा 37.8 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा बुख़ार या लगातार कफ़ मानी गई है) जैसे लक्षणों वाले हर शख़्स को कम से कम सात दिनों के लिए घर पर रहने के लिए कहा जाएगा.

ऐसे हर व्यक्ति को जो कोरोना वायरस से प्रभावित इलाके में होकर आए हैं, या जिनका संपर्क इस वायरस से प्रभावित किसी शख़्स से हुआ है, उन्हें पहले ही 14 दिनों के लिए सेल्फ़ आइसोलेशन में जाने के लिए कह दिया गया है.

वायरस की चपेट में आए किसी व्यक्ति के साथ दो मीटर (छह फ़ीट) की दूरी के भीतर 15 मिनट बिताने या फ़ेस-टू-फ़ेस कॉन्टैक्ट में आने को 'क्लोज़ कॉन्टैक्ट' (करीबी संपर्क) माना जाता है और यह गंभीर जोख़िम की श्रेणी में आता है.

हल्के लक्षणों वाले रोगियों से घरों पर ही सेल्फ़-आइसोलेशन के लिए कहा जा रहा है. कोविड-19 बीमारी की वजह से बुख़ार, कफ़ या सांस लेने में दिक्कतें आ सकती हैं. इसके लक्षण दिखाई देने में औसतन पांच दिन का वक्त लग सकता है.

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अगर एक ही घर में कई लोग रहते हैं तो?

अगर आप सेल्फ़-आइसोलेशन में हैं और घर में एक ही किचन है तो उस वक़्त किचेन में जाने से परहेज करें जब वहां कोई और शख़्स हो. अपना ख़ाना अपने कमरे में लाकर खाएं. घर के फ़र्श को रोज़ साफ़-सफ़ाई वाले उत्पादों से साफ़ करें.

हो सकता है कि आप ख़ुद को परिवार के बाकी सदस्यों या फ्लैट में साथ रहने वाले साथियों से पूरी तरह से अलग न कर पाएं लेकिन उचित यही होगा कि आप उनके संपर्क में कम से कम आएं. आप जिनके साथ रहते हैं, अगर मुमकिन हो तो उनसे कम से कम दो मीटर (छह फ़ीट) का फ़ासला रखें और अकेले सोएं.

आइसोलेशन में मौजूद शख़्स के साथ रहने वाले लोगों को बार-बार अपने हाथों को धोना चाहिए. यह प्रक्रिया साबुन और पानी के साथ हर बार कम से कम 20 सेकेंड्स तक करनी चाहिए. ख़ासतौर पर जब आप उनके साथ संपर्क में आए हों तो इसके तुरंत बाद हाथों को धोना चाहिए.

आइसोलेशन में रह रहे शख़्स के तौलिये, प्रसाधन और घर के अन्य सामानों को इस्तेमाल न करें. साथ ऐसे लोगों के लिए अलग बाथरूम होना चाहिए.

अगर यह मुमकिन नहीं है तो आइसोलेशन में रहने वाले शख़्स को सबसे बाद में बाथरूम इस्तेमाल करना चाहिए और अगर वे सक्षम हैं तो इस्तेमाल करने के बाद बाथरूम को अच्छी तरह से साफ़ करना चाहिए.

आइसोलेशन में रहने वाले शख़्स के संपर्क वाले कचरे को अच्छी तरह से पैक कर रखा जाना चाहिए. अगर शख़्स टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है तो आपको बताया जाएगा कि उस कचरे का क्या करना है.

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