सीरिया: इदलिब में हवाई हमला, तुर्की के 29 सैनिकों की मौत

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सीरियाई सेना के एक हवाई हमले में कम से कम 29 तुर्की सैनिक मारे गए हैं. तुर्की के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ये हमला उत्तर पश्चिमी सीरिया में हुआ है.
तुर्की के हातय प्रांत के गवर्नर रहमी डोगन ने बताया कि इस हमले के कारण इदलिब में कई लोग घायल हुए हैं. कुछ अन्य रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या 29 से अधिक है.
मिल रही ख़बरों के मुताबिक, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई थी, जिसके बाद तुर्की सीरियाई हमलों का उत्तर दे रहा है.
इदलिब फिलहाल विद्रोहियों के कब्ज़े में है और रूस के समर्थन वाली सीरियाई सेना विद्रोहियों के कब्ज़े से इदलिब को छुड़ाना चाहती हैं. बताया जा रहा है विद्रोहियों को तुर्की सेना का समर्थन प्राप्त है.
राष्ट्रपति अर्दोआन चाहते हैं कि सीरियाई सरकार अपनी सेना को उन ठिकानों से पीछे बुलाए जहां तुर्की ने निगरानी के लिए अपने सैन्य ठिकाने बनाए हैं.
उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर सीरियाई सेना आगे बढ़ती रही, तो वो उचित कदम उठाएंगे.

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सीरिया की सरकार और रूस ने साल 2018 में हुए युद्धविराम को मानने से इनकार करते हुए सीजफ़ायर लाइन से पीछे हटने से इनकार कर दिया. रूस का आरोप है कि विद्रोहियों की मदद करके तुर्की ने भी समझौते का उल्लंघन किया है.
ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक़, गुरुवार शाम हुए हवाई हमले में करीब 34 तुर्की सैनिक मारे गए हैं.
रहमी डोगन के मुताबिक़, घायलों को इलाज के लिए तुर्की लाया गया है.
तुर्की के कम्युनिकेशन डायरेक्टर फारेतिन अल्तुन ने एक सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि सीरियाई सरकार के ठिकाने तुर्की की हवाई और जमीनी सेनाओं के निशाने पर थे और तुर्की ने हमले का बदला उसी तरह लेने का फ़ैसला किया.
वहीं, तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लूत चावाशूग्लू ने नैटो के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टोल्टेनबर्ग से इस बारे में बात की है. तुर्की नैटो का सदस्य है.
तुर्की समर्थित विद्रोहियों ने गुरुवार को कहा था कि उन्होंने इदलिब के नज़दीक उत्तर पश्चिमी हिस्से में बसे सराक़ेब शहर को सीरियाई सरकार के कब्ज़े से छुड़ा कर अपने कब्ज़े में ले लिया है.
बीते साल दिसंबर से इदलिब में लड़ाई जारी है जिस कारण यहां से लाखों की संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यहां व्यापक स्तर पर युद्ध हुआ तो कईयों की जान को खत़रा होगा.
इधर रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने तुर्की के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि तुर्की ने सीरिया से भाग रहे लोगों को अपनी सीमा में प्रवेश करने देगा और उन्हें यूरोप तक जाने से नहीं रोकेगा. हालांकि इस बयान की अब तक आधिकारित तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.
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