कोरोना वायरस के कारण रोके गए डायमंड प्रिंसेज़ क्रूज़ शिप पर क्या हैं हालात

डायमंड प्रिंसेज़ क्रूज़

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जापान में योकोहामा के पास रोके गए डायमंड प्रिंसेज़ क्रूज़ नामक जहाज़ पर क़रीब 3700 यात्री मौजूद हैं.

उनमें से एक यात्री डेविड अबेल कहते हैं, "अब धीरे-धीरे ही सही लेकिन अवसाद बढ़ता जा रहा है."

डेविड और उनकी पत्नी सैली उन तमाम यात्रियों में से एक हैं जिन्होंने ख़ूबसूरत और रोमांचक छुट्टियां मनाने के लिए इस क्रूज़ कि टिकटें ली होंगी.... लेकिन उनकी छुट्टियां कोरोना वायरस की चपेट में आ गई हैं. उन्हें शायद इस बात का अंदाज़ा भी नहीं होगा कि चीन से दूर होने के बावजूद इस वायरस का असर उन पर इस तरह होगा.

क्रूज़ पर सवार लोगों में से अब तक (बुधवार 12 फ़रवरी) 174 लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है, जिसकी वजह से क्रू के सदस्य और बाकी यात्री थोड़े घबराए हुए हैं और सचेत भी.

डेविड कहते हैं कि जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है उन्हें क्रूज़ से अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया है लेकिन बाकी यात्रियों को सख़्त हिदायत है कि वे क्रूज़ पर ही बने रहें.

डेविड कहते हैं, "बहुत से यात्रियों को एक ही जगह पर बंद पड़े रहने की वजह से बुख़ार होना शुरू हो गया है."

बर्बाद हो गईं छुट्टियां

डेविड अबेल
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डेविड ने बीबीसी से कहा, "निश्चित तौर पर मैं कुछ परेशान हूं. क्योंकि मैंने सुना कि कोई दूसरा सहयात्री क्रूज़ से नीचे उतर गया है. यह दुखद है कि वो मैं या मेरी पत्नी नहीं हैं."

ब्रिटेन का यह जोड़ा जब इस क्रूज़ पर सवार हुआ था तो उसने सोचा था कि यह छुट्टियां उन्हें ज़िंदगीभर याद रहेंगी लेकिन जैसा उन्होंने सपना देखा था वैसा कुछ भी नहीं हुआ.

उन्होंने बीबीसी से बताया कि चार फ़रवरी को क्रूज़ पर पहला मामला पकड़ में आया था और उसके बाद सबकुछ बदल गया.

"हम क्रूज़ पर काफ़ी खुश थे. अच्छा वक़्त गुज़ार रहे थे. लेकिन एकाएक सबकुछ बदल गया."

डेविड बताते हैं, "हमें दिया जाने वाला खाना भी बदल दिया गया. मैं निश्चित तौर पर ये कह सकता हूं कि हमने जिस लक्ज़री क्रूज़ को बुक किया था वो ये बिल्कुल भी नहीं है."

क्रूज़ पर मौजूदा स्थिति के बारे में वो कहते हैं, "बमुश्किल ही किसी को अब अनुमति है कि वो डेक पर टहले, हर किसी को यह निर्देश है कि वो एक-दूसरे से कम से कम दो मीटर की दूरी पर रहे."

यात्रियों की मुश्किलें

सैली और डेविड

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डेविड बताते हैं जापानी समयानुसार क़रीब सुबह छह बजे के आस-पास हमें क्रूज़ के कप्तान ने सूचित किया कि अब से हर यात्री को अपने केबिन में ही रहना है.

"उसके कुछ देर बाद ही लोगों को कमरों से बाहर निकलने से भी मना कर दिया गया. हमें बाहर निकलने तक से मना कर दिया गया."

डेविड के मुताबिक़ शुरुआत में क़रीब 10 लोग बीमार पड़े थे.

वो कहते हैं, "शुरू में जो लोग बीमार पड़े उन्हें तटरक्षकों ने जहाज़ से उतार दिया और मेडिकल सुविधाओं के लिए भेज दिया लेकिन हमें पता नहीं था कि बाकी यात्रियों की क्या स्थिति होगी."

डेविड को पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में, एक बार फिर सभी यात्रियों की जांच की जाएगी ताकि वायरस की पड़ताल की जा सके.

वो कहते हैं, "हमारे पास इस 15-30 स्क्वायर मीटर के केबिन में बैठकर इंतज़ार करने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं है."

गे कोर्टर
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गे कोर्टर भी इसी क्रूज़ पर सवार एक यात्री हैं.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "इस तरह से रहना बेहद असहज और अजीब है."

वो कहती हैं, "हमारी स्थिति कुछ कुछ बंदियों की तरह ही है. हम अपने कमरों में रहते हैं. हमें सिर्फ़ बालकनी तक जाने की ही अनुमति है. हमें कचरे को एक अलग तरीक़े से ही फेंकना होता है. हमें हर समय फ़ेस-मास्क पहनकर रखना होता है."

"हम अपने कमरों में बैठकर अपना खाना आने का इंतज़ार करते रहते हैं."

हालांकि, गे क्रूज़ के क्रू सदस्यों की कोशिशों और मेहनत से बहुत ख़ुश हैं. लेकिन बावजूद हर बात के वो ख़ुद को थोड़ा परेशान महसूस करने लगी हैं.

वो कहती हैं कि मैं ख़ुद को संभाले रखने का पूरा प्रयास कर रही हूं लेकिन यह मुश्किल होता जा रहा है.

लेकिन क्रू के लिए भी स्थिति बेहद ख़राब है...

क्रू मेंबर

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एक ओर जहां क्रूज़ अलग-थलग खड़ा है वहीं क्रूज़ के चालक दल लगातार सक्रिय हैं.

डेक के नीचे के हिस्से में लोगों का एक बड़ा समूह है जो यात्रियों की ज़रूरतों को पूरी करने के लिए लगातार सक्रिय बना हुआ है. क्रूज़ के चालन, भोजन बनाने, बर्तन-कपड़े धोने और दूसरे कामों के लिए क़रीब हज़ार लोगों की टीम है.

लेकिन इन लोगों के लिए संक्रमण होने का ख़तरा अधिक है. क्योंकि यात्रियों के विपरीत ये लोग जो अधिकारी नहीं है, वे आफस में केबिन, बाथरूम साझा करते हैं. ऐसे में ख़तरा अधिक है.

प्रिंसेस क्रूज़ के ऑनलाइन पेज पर मौजूद जानकारी के अनुसार, उनके जहाज़ों पर काम करने वालों से सप्ताह में सात दिन, 10 से 13 घंटे की शिफ्ट में काम करने की उम्मीद की जाती है.

क्रू मेंबर बिनय कुमार ने इसी दौरान फ़ेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया है. जिसमें वो कह रहे हैं, "हम बेहद डरे हुए हैं और दिन-प्रतिदिन इस वायरस का ख़तरा बढ़ता ही जा रहा है."

उनका कहना है कि जो लोग संक्रमित नहीं हैं उन्हें क्रूज़ से बाहर निकाला जाना चाहिए ताकि उनके पास जीवित रहने का बेहतर अवसर बना रहे.

बीबीसी का मानना है कि संक्रमित लोगों में से कम से कम 10 से 20 चालक दल के सदस्य हैं.

हनीमून मनाने आए पति-पत्नी हुए जुदा

क्रूज़ पर मौजूद यात्री

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इमेज कैप्शन, क्रूज़ पर मौजूद यात्री साफ़ और ताज़ी हवा के लिए अपनी बालकनी में खड़े हैं

सात फ़रवरी के बाद से क्रूज़ पर वायरस का संक्रमण तेज़ी से फैला.

संक्रमण के इतनी तेज़ी से फैलने का कोई निश्चित कारण तो सामने नहीं है लेकिन जापान के स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि ये लोग पहले से ही संक्रमित रहे होंगे लेकिन उनकी पुष्टि बाद में हुई.

चूंकि वायरस संक्रमण के पूरे लक्षण दो सप्ताह के आसपास ही सामने आते हैं, ऐसे में कुछ लोगों में शुरुआती समय में इसे पता नहीं किया जा सका.

डेविड अबेल

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इमेज कैप्शन, क्रूज़ पर पानी को लेकर अपनायी जा रही सावधानी

डेविड के अनुसार, हर वक़्त कुछ ना कुछ बदल रहा है. हर घंटे कुछ नया बदलाव देखा जा सकता है. और फ़िलहाल सबसे बड़ा बदलाव ये है कि संक्रमण के 41 नए मामले सामने आए हैं.

संक्रमित लोगों में से एक डेविड के दोस्त भी हैं. वो अपनी पत्नी के साथ हनीमून मनाने आए थे लेकिन अब वो अपनी पत्नी से अलग हैं. उन्हें मेडिकल के लिए भेज दिया गया है जबकि उनकी पत्नी अब भी क्रूज़ पर मौजूद हैं.

सावधानियां बरती जा रही हैं

अपना तापमान जांचते डेविड
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क्रूज़ पर कुछ-कुछ मेडिकल सुविधाए दी जा रही हैं.

डेविड बताते हैं, "हमें फ़ेस मास्क और ग्लव्ज़ दिए गए हैं. हम जब भी बाहर जाते हैं इन्हें पहनकर ही बाहर जाते हैं. यह एक अच्छी सावधानी है."

क्रूज़ पर यात्रियों को अपना तापमान मापते रहने को कहा गया है. डेविड जिस समय बीबीसी से बात कर रहे थे उस समय भी वो अपना तापमान ही ले रहे थे.

डेविड और दूसरे यात्रियों को बताया गया है कि 19 फ़रवरी को एक बार फिर जांच की जाएगी.

डेविड के अनुसार, "हमने ब्रिटेन वापस जाने के लिए बी टिकट बुक करा रखी थी और अब उसे भी कैंसिल करवाना होगा. हमें कोई आइडिया नहीं है कि हमें इस क्रूज़ पर से उतरने की अनुमति कब मिलेगी."

क्या दुनिया में कोई दूसरे जहाज़ भी प्रभावित हुए हैं?

अलास्का

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पूरे चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के जितने मामले सामने आए हैं, उनमें से 80 प्रतिशत मामले सिर्फ़ हुबेई प्रांत के हैं.

हुबेई में अब जाँच के नए तरीक़े अपनाए जा रहे हैं. अब उन लोगों को भी संक्रमित लोगों में शामिल किया जा रहा है, जिनके सीटी स्कैन में फेफड़े का संक्रमण दिख रहा है और जिनमें थोड़े बहुत भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं. पहले सिर्फ़ न्यूक्लेइक एसिड टेस्ट पर ही भरोसा किया जा रहा था.

इस बीच 2000 लोगों को लेकर जा रहा एक जहाज़ कंबोडिया पहुँच गया है. पाँच देशों ने इस जहाज़ को इस डर से वापस भेज दिया कि इसमें कोरोना से संक्रमित कुछ लोग हैं.

जापान, ताइवान, गुआम, फिलीपींस और थाइलैंड ने इस जहाज़ को वापस भेज दिया था.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कंबोडिया के फ़ैसले का स्वागत किया है.

वहीं, दस फ़रवरी को हॉन्गकॉन्ग में पांच दिनों से एक क्रूज़ शिप में फंसे हज़ारों लोगों को कोरोना वायरस टेस्ट में नेगेटिव होने पर बाहर जाने की इजाज़त मिल गई है.

वर्ल्ड ड्रीम शिप में सवार क़रीब 3600 यात्रियों और क्रू के सदस्यों को इस डर से रोका गया था कि कहीं वो अपनी पिछली यात्रा में वायरस के संपर्क में ना आ गए हों.

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