इस्लामिक देशों के संगठन OIC ने ट्रंप के मध्य-पूर्व शांति प्लान को नकारा- पाँच बड़ी ख़बरें

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इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन ने मध्य-पूर्व को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की शांति योजना को नकार दिया है.
ओआईसी ने अपने 57 सदस्य देशों से कहा है कि वो इस योजना को लागू करने में किसी तरह की मदद न करें. दुनिया के लगभग डेढ़ अरब मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस संगठन ने सोमवार को जेद्दा में हुई बैठक के बाद कहा, "ओआईसी अमरीकी-इसराइल योजना को नकारती है क्योंकि ये फ़लस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों और उम्मीदों को पूरा नहीं करता है और शांति प्रक्रिया की शर्तों का उल्लंघन करता है."
अमरीकी योजना के तहत पूरे यरूशलम शहर पर इसराइल का अधिकार होगा और इसराइल फ़लस्तीनी ज़मीनों पर बसाई गई यहूदी बस्तियों को अपने नियंत्रण में ले सकेगा.
ट्रंप की इस योजना के तहत इसराइल के पास अभिवाजित यरूशल रहेगा और फ़लस्तीनी इसराइल के क़ब्ज़े वाले पूर्वी यरूशलम के पास अपनी राजधानी घोषित कर सकेंगे. ओआईसी ने पूर्वी यरूशल में फ़लस्तीनी राष्ट्र की राजधानी को अपना समर्थन दिया और इसके अरबी और इस्लामी चरित्र पर ज़ोर दिया.
ओआईसी ने कहा कि इसराइली क़ब्ज़ा ख़त्म होने के बाद ही शांति आ सकेगी. सोमवार को हुई बैठक में ईरान शामिल नहीं हुआ. हालांकि ईरान पहले ही अमरीकी योजना की आलोचना कर चुका है. इसराइल और फ़लस्तीन के बीच जारी विवाद मध्य-पूर्व में संघर्ष की जड़ में है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उनकी शांति योजना से दशकों से चला आ रहा ये हिंसक संघर्ष ख़त्म हो सकता है. ओआीसी से पहले अरब लीग भी अमरीकी योजना को नकार चुका है.
सोमवार को ओआईसी की बैठक में फ़लस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल मलीकी ने कहा, "इस योजना को शांति योजना नहीं कहा जा सकता है क्योंकि फ़लस्तीनी इसका हिस्सा नहीं हैं और ये शांति के सभी मौक़ों को ख़त्म करता है."

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बीजेपी का नया गीत
दिल्ली चुनावों के शोर के बीच बीजेपी ने अपना नया गीत जारी किया है. 'दिल्ली तू अब जाग ले' शीर्षक से जारी किए गए इस वीडियो में वो सभी तस्वीरें है जिनका इस्तेमाल बीजेपी नेता पिछले एक महीने से अपने चुनाव अभियान में कर रहे हैं.
इस गीत में कहा गया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के ख़िलाफ़ जारी प्रदर्शन भारत को तोड़ रहे हैं.
इस गीत में शाहीन बाग़ की तस्वीरें हैं, प्रदर्शनों के दौरान जल रही दिल्ली की बसें दिख रही हैं. गीत में कहा गया है, "ये देश अगर देह है तो कश्मीर उसका प्राण है, कश्मीर भी है तेरा और तेरा ही आसमां है, होकर वहां नाकाम वो दुबक के दिल्ली आए भाग और खड़े कर दिए यहां सैकड़ों शाहीन बाग़"

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कोरोना से चौबीस घंटों में 64 मौतें
चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक़ बीते चौबीस घंटों में कोराना वायस से 64 मौतें हुई है. मरने वालों की तादाद अब बढ़कर 425 हो गई है. सभी मौतें हुबेई प्रांत में हुई हैं. ये वायरस यहीं से फैला है.
अधिकारियों के मुताबिक अब वायरस के पुष्ट मामलों की तादाद बढ़कर बीस हज़ार हो गई है. वहीं चीन के शीर्ष नेतृत्व कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो की स्टैंडिंग कमिटी ने माना है कि इस महामारी ने सरकार की कमियों और तैयारियों में ख़ामियों को उजागर किया है.
वहीं चीन के विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर के देशों से इस वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में मदद मांगी है और स्वास्थ्य उपकरण भेजने की अपील की है.

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क्राइम ब्रांच करेगी जामिया में फायरिंग की जांच
दिल्ली के जामिया में हुई फायरिंग की घटनाओं की जांच अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी. पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी हासिल की है.
जामिया यूनिवर्सिटी के बाहर रविवार देर रात गोलीबारी हुई थी. वहीं पुलिस ने ये भी कहा है कि मौक़े पर कारतूस के खोल नहीं मिले हैं.
पुलिस ने इस मामले में सोमवार को चश्मदीदों को बयान दर्ज किए थे. इससे पहले जामिया के बाहर एक किशोर ने गोलीबारी की थी जिसमें एक युवक घायल हो गया था. गोलीबारी की इन घटनाओं के मद्देनज़र जामिया यूनिवर्सिटी और आसपास के इलाक़े में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.

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नाइजीरिया को लूटा हुआ धन लौटाएगा अमरीका
अमरीका का कहना है कि नाइजीरिया के सार्वजनिक धन से चुराए गए तीस करोड़ अमरीकी डॉलर वापस नाइजीरिया को लौटाए जाएंगे. ये पैसा पूर्व सैन्य शासक सानी अबाशा ने अपने कार्यकाल के दौरान अमरीका पहुंचाया था.
अमरीका का कहना है कि ये जनरल अबाशा के कार्यकाल और उसके बाद ये पैसा अमरीका पहुंचाया गया. अबाशा का शासन 1998 में उनकी मौत के साथ ख़त्म हुआ था.
अमरीका के न्याय विभाग का कहना है कि जनरल अबाशा और उनके दोस्तों ने नाइजीरिया के सार्वजनिक धन की लूट की और इस पैसे को अमरीका पहुंचाने के लिए अमरीकी वित्तीय व्यवस्था की कमज़ोरियां का इस्तेमाल किया. अब इस धन का इस्तेमाल नाइजीरिया में सड़क निर्माण में किया जाएगा.
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