कोरोना वायरस चीनी सामान छूने से फैल सकता है?

चीन समेत दुनिया भर के कई देशों में कोरोना वायरस फैलने के बाद इससे मरने वालों की संख्या 300 के पार पहुंच चुकी है.

वहीं अब तक इस वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 14 हज़ार से अधिक हो चुकी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तेज़ी से फैलते इस वायरस को वैश्विक संकट घोषित कर दिया है.

शुरुआत में इस वायरस से शिकार होने वाले लोगों की मौत चीन में ही हुई थी, लेकिन बीते रविवार आई सूचना के मुताबिक़, फ़िलीपींस में भी एक व्यक्ति की मौत इस वायरस से हो चुकी है.

इस सबके बीच दुनिया भर में लोगों के मन में इस वायरस से जुड़े सवाल कौंध रहे हैं.

बीबीसी ने ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब यहां देने की कोशिश की है.

सवाल 1 - क्या चीनी सामान छूने से कोरोना वायरस फैल सकता है?

इंटरनेट पर तमाम लोगों ने इस सवाल को पूछा है कि क्या चीन के वुहान या दूसरे हिस्से जो कि इस वायरस की चपेट में हैं, वहां से निर्यातित माल को छूने से ये वायरस फैल सकता है?

इस सवाल का जवाब ये है कि अब तक ऐसे कोई सबूत सामने नहीं आए हैं जिनके आधार पर ये पुख़्ता तौर पर कहा जा सके कि वुहान या दूसरे संक्रमित इलाकों से आए माल को छूने से वायरस फैल सकता है.

लेकिन साल 2003 में चीन ने सार्स नामक कोरोना वायरस का सामना किया था जिसने दुनिया भर में 700 से ज़्यादा लोगों की जान ली थी.

सार्स के मामले में ये पाया गया था कि अगर आप किसी चीज़ या जगह को छूते हैं जहां पर संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से वायरस पहुंचा हो तो आप उस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं.

अब तक इस कोरोना वायरस के मामले में ये बात सामने नहीं आई है. लेकिन अगर ये वायरस ऐसा करने में सक्षम भी होता है तब भी एक सवाल ये होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय शिपिंग एक बड़ी समस्या होगी.

ज़ुकाम के वायरस इंसानी शरीर के बाहर 24 घंटे तक ज़िंदा रहते हैं. हालांकि कोरोना वायरस कई महीनों तक इंसानी शरीर के बाहर भी ज़िंदा रह सकता है.

लेकिन अब तक जो मामले आए हैं, उनमें ये देखा गया है कि किसी व्यक्ति को इस वायरस से संक्रमित होने के लिए संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना होता है.

सवाल 2 - चीन से इतने वायरस क्यों पैदा होते हैं?

इस सवाल का जवाब ये है कि चीन में एक बड़ी आबादी जानवरों के क़रीब रहती है.

ये कोरोना वायरस भी किसी जानवर से ही इंसान में पहुंचा है. एक सुझाव ये कहता है कि ये वायरस सांपों से इंसान में आया है. इस जैसा ही एक अन्य वायरस सार्स भी चीन में शुरू हुआ था और वह चमगादड़ों और सिवेट बिल्ली से आया था.

इस संक्रमण के शुरुआती मामलों के तार दक्षिणी चीन के सी-फूड होलसेल मार्केट तक पहुंचते हैं. इन बाज़ारों में मुर्गों, चमगादड़ों के साथ-साथ सांप भी बेचे जाते हैं.

सवाल 3 - क्या कोरोना वायरस से संक्रम के बाद स्वास्थ्य पहले जैसा हो सकता है?

ये संभव है. इस वायरस से संक्रमित कई लोगों में हल्के-फुल्के लक्षण दिखाई देते हैं.

इनमें बुखार, खांसी और सांस लेने में होने वाली दिक्कतें शामिल हैं.

ज़्यादातर लोग इस संक्रमण से निकलने के बाद पूरी तरह ठीक हो जाते हैं.

लेकिन ये वायरस वृद्ध लोगों और पहले से डायबिटीज़ और कैंसर जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद ख़तरनाक है.

इसके साथ ही ख़राब रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए ये भी बेहद ख़तरनाक है.

सवाल 4 - इन्क्यूबेशन पीरियड क्या है और इस वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड कितना है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़, किसी भी वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड वो समय होता है जिस दौरान व्यक्ति वायरस से संक्रमित होता है. लेकिन उसके स्वास्थ्य पर उसका असर दिखाई नहीं देता है.

फिलहाल, इस वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 2 से दस दिनों के बीच बताया जा रहा है. लेकिन ठीक आंकलन के लिए ज़्यादा जानकारी की ज़रूरत है.

किसी भी वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड समझना बेहद ज़रूरी होता है. डॉक्टर और सरकारें इसकी मदद से वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं.

इसका मतलब ये हुआ कि अगर उन्हें इस बारे में पता हो तो वे ऐसे लोगों को आम आबादी से अलग कर सकते हैं जिनके वायरस से संक्रमित होने की आशंका होती है.

सवाल 5 - क्या इस वायरस की कोई वैक्सीन है?

फ़िलहाल, इस वायरस की कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है. लेकिन शोधार्थी इस वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं.

ये एक ऐसा वायरस है जो इंसानों में पहले कभी नहीं देखा गया है.

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