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कोरोना वायरसः भारत में सतर्कता, चीन से लौटे लोगों की निगरानी
जानलेवा कोरोना वायरस के चीन और चीन से बाहर संक्रमण होने की ख़बरों के बीच भारत सरकार भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है.
सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने किसी भी तरह की स्थिति से निबटने में भारत की तैयारियों की समीक्षा की.
हालाँकि सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार अभी तक भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण का एक भी बड़ा मामला सामने नहीं आया है.
मगर भारत में अब तक लगभग 450 लोगों को निगरानी में रखा गया है जिनमें अधिकतर लोग केरल में हैं.
इनमें से बहुत सारे लोग हाल ही में चीन से लौटे हैं और उन्होंने एहतियात के तौर पर ख़ुद ही मेडिकल सलाह के लिए संपर्क किया था.
इसके साथ-साथ देश में नेपाल से सटे राज्यों के सीमावर्ती इलाक़ों में भी सतर्कता रखी जा रही है.
नेपाल पहला दक्षिण एशियाई देश है जहाँ कोरोना वायरस के संक्रमणी की पुष्टि हुई है.
नेपाल सरकार ने 24 जनवरी को पुष्टि की थी कि चीन के वायरस प्रभावित वुहान प्रांत से लौटे एक छात्र को वायरस संक्रमण हुआ है.
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केरल में निगरानी
पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि पिछले कुछ दिनों में चीन से लौटे कम-से-कम 436 लोगों की निगरानी की जा रही है.
अधिकारियों ने बताया कि अब तक जितने भी लोगों के ख़ून के नमूने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी भेजे गए थे उनमें किसी का भी नमूना पॉज़िटिव नहीं पाया गया.
केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने पत्रकारों से कहा कि ज़िला स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ तालमेल के ज़रिए आवश्यक क़दम उठाए जा रहे हैं.
मंत्री ने कहा, "हमने ऐसे वॉर्ड खोले हैं जहाँ लोगों को एकांत में रखा जा रहा है, हालाँकि अभी तक हमारे पास एक भी मामले की पुष्टि की ख़बर नहीं है."
इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना वायरस से प्रभावित चीन के वुहान प्रांत में अटके भारतीयों को बाहर निकालने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है जिनमें केरल के भी कई लोग हैं.
उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में बताया है कि सरकार को चीन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के संबंधियों से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक़ वहाँ स्थिति गंभीर है.
विजयन ने इस चिट्ठी में लिखा, "इस बात पर विचार होना चाहिए कि वुहान और उसके पास के हवाई अड्डों पर एक विशेष विमान भेजा जाए जो वहाँ से भारतीयों को वापस लेकर लौटे."
केरल के मुख्यमंत्री इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी दो बार चिट्ठी लिख चुके हैं.
पीटीआई के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त डॉक्टरों की एक टीम ने कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और केएमसी हॉस्पिटल का दौरा किया और तैयारियों पर संतोष जताया.
भारत में चिंता का कारण
पिछले सप्ताह कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जारी चिंताओं को देखते हुए भारत में भी एडवाइज़री जारी की गई थी.
सरकार ने दिल्ली समेत देश के सात हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की ताकि अगर चीन या हांगकांग से लौटे किसी शख़्स में संक्रमण के असर दिखते हैं तो उसकी तुरंत जांच कराई जा सके.
भारत में नेशनल सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल के डायरेक्टर डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बीबीसी को बताया कि यह वायरस मर्स और सार्स वायरस की तरह जानवरों से ही आया है. दस से बीस दिनों के भीतर ही यह वायरस 40 से 550 लोगों को संक्रमित कर चुका है. जो वायरस अब तक चीन तक ही सीमित था वो अब 5-6 देशों तक भी पहुंच चुका है.
वो कहते हैं, "यह वायरस अमरीका तक पहुंच चुका है तो हमारे देश के लोग भी चीन की यात्रा करते हैं. क़रीब 1200 मेडिकल स्टूडेंट चीन में पढ़ाई कर रहे हैं, जिसमें से ज़्यादातर वुहान प्रांत में ही हैं. ऐसे में अगर वो वहां से लौटते हैं तो इस वायरस के भारत में आ जाने की आशंका बहुत बढ़ जाती है."
हालांकि वो ये ज़रूर कहते हैं कि भारत में यह वायरस कैसे प्रतिक्रिया देगा, इस बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि ये नया वायरस है और इसके बारे में बहुत कुछ पता नहीं है.
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