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'ट्रंप को अपने प्रतिद्वंद्वी की जांच में ज़्यादा दिलचस्पी थी'
अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग जांच में पहली बार वॉशिंगटन में सार्वजनिक सुनवाई की जा रही है.
महाभियोग कार्यवाही में शीर्ष अमरीकी राजनयिक ने ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन पर जांच शुरु करने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदमीर ज़ेलेन्स्की पर दबाव बनाया था. हालांकि ट्रंप इससे लगातार इनकार करते रहे हैं.
सुनवाई शुरु करते हुए यूक्रेन में अमरीकी राजदूत बिल टेलर ने कहा है कि डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडेन के ख़िलाफ़ यूक्रेन में जांच शुरु करने के लिए खुद ट्रंप ने कहा था.
टेलर ने कहा है कि उनके स्टाफ़ को बताया गया था कि बाइडेन के ख़िलाफ़ जांच के लिए ट्रंप मन बना चुके थे.
एक अन्य अमरीकी राजनयिक जॉर्ज केंट ने कहा कि ट्रंप के वकील रूडी गुलियानी ने यूक्रेन में अमरीकी अधिकारियों को बदनाम करने की कोशिश की थी.
ट्रंप ने कहा है कि उन्हें महाभियोग की सुनवाई में कोई दिलचस्पी नहीं है और वो इसे नहीं देख रहे हैं. उन्होंने कहा, "मेरे पास इसे देखने का वक्त नहीं है. ये दुर्भावना से प्रेरित है, ये धोखाधड़ी है."
राष्ट्रपति ट्रंप अपने ओवल ऑफ़िस में तुर्की के राष्ट्रपति रिचप तैय्यप अर्देआन के साथ बुधवार को मुलाक़ात कर रहे थे.
ट्रंप ने कहा, "मेरे पास इसे देखने का वक़्त नहीं है. ये दुर्भावना से प्रेरित है, ये धोखाधड़ी है." हालांकि उन्होंने कहा कि उनसे इस बारे में कोई बात नहीं की गई है.
डॉनल्ड ट्रंप के बड़े बेटे ने ट्वीट कर इस सुनवाई की निंदा की है और लिखा है, "ये पहेली उन राजनीतिक संभ्रांतों का सटीक उदाहरण है जिनसे असली अमरीकी नफ़रत करते हैं. ये लोग जनता में वाक़ई अनजाने से हैं."
टेलर की गवाही
अमरीकी मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी के अपने सहयोगियों के साथ बुधवार को एक बैठक में हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की जवाबदेही तय करनी ही होगी.
उन्होंने कहा, "हमारे देश की ये सबसे गंभीर घटना है. इसे रोका जा सकता था. हममे से कोई भी राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की मंशा से यहां नहीं आया है."
यूक्रेन में कार्यकारी अमरीकी राजदूत बिल टेलर ने गवाही देते हुए कहा कि उनके एक सहयोगी और यूरोपीय संघ में अमरीकी राजदूत गोर्डन सोंडलैंड ने ट्रंप को फ़ोन पर बताया था कि यूक्रेनी आगे बढ़ने के लिए तैयार हो गए हैं.
इस फ़ोन कॉल के बाद उनके स्टाफ़ के एक सदस्य ने सोंडलैंड से पूछा कि यूक्रेन के बारे में ट्रंप क्या सोच रहे हैं.
टेलर ने अपने बयान में कहा कि राजदूत सोंडलैंड का जवाब था कि ट्रंप को यूक्रेन से ज़्यादा बाइडेन की चिंता है.
कुछ दिन पहले ट्रंप ने सोंडलैंड को ठीक से जानने से भी इनकार कर दिया था.
हालांकि टेलर की पहली गवाही में इस फ़ोन कॉल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी.
यूक्रेन की मदद रोकने का आरोप
ट्रंप पर यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने का भी आरोप है. उन पर आरोप है कि उन्होंने ऐसा किया ताकि यूक्रेन के नए राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की पर बाइडेन के ख़िलाफ़ जांच घोषित करने का दवाब बनाया जा सके.
अमरीका में 2020 में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से संभावित उम्मीदवार जो बाइडेन हैं.
ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग जांच एक महीने से चल रही है लेकिन इससे पहले जितनी सुनवाई हुई वो बंद कमरे में की गई थी.
बुधवार को इस मामले में पहली बार सार्वजनिक तौर पर सुनवाई शुरु हुई. माना जा रहा है कि डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सदस्य मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं.
टेलर पर डेमोक्रेटक की उम्मीदें टिकीं
इस हफ़्ते सुनवाई में तीन लोग गवाही देंगे- यूक्रेन में कार्यकारी अमरीकी राजदूत बिल टेलर, डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट जार्ज केंट और यूक्रेन में अमरीकी राजदूत रहे मैरी योवानोविच. ये लोग पहले ही बंद दरवाजे में हुई सुनवाई में मौजूद रहे हैं.
इस पूरे मामले में बिल टेलर ही वो शख़्स हैं जिन पर डेमोक्रेट सदस्यों की उम्मीदें टिकी हुई हैं. यूक्रेन में अमरीकी के विशेष दूत कुर्ट वोल्कर ने पहली बार टेलर के टेक्स्ट मैसेज को सार्वजनिक किया था, जिसमें उन्होंने ट्रंप प्रशासन की ओर से यूक्रेन पर जांच के लिए दबाव बनाने को लेकर चिंता व्यक्त की थी.
अपनी गवाही में उन्होंने यूक्रेन को लेकर अमरीकी नीति पर बात रखी थी और कई मौकों पर उन्हें लगता था कि अमरीकी सैन्य सहायता और व्हाइट हाउस को न्योता देने को यूक्रेन सरकार पर कार्रवाई करने के लिए दबाव के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.
टेलर की ही गवाही पर डेमोक्रेट की उम्मीद टिकी है जिसके आधार पर वो दावा करते हैं कि ट्रंप ने अपने पद का दुरुपयोग किया.
रिपब्लिकन पार्टी का इस सुनवाई को लेकर एक ही रुख है कि ट्रंप ने यूक्रेन पर कोई दबाव नहीं बनाया था. यूक्रेन को सैन्य सहायता रोक दी गई थी क्योंकि ट्रंप यूक्रेन में भ्रष्टाचार को लेकर वाक़ई चिंतित थे.
रिपब्लिकन पार्टी के नेता उस अज्ञात व्हिसिलब्लोअर की साख पर भी सवाल उठा रहे हैं जिसने पहली बार ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के बीच हुई बातचीत का खुलासा किया था.
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