राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की जांच के लिए प्रस्ताव को मंज़ूरी

अमरीकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की जांच औपचारिक तौर पर शुरू करने के लिए एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.

इसका मतलब ये नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने के लिए मंज़ूरी दी गई है. इसका आशय ये है कि राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ जांच सार्वजनिक चरण में पहुंचेगी.

डेमोक्रेट्स के नियंत्रण वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग के लिए समर्थन जुटाने की ये पहली औपचारिक कोशिश है.

व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव की निंदा की है. केवल दो डेमोक्रेट सांसदों ने इस प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया.

इस प्रस्ताव में ये भी तय कर दिया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप के वकीलों को क्या अधिकार हासिल होंगे.

राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप

राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ कथित भ्रष्टाचार के दावों की पड़ताल करने के लिए यूक्रेन पर दबाव बनाने की कोशिश की.

हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटिटिव्स की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 'जो किया है, उसके लिए उन्हें ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.'

नैन्सी पेलोसी ने कहा, ''हम अपने देश को एक ऐसे राष्ट्रपति से बचा रहे हैं, जो कहते हैं कि वो जो चाहे, कर सकते हैं. ऐसा नहीं है. अगर आपको लगता है कि आप अपनी इस सोच के सहारे चल सकते हैं तो ये अमरीका के संविधान का उल्लंघन है. इसलिए मैं तथ्यों के साथ आगे बढ़ूंगी. ये सच और संविधान का सवाल है. हम अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.''

राष्ट्रपति ट्रंप इस आरोप को ख़ारिज करते हैं. उन्होंने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में लाए गए प्रस्ताव को अमरीकी इतिहास में सबसे बड़ा 'विच-हंट' बताया है.

ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के व्हिप (मुख्य सचेतक) स्टीव स्केलिस ने प्रस्ताव मंज़ूर होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसे डेमोक्रैट सासंदों की साज़िश बताया और कहा कि वो ये सब सिर्फ़ इसलिए कर रहे ताकि डोनल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति चुनाव न जीत पाएं.

स्केलिस ने कहा, ''हम इतिहास के एक अहम मोड़ पर हैं. ये स्पष्ट है कि ऐसे लोग भी हैं जो साल 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों से ख़ुश नहीं हैं. ख़ुश होना या न होना उनका अधिकार है लेकिन ये देश अगले साल तय करेगा कि राष्ट्रपति कौन बनेगा. ये नैन्सी पेलोसी और मुट्ठी भर लोग तय नहीं करेंगे कि हमारा राष्ट्रपति कौन बनेगा.''

इस प्रस्ताव के साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है जिसकी परिणति राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग कार्यवाही की सिफ़ारिश के रूप में हो सकती है.

यदि ऐसा हुआ और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने इसके पक्ष में समर्थन दिया तो अमरीकी संसद के उच्च सदन सीनेट में राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ सुनवाई का रास्ता साफ़ हो जाएगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)