सऊदी अरब के लिए जासूसी करते थे ट्विटर कर्मचारी?

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अमरीका में ट्विटर के दो पूर्व कर्मचारियों पर सऊदी अरब के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है.

सैन फ्रांसिस्को में बुधवार को सामने आए इस मामले में आरोप है कि सऊदी एजेंटों ने सऊदी अरब की सरकार के आलोचकों समेत ट्विटर के कई यूजर्स की व्यक्तिगत सूचनाएं मांगी थीं.

इन दो एजेंटों के नाम अमरीकी नागरिक अहमद अबुउआमो और सऊदी अरब के नागरिक अली अलज़बरा बताया गया है.

इन दो लोगों के अलावा सऊदी नागरिक अहमद अलमुतैरी पर भी जासूसी का आरोप लगा है. अलमुतैरी पर आरोप है कि वे दोनों एजेंट्स और सऊदी अधिकारियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे.

बुधवार को सिएटल की अदालत ने अहमद अबुउआमो को हिरासत में भेज दिया. उन पर डॉक्युमेंट्स में हेराफेरी और एफ़बीआई से ग़लतबयानी का भी आरोप है.

जमाल ख़ाशोज्जी

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इमेज कैप्शन, ख़ाशोज्जी 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे जहां उनकी हत्या कर दी गई थी. वे सऊदी सरकार के आलोचक माने जाने वाले पत्रकार थे

बताया जाता है कि अबुउआमो ने 2015 में ट्विटर की अपनी मीडिया पार्टनरशिप मैनेजर की नौकरी छोड़ दी थी.

यह भी माना जा रहा है कि अली अलज़बरा और अहमद अलमुतैरी दोनों इस वक्त सऊदी अरब में है.

ट्विटर में इंजीनियर रह चुके अलज़बरा ने 2015 में छह हज़ार से अधिक ट्विटर यूज़र्स के पर्सनल डेटा को खंगाला था.

जांचकर्ताओं ने कहा कि तब उस मामले में सुपरवाइज़र्स ने दखल दी और अलज़बरा को छुट्टी पर भेज दिया गया. उसके बाद अलज़बरा, उनकी पत्नी और बेटी सभी सऊदी अरब चले गए.

ट्विटर ने एक बयान में कहा कि वो यह देख रहा है कि उसकी सर्विस को कमज़ोर करने की कोशिशों में लोग किस हद तक जा सकते हैं.

ट्विटर ने लिखा, "हम दुनिया के साथ अपना नज़रिया साझा करने और सत्ता में जवाबदेही रखने के लिए ट्विटर का उपयोग करने वालों के लिए अविश्वसनीय ख़तरे को समझते हैं. हमारे पास हमारे यूजर्स की गोपनीयता और महत्वपूर्ण कार्य करने की उनकी क्षमताओं की रक्षा करने लायक टूल्स हैं. "

प्रिंस सलमान

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सऊदी अरब मध्य पूर्व में अमरीका का एक महत्वपूर्ण साझीदार देश है.

पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की निंदा के बावजूद उन्होंने सऊदी अरब से घनिष्ठ संबंध बनाए रखा.

ख़ाशोज्जी 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे जहां उनकी हत्या कर दी गई थी. वे सऊदी सरकार के आलोचक माने जाने वाले पत्रकार थे.

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