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अबु बक्र अल-बग़दादीः आईएस प्रमुख की बड़ी बहन को तुर्की ने किया गिरफ़्तार
तुर्की का कहना है कि चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के पूर्व प्रमुख अबु बक्र अल-बग़दादी की बहन को उत्तरी सीरिया में गिरफ़्तार किया गया है. बग़दादी की पिछले हफ़्ते एक अमरीकी हमले में मौत हो गई थी.
बग़दादी की 65 वर्षीया बहन रस्मिया अवाद को उत्तरी सीरिया में तुर्की के कब्ज़े वाले अज़ाज़ शहर में गिरफ़्तार किया गया. वो वहाँ अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रह रही थीं.
तुर्की के एक अधिकारी ने बताया कि इस गिरफ़्तारी से आईएस से जुड़ी कई महत्वपूर्ण ख़ुफ़िया जानकारियों से पर्दा उठ सकता है.
हालाँकि जानकारों को तुर्की के इस दावे पर संदेह है मगर उन्होंने ये माना कि उनसे बग़दादी की ज़िंदगी और इस्लामिक स्टेट के ढाँचे के बारे में कुछ जानकारी मिल सकती है.
बग़दादी की बहन के बारे में जानकारी बहुत कम है और बीबीसी अभी तक स्वतंत्र रूप से गिरफ़्तार महिला की पहचान की पुष्टि करने में सक्षम नहीं है.
न्यूयार्क टाइम्स ने ख़बर दी है कि बग़दादी के पांच भाई और कई बहनें हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे सभी जीवित हैं.
कहां गिरफ़्तार किया गया?
बग़दादी की बहन को कथित तौर पर सीरिया के अलेप्पो प्रांत में गिरफ़्तार किया गया. बीते महीने तुर्की ने एक सैन्य अभियान के बाद इस समूचे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया था.
जानकारों का कहना है कि ये इलाक़ा इस्लामिक स्टेट सदस्यों के रिश्तेदारों की तस्करी के एक रास्ते के तौर पर जाना जाता है.
तुर्की के एक अधिकारी ने एपी न्यूज एजेंसी को बताया कि बग़दादी की बहन अवाद एक ट्रेलर में अपने पति, बहू और पांच बच्चों के साथ रह रही थीं.
तुर्की के अधिकारियों ने बताया कि चरमपंथी संगठन से जुड़े होने के संदेह में उनसे पूछताछ की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि अवाद ख़ुफ़िया जानकारी का एक खजाना हो सकती हैं.
जानकारों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अवाद कितनी उपयोगी जानकारी मुहैया करा सकती हैं या उन्होंने बग़दादी के साथ कितना समय बिताया है.
हडसन इंस्टीट्यूट में आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञ माइक प्रेगेंट ने बीबीसी वर्ल्ड न्यूज़ को बताया कि "मुझे नहीं लगता है कि वह किसी भी आगामी हमले की योजना में शामिल रही होंगी. हालांकि, उन्हें तस्करी के रास्तों के बारे में जानकारी हो सकती है. उन्हें ऐसे नेटवर्क की जानकारी हो सकती है जो बग़दादी के करीबी थे और जो उन्हें और उनके परिवार को एक जगह से दूसरी जगह तक जाने में मदद करता था."
उन्होंने बताया, "इससे हमारे अमरीकी ख़ुफ़िया और अन्य संबद्ध ख़ुफ़िया अधिकारियों को (आईएस) नेटवर्क और उसके परिवार के सदस्यों की आवाजाही, उनकी यात्रा और उनके भरोसेमंद के बारे में जानकारी मिल सकेंगी."
बग़दादी का क्या हुआ?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 27 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में बग़दादी की मौत की घोषणा करते हुए कहा था कि अमरीकी सेना ने सीरिया में एक ऑपरेशन किया जिस दौरान बग़दादी ने अपने आप को आत्मघाती जैकेट के धमाके से उड़ा दिया.
ट्रंप से मिली जानकारी की मुताबिक़ ऑपरेशन में किसी अमरीकी सैनिक की मौत नहीं हुई है लेकिन बग़दादी के कई अनुयायी मारे गए हैं और कुछ को पकड़ा भी गया है.
ट्रंप ने ये भी कहा कि इस ऑपरेशन से अमरीकी सेना को 'बहुत सी संवेदनशील जानकारियां और चीज़ें' मिली हैं.
अमरीकी सेना ने बाद में हमले का फुटेज जारी किया. इसमें, नज़र आ रहा है कि हेलीकॉप्टर्स से ज़मीन पर बंदूकधारियों पर गोलीबारी किया जा रहा है. हेलीकॉप्टर एक परिसर की ओर उड़ रहे थे, जहां बगदादी छिपा हुआ था.
सेना ने कहा कि लैंडिंग पर अमरीकी विशेष बलों के कमांडो ने परिसर की दीवारों में छेद किए और बग़दादी से आत्मसमर्पण करने को कहा. लेकिन वह एक सुरंग में भाग गया और एक आत्मघाती बम विस्फोट कर दिया. इस विस्फोट में वे खुद और उसके दो बच्चे भी मारे गए.
ट्रंप ने कहा कि बग़दादी की मौत की पुष्टि के लिए उसका डीएनए टेस्ट किया गया. छापेमारी के बाद एक हवाई हमले में परिसर को ध्वस्त कर दिया गया.
बग़दादी के मौत के बाद अबु इब्राहिम अल-हाशमी अल-कुरैशी को आईएस का नया नेता और 'ख़लीफ़ा' बनाया गया है.
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