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पाकिस्तानः चलती ट्रेन में लगी भीषण आग से 74 लोगों की मौत
पाकिस्तान रेलवे की तेज़गाम एक्सप्रेस में आग लगने से कम से कम 74 लोगों की मौत हो गई है और उनमें ज़्यादातर की पहचान नहीं हो सकी है.
तेज़गाम एक्सप्रेस कराची से रावलपिंडी के बीच चलती है. रावलपिंडी की ओर जाते समय लियाक़त पुर में उसकी तीन बोगियों में आग लग गई.
रहीम यार ख़ान के डिप्टी कमिश्नर जमील अहमद जमील ने बीबीसी को बताया है कि घटना में 74 लोगों की मौत हुई है जबकि 40 अन्य लोग ज़ख़्मी हैं. अधिकारियों के मुताबिक मृतकों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है. घायलों का शेख़ ज़ाएद अस्पताल के बर्न सेंटर इलाज चल रहा है.
कैसे हुआ हादसा?
रेल मंत्री शेख राशिद अहमद का कहना था कि पीड़ितों में तबलीग़ी जमात का एक समूह था जो लाहौर में इज्तिमा के लिए यात्रा कर रहा था.
उनका कहना था कि यात्रियों के पास नाश्ते का सामान, सिलिंडर और चूल्हे थे, सिलिंडर के फटने से आग लगी.
उन्होंने बताया कि आग पर क़ाबू पा लिया गया है और तीन बोगियां प्रभावित हुई हैं. ज़ख़्मियों को क़रीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
उनका कहना था कि ट्रेन पटरी से नहीं उतरी और उसे एक घंटे के अंदर-अंदर लियाक़तपुर जंक्शन पहुंचा दिया जाएगा.
हादसे के बाद कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था लेकिन बाद में पाकिस्तान रेलवे की 134 ट्रेनों और उनके अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम को बहाल कर दिया गया.
इमरान ख़ान ने जताया दुख
रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक़, घटना का संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने दुख ज़ाहिर किया है और पीड़ितों को ठीक इलाज देने का आदेश जारी किया है. इमरान ख़ान ने ट्वीट करते हुए बताया कि इस हादसे की तुरंत जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
रेल मंत्री शेख़ रशीद ने बताया है कि यात्रियों और ट्रेन का बीमा हुआ है जिससे आर्थिक नुक़सान की क्षतिपूर्ति हो सकेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना की आगे जांच की जाएगी.
निजी चैनल से बात करते हुए शेख़ रशीद का कहना था कि एक ही नाम से कई बोगियों की बुकिंग हुई थी. अधिकारी मारे गए लोगों की शिनाख़्त करने की कोशिश कर रहे हैं.
पाकिस्तान के रेल मंत्री ने कहा, "गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे तेज़गाम में अमीर हुसैन साहब जो तबलीग़ी (धर्म प्रचारक) जमात के अमीर हैं, ने दो कोचें बुक की थीं. वो ज़िंदा हैं. इसमें वो मेहराबपुर, नवाबशाह हैदराबाद से उन्होंने सवारियों को बिठाया. इसमें दो सिलिंडर और चूल्हा फट जाने की वजह से 62 पैसेंजर की मौत हो गई."
''पीड़ित परिवारों को 15 लाख और घायलों को पांच लाख रुपये की मदद दी जाएगी. आर्मी और दूसरी जमातें मौक़े पर पहुंच गई हैं. मैं ख़ुद वहां जा रहा हूँ ताकि इमदाद को मॉनिटर कर सकूं. आमिर हुसैन साब से राब्ता हो गया है. सबके नाम मौजूद हैं. हम परिवारों से संपर्क करेंगे."
हाल के दिनों में पाकिस्तान में हुई रेल दुर्घटनाएं
देश में अब तक कई बड़े ट्रेन हादसे हुए हैं लेकिन यह अब तक का सबसे भीषण रेल हादसा है.
इसी वर्ष जुलाई में हुए एक रेल हादसे में 11 लोग जबकि सितंबर में हुए एक अन्य हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी.
2007 में मेहराबपुर के समीप हुए रेल हादसे में 56 लोगों की मौत जबकि 120 लोग घायल हो गए थे.
2005 में सिंध प्रांत में तीन ट्रेनों के टकराने से हुए हादसे में 130 लोगों की मौत हो गई थी.
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