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पाकिस्तान के सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन साल बढ़ा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा के कार्यकाल को तीन साल के लिए बढ़ा दिया है.
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक जनरल बाजवा के कार्यकाल को बढ़ाने का फैसला क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
जनरल बाजवा के कार्यकाल को बढ़ाए जाने की खबरें कई महीनों से चल रही थी.
जनरल क़मर जावेद बाजवा ने नवंबर 2016 में सेना की कमान संभाली थी. उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री मियां नवाज शरीफ ने सेना का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया था.
सेना की कमान जनरल राहील शरीफ़ से जनरल बाजवा को हस्तांतरित की गई थी.
हालांकि जनरल बाजवा को इस साल नवंबर में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन सेवानिवृत्ति से ठीक दो महीने पहले उन्हें सेवा विस्तार दिया गया है.
- यह भी पढ़ें | कौन हैं जनरल क़मर जावेद बाजवा?
अद्भुत केमेस्ट्री
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी संक्षिप्त अधिसचूना को मुताबिक, "जनरल क़मर जावेद बाजवा को तीन साल के एक और अतिरिक्त कार्यकाल के लिए सेनाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह कार्यकाल उनके वर्तमान कार्यकाल के पूरा होने की तारीख से शुरू होगा."
यह अधिसूचना प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के हस्ताक्षर के बाद जारी की गई है.
देश के मामलों में सेना की दखल के कारण सेना प्रमुख की नियुक्ति और सेवा विस्तार किसी भी प्रधानमंत्री के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक माना जाता है. यह सरकार-सैन्य संबंधों को परिभाषित करता है. कई लोग मानते हैं कि इसका सीधा असर देश की सरकार और उसके निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है.
विश्लेषकों का कहना है कि जनरल बाजवा और इमरान ख़ान के बीच की केमेस्ट्री अद्भुत हैं. काफी लंबे वक़्त के बाद ऐसी स्थिति आई है जब पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व एक दिशा में देश के भविष्य के लिए सोच रहे हैं.
वहीं देश के विपक्षी नेताओं के आरोप हैं कि इमरान ख़ान ने सेना की मदद से सत्ता हासिल की है. हालांकि इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई इन आरोपों को खारिज करती है.
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