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सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सलमान के कारण अमरीका गए इमरान ख़ान: पाक उर्दू प्रेस
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते, इमरान ख़ान की अमरीका यात्रा, हाफ़िज़ सईद की गिरफ़्तारी, कुलभूषण जाधव मामले की आईसीजे में सुनवाई से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.
सबसे पहले बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की अमरीका यात्रा की.
इमरान ख़ान तीन दिनों के अमरीकी दौरे पर रवाना हो गए हैं. अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से उनकी मुलाक़ात मंगलवार को होगी.
एमबीएस ने की सिफ़ारिश
अख़बार एक्सप्रेस ने सुर्ख़ी लगाई है, ''ट्रंप-इमरान मुलाक़ात के पीछे सऊदी राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान''.
अख़बार लिखता है कि इमरान ख़ान की अमरीका यात्रा कई महीनों की राजनयिक कोशिशों का नतीजा है. लेकिन इसमें सबसे अहम किरदार सऊदी अरब के राजकुमार और सऊदी राजगद्दी के वारिस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) का है.
अख़बार के अनुसार एमबीएस ने ट्रंप के दामाद के ज़रिए ट्रंप की तरफ़ से इमरान ख़ान को अमरीका आने का दावतनामा भिजवाया है.
बैक चैनल डिप्लोमेसी में शामिल एक उच्च अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखे जाने की शर्त पर अख़बार एक्सप्रेस से कहा कि इमरान ख़ान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अकेले मिलना चाहते थे ताकि वो उन ग़लतफ़हमियों को दूर कर सकें जो इस क्षेत्र में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर ट्रंप के ज़ेहन में हो सकती थीं.
लेकिन, दोनों देशों के बीच ख़राब संबंध के कारण अमरीकी प्रशासन को इस बात के लिए तैयार करना आसान नहीं था. इसलिए पाकिस्तान ने अमरीकी प्रशासन को दरकिनार कर सीधे ट्रंप से संवाद करने की कोशिश की.
पाकिस्तान ने इस काम के लिए ग़ैर-परम्परागत रवैया अपनाने का फ़ैसला किया. इसके लिए पाकिस्तान ने सऊदी अरब की मदद ली.
इमरान ख़ान ने काफ़ी कम समय में एमबीएस से कई मुलाक़ाते कीं. एमबीएस और ट्रंप के दामाद बहुत अच्छे दोस्त हैं. आख़िरकार एमबीएस ने ही ट्रंप के दामाद के ज़रिए इमरान ख़ान को अमरीका की तरफ़ से बुलाने का न्यौता भिजवाया.
अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान के साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा भी होंगे. अख़बार लिखता है कि भारत भी इस यात्रा पर नज़र गड़ाए हुए है.
हाफ़िज़ सईद की गिरफ़्तारी
इमरान ख़ान की अमरीका यात्रा से ठीक पहले पाकिस्तान की धरती पर सक्रिय चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद को गिरफ्तार कर लिया गया है.
अख़बार दुनिया के अनुसार हाफ़िज़ सईद को गुजरानवाला से पाकिस्तानी सेना ने गिरफ़्तार किया था. हाफ़िज़ सईद पर मुंबई हमलों (2008) के मास्टरमाइंड होने का आरोप है. उन्हें गिरफ़्तार कर सात दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
बात कुलभूषण जाधव की
जासूसी के आरोप में पाकिस्तान में मौत की सज़ा सुनाए गए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस यानी अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने अपना फ़ैसला सुना दिया है.
अदालत ने कुलभूषण की रिहाई की भारतीय अपील को ठुकरा दिया है लेकिन साथ ही पाकिस्तान से कहा है कि वो कुलभूषण की मौत की सज़ा पर दोबारा विचार करे. अदालत ने पाकिस्तान से ये भी कहा कि वो कुलभूषण जाधव को कांसुलर ऐक्सेस दिलवाए.
अख़बार जंग ने पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल के हवाले से कहा है कि ये पाकिस्तान की जीत है.
अख़बार के अनुसार अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आईसीजे का फ़ैसला पाकिस्तान के स्टैंड का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि आईसीजे के फ़ैसले ने ये साफ़ कर दिया है कि कुलभूषण जाधव रिहा नहीं होंगे और पाकिस्तान में ही रहेंगे.
एक्सप्रेस अख़बार ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तानी मिलिट्री कोर्ट के फ़ैसले को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ क़रार दिए जाने की कोशिश में भारत नाकाम रहा है.
एक्सप्रेस ने इसी मामले में एक और सुर्ख़ी लगाई है, ''उलटी गंगा: अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में हारकर भी जीत का भारतीय प्रोपगैंडा''.
दरअसल, भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आईसीजे के फ़ैसले को भारत की जीत क़रार देते हुए इसका स्वागत किया था.
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