लीबिया हमला: हवाई हमले में 40 की मौत

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लीबिया के एक शरणार्थी शिविर पर हुए हवाई हमले में कम से कम चालीस लोग मारे गए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि यह हमला शरणार्थी केंद्र पर हुआ जिसकी वजह से चालीस लोगों की मौत हो गई और क़रीब 80 लोग इस हमले में घायल हो गए. यह हमला लीबिया की राजधानी त्रिपोली के पूर्वी हिस्से में हुआ.
शुरुआती जानकारी के अनुसार मारे गए लोगों में से अधिकतर अफ्रीकी शरणार्थीं हैं.
बीते कुछ सालों से यूरोप जाने वाले शरणार्थियों के लिए लीबिया एक प्रमुख फौजी चौकी बनी हुई है.
लंबे समय के शासक मुअम्मर गद्दाफी को 2011 में अपदस्थ और मारे जाने के बाद से देश हिंसा और विभाजन से टूट गया है.
आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता ओसामा अली ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया जिस जगह यह हमला हुआ वहां क़रीब 120 शरणार्थी थे.
अली ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मरने वालों की संख्या अभी और भी बढ़ सकती है क्योंकि जो आंकड़े अभी आ रहे हैं वो बेहद शुरुआती हैं.
संयुक्त राष्ट्र के समर्थन वाली और प्रधानमंत्री फायेज़ अल सेरा के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट ऑफ़ नेशनल अकॉर्ड ने त्रिपोली के पूर्वी उप-नगर ताजौरा में हुए हवाई हमले के लिए लीबयन नेशनल आर्मी पर आरोप लगाया है.
एक बयान में कहा गया है कि यह हमला "पूर्व-निर्धारित" था. उन्होंने इसे "जघन्य अपराध" बताया है.
लीबयन नेशनल आर्मी का नेतृत्व ख़लीफ़ा हफ़्तार करते हैं जिन्हें काफी ताक़तवर माना जाता है.
एक ओर सरकार लीबयन नेशनल आर्मी पर हमले का आरोप लगा रही है वहीं लिबयन नेशनल आर्मी के प्रवक्ता ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि उनकी फ़ोर्स ने किसी भी शरणार्थी केंद्र पर हमला नहीं किया है.
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था का कहना है कि यह बेहद चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि शरणार्थी केंद्र पर हुआ हमला चिंता का विषय है.
डॉक्टर ख़ालिद बिन अत्तिया ने हमले के बाद घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने बीबीसी को बताया, "हर तरफ़ लोग तितर-बितर हुए पड़े थे."
"शरणार्थी केंद्र तबाह हो चुके थे, लोग रो रहे थे वे मानसिक तौर पर बहुत परेशान थे.वह बेहद डरावना था."
यूरोप जाने वाले हज़ारों लोग इन सरकार द्वारा संचालित शरणार्थी शिविरों में शरण लेते हैं. कई बार ये शरणार्थी केंद्र ऐसी जगहों पर होते हैं जहां हमेशा कोई न कोई परेशानी बनी रहती है.
मानवाधिकार समूहों द्वारा कई बार इन शरणार्थी शिविरों की ख़राब हालत को लेकर आलोचना हो चुकी है.
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