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अमरीका-मैक्सिको बॉर्डर से आई आप्रवासी बाप-बेटी की विचलित करने वाली तस्वीर
अल सल्वाडोर की सरकार ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे अमरीका में घुसने की कोशिश में अपनी जान जोख़िम में न डालें.
सरकार की ओर से ये बयान उस घटना के बाद आया है, जिसमें एक व्यक्ति और उसकी बच्ची की रियो ग्रैंड नदी में डूबकर मौत हो गई है.
पिता और उनकी 23 महीने की बेटी के शव की तस्वीर दिल दहलाने वाली है और लोगों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
इसी बीच अमरीकी और मैक्सिको ने बिना दस्तावेज़ के आने वाले विदेशी लोगों पर लगाम लगाने के लिए कड़े क़दम उठाए हैं. इनमें से ज़्यादातर लोग सेंट्रल अमरीका से आते हैं.
हाल के दिनों में इस तरह की घटना में छह लोगों की मौत हुई है.
चेतावनी: इस रिपोर्ट की तस्वीर आपको विचलित कर सकती है.
इन देशों से आने वाले लोगों का कहना है कि वे होंडूरास, ग्वाटेमाला और अल सल्वाडोर से इसलिए भाग रहे हैं, क्योंकि वहाँ काफ़ी हिंसा हो रही है और ग़रीबी भी बहुत है. वे अमरीका में शरण लेने की कोशिश में यहाँ आते हैं.
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना करने वाले लोगों का आरोप है कि आप्रवासियों पर उनकी नीति के कारण ही लोग अमरीका आने के लिए ख़तरनाक रास्तों का चुनाव करते हैं.
वर्ष 2018 में अमरीका-मैक्सिको सीमा पर कम से कम 283 आप्रवासी मारे गए थे. ये आंकड़ा यूएस बॉर्डर पेट्रोल का है, हालांकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये संख्या कहीं और ज़्यादा है.
नदी की तेज़ धारा में बह गए
25 वर्षीय ऑस्कर अल्बर्टो मार्टिनेज़ रामीरेज़ अपनी बेटी वलेरिया के साथ रविवार को मैक्सिको के माटामोरोस से अमरीका के टेक्सस में आने की कोशिश कर रहे थे.
उनकी और उनकी बेटी के तैरते शव की तस्वीर पत्रकार जुलिया ली डक ने सोमवार को ली थी. ये तस्वीर मैक्सिकन अख़बार ला जोर्नाडा ने छापी थी.
माना जा रहा है कि पिता और बेटी रियो ग्रैंड की तेज़ धारा में डूब गए.
रामीरेज़ की पत्नी तानिया वेनेसा अवालोस ने समाचार एजेंसी एपी को बताया है कि वे पिछले दो महीने से मानवीय वीज़ा पर मैक्सिको में रह रहे थे.
आधिकारिक रूप से शरण लेने के लिए अमरीकी अधिकारियों से न मिल पाने से हताश-परेशान रामीरेज़ ने नदी पार करके अमरीका में घुसने का फ़ैसला किया.
उनकी पत्नी ने मैक्सिको की पुलिस को बताया है कि रामीरेज़ अपनी बेटी के साथ नदी पार करने में सफल हुए थे. लेकिन जब वे अपनी पत्नी को लाने के लिए वापस आ रहे थे, तो बेटी घबरा गई और नदी में कूद गई. रामीरेज़ ने अपनी बेटी तक पहुँच गए थे. लेकिन नदी की तेज़ धारा में दोनों बह गए.
दूसरी ओर रामीरेज़ की माँ ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि उन्होंने अपने बेटे को न जाने के लिए कहा था, लेकिन वो पैसे कमाकर अपना एक घर बनाना चाहता था.
विदेश मंत्री की अपील
अल सल्वाडोर के विदेश मंत्री एलेक्जेंड्रा हिल ने कहा है कि ग़ैर क़ानूनी रूप से जाने के लिए वे अपनी जान जोख़िम में न डालें.
मैक्सिको की सरकार ने कहा है कि वो उन दोनों के शव अपने ख़र्च पर लाएगी और परिजनों को जो भी ज़रूरत होगी, उसे पूरा किया जाएगा.
मैक्सिको के राष्ट्रपति आंद्रे मैनुएल लोपेज़ ओब्राडोर ने भी लोगों को चेतावनी दी है कि वे ऐसा न करें और उन्होंने मौत पर अफसोस भी जताया है.
वेटिकन की ओर से भी एक बयान आया है, जिसमें कहा गया है कि पोप फ़्रांसिस ने तस्वीर देखी है और उन्हें इससे काफ़ी दुख पहुँचा है.
इस तस्वीर की तुलना सीरियाई लड़के एलेन कुर्दी से की जा रही है, जो सीरिया के युद्ध में मानवीय त्रासदी का प्रतीक बन गया था.
इस महीने की शुरुआत में मैक्सको और अमरीका के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें ग़ैर क़ानूनी रूप से आप्रवासियों के आने पर लगाम लगाने की बात कही गई थी. उसके बाद से बड़ी संख्या में बिना दस्तावेज़ वाले आप्रवासियों को वापस भेजा गया है और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. और ये संख्या पहले के मुक़ाबले बढ़ी है.
इस बीच अमरीकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स ने अमरीका-मैक्सिको सीमा पर मानवीय सहायता के लिए 4.5 अरब डॉलर की राशि मंज़ूर की है. लेकिन इस विधेयक को रिपब्लिकन के नियंत्रण वाले सीनेट में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है.
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